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उर्स कमेटी ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग
Updated Mon, 08 Jan 2018 03:09 AM IST
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उर्स कमेटी ने डीएम से की निष्पक्ष जांच की मांग
ललितपुर।
बाबा सदनशाह उर्स कमेटी और शहर के विभिन्न गैर मुस्लिम संगठनों ने डीएम को एक ज्ञापन देकर कमेटी जिला स्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए हैं और सदनशाह उर्स कमेटी के दो पदाधिकारियों को भूमाफिया घोषित करने और दुकानों को सरकारी संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है।
कमेटी द्वारा जिलाधिकारी को दिए एक ज्ञापन में गत दिनों सदनशाह उर्स कमेटी के पदाधिकारियों व संपत्ति के मामले में जो कार्रवाई की गई है। मामले में बताया गया है कि उक्त भूखंड 518 के संदर्भ में यह उल्लेखित किया गया है कि उक्त भूमि पर बाबा सदनशाह उर्स कमेटी जमीयतुल कुरैश के पदाधिकारीगण अवैध कब्जा किए हैं एवं उर्स कमेटी के सदस्य भूमाफिया घोषित किए जाने योग्य हैं। इस संदर्भ में जिला स्तरीय समिति गठित कर जांच कराए जाने का उल्लेख किया गया है। कमेटी ने आरोप लगाया है कि कभी भी जिलास्तरीय समिति ने उर्स कमेटी और शिकायतकर्ताओें के बयान नहीं लिए गए और न ही किसी भी प्रकार का कोई साक्ष्य लिया और न ही दस्तावेजों की कोई जांच की। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ में आज भी हरजत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला का मजार व उससे संलग्न संपत्ति वक्फ नंबर 143 के रूप में दर्ज है। वक्फ में निहित संपत्ति का दाखिल खारिज उपरोक्त नजूल भूमि पर किया जाना चाहिए था, जो कि लेखकीय भूल है। वक्फ नंबर 143 के रजिस्टर में उक्त वक्फ की संपत्तियों का मिलान किया जा सकता है और उक्त नंबर की संपत्ति में स्पष्ट है कि उक्त वक्फ की संपत्तियां अवैध कब्जा की श्रेणी में नहीं आती हैं। उक्त परिसर के अंदर ही दुकानों का निर्माण है और इसके लिए जिलास्तरीय समिति द्वारा हितबद्ध व्यक्तियों के प्रभाव में आकर अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से कार्रवाई की प्रस्तावना तैयार की गई है। साक्ष्य व प्रमाण के साथ इस संपत्ति का सर्वे कराकर हकीकत सामने लाई जाए। कमेटी और संगठनों के पदाधिकारियों ने उक्त मामले में भूमाफिया की कार्रवाई और दुकानों को राजसात किए जाने के आदेश की कार्रवाई निरस्त किए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर उर्स कमेटी के संरक्षक सुजान सिंह बुंदेला, जिला मुस्लिम एसोसिएशन सदर असलम कुरैशी, सर्व ब्राह्मण महामंडल के अध्यक्ष प्रभात दीक्षित, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष नेमि कुमार जैन, श्री दिगंबर जैन पंचायत के महामंत्री डॉ. अक्षय टड़ैया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा आल्हा प्रसाद निरंजन, उर्स कमेटी के जनरल सेक्रेटरी डॉ. सतीश सुड़ेले, ब्राह्मण महामंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार पटैरिया, अधिवक्ता शरद चौबे, अफजुल रहमान, मुरारी लाल जैन, राजेंद्र रजक, पार्षद जहीर अली, नाजिया, बाकर अली आदि के हस्ताक्षर हैं।
वक्फ कमेटी से तीन पदाधिकारी निष्कासित
जिला वक्फ कमेटी की एक बैठक रविवार को ग्राम पनारी में कमेटी के जिलाध्यक्ष जाकिर खां राज चौहान के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें संयुक्त सचिव हाजी इकबाल बेेग ने वर्तमान वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने और जिला प्रशासन को की गई शिकायतों के संबंध विस्तार से बताया और प्रशासन द्वारा की जाने वाली उर्स कमेटी के दो पदाधिकारियों पर होने वाली भूमाफिया घोषित किए जाने पर संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने जिला वक्फ कमेटी के कुछ पदाधिकारियों और सदस्य कमेटी के विरुद्ध कार्य करने में लिप्त होने और कई बार समझाए जाने के बाद भी वक्फ संपत्तियों को खुर्द बुर्द करने की आशंका के चलते कमेटी की छवि धूमिल हो रही है। इसके लिए संयुक्त सचिव ने वक्फ कमेटी के जिला उपाध्यक्ष शेख नासिर, जिला ऑडीटर रियाज मंसूरी एवं सदस्य शोएब राइन के विरुद्ध कार्य करने और निष्क्रिय होने पर कमेटी से निष्कासित कर दिया गया।
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ललितपुर।
बाबा सदनशाह उर्स कमेटी और शहर के विभिन्न गैर मुस्लिम संगठनों ने डीएम को एक ज्ञापन देकर कमेटी जिला स्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट पर सवाल खड़े किए हैं और सदनशाह उर्स कमेटी के दो पदाधिकारियों को भूमाफिया घोषित करने और दुकानों को सरकारी संपत्ति घोषित करने की कार्रवाई को निरस्त करने की मांग की है।
कमेटी द्वारा जिलाधिकारी को दिए एक ज्ञापन में गत दिनों सदनशाह उर्स कमेटी के पदाधिकारियों व संपत्ति के मामले में जो कार्रवाई की गई है। मामले में बताया गया है कि उक्त भूखंड 518 के संदर्भ में यह उल्लेखित किया गया है कि उक्त भूमि पर बाबा सदनशाह उर्स कमेटी जमीयतुल कुरैश के पदाधिकारीगण अवैध कब्जा किए हैं एवं उर्स कमेटी के सदस्य भूमाफिया घोषित किए जाने योग्य हैं। इस संदर्भ में जिला स्तरीय समिति गठित कर जांच कराए जाने का उल्लेख किया गया है। कमेटी ने आरोप लगाया है कि कभी भी जिलास्तरीय समिति ने उर्स कमेटी और शिकायतकर्ताओें के बयान नहीं लिए गए और न ही किसी भी प्रकार का कोई साक्ष्य लिया और न ही दस्तावेजों की कोई जांच की। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ में आज भी हरजत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला का मजार व उससे संलग्न संपत्ति वक्फ नंबर 143 के रूप में दर्ज है। वक्फ में निहित संपत्ति का दाखिल खारिज उपरोक्त नजूल भूमि पर किया जाना चाहिए था, जो कि लेखकीय भूल है। वक्फ नंबर 143 के रजिस्टर में उक्त वक्फ की संपत्तियों का मिलान किया जा सकता है और उक्त नंबर की संपत्ति में स्पष्ट है कि उक्त वक्फ की संपत्तियां अवैध कब्जा की श्रेणी में नहीं आती हैं। उक्त परिसर के अंदर ही दुकानों का निर्माण है और इसके लिए जिलास्तरीय समिति द्वारा हितबद्ध व्यक्तियों के प्रभाव में आकर अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से कार्रवाई की प्रस्तावना तैयार की गई है। साक्ष्य व प्रमाण के साथ इस संपत्ति का सर्वे कराकर हकीकत सामने लाई जाए। कमेटी और संगठनों के पदाधिकारियों ने उक्त मामले में भूमाफिया की कार्रवाई और दुकानों को राजसात किए जाने के आदेश की कार्रवाई निरस्त किए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर उर्स कमेटी के संरक्षक सुजान सिंह बुंदेला, जिला मुस्लिम एसोसिएशन सदर असलम कुरैशी, सर्व ब्राह्मण महामंडल के अध्यक्ष प्रभात दीक्षित, जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष नेमि कुमार जैन, श्री दिगंबर जैन पंचायत के महामंत्री डॉ. अक्षय टड़ैया, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा आल्हा प्रसाद निरंजन, उर्स कमेटी के जनरल सेक्रेटरी डॉ. सतीश सुड़ेले, ब्राह्मण महामंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार पटैरिया, अधिवक्ता शरद चौबे, अफजुल रहमान, मुरारी लाल जैन, राजेंद्र रजक, पार्षद जहीर अली, नाजिया, बाकर अली आदि के हस्ताक्षर हैं।
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वक्फ कमेटी से तीन पदाधिकारी निष्कासित
जिला वक्फ कमेटी की एक बैठक रविवार को ग्राम पनारी में कमेटी के जिलाध्यक्ष जाकिर खां राज चौहान के आवास पर आयोजित की गई, जिसमें संयुक्त सचिव हाजी इकबाल बेेग ने वर्तमान वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा होने और जिला प्रशासन को की गई शिकायतों के संबंध विस्तार से बताया और प्रशासन द्वारा की जाने वाली उर्स कमेटी के दो पदाधिकारियों पर होने वाली भूमाफिया घोषित किए जाने पर संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने जिला वक्फ कमेटी के कुछ पदाधिकारियों और सदस्य कमेटी के विरुद्ध कार्य करने में लिप्त होने और कई बार समझाए जाने के बाद भी वक्फ संपत्तियों को खुर्द बुर्द करने की आशंका के चलते कमेटी की छवि धूमिल हो रही है। इसके लिए संयुक्त सचिव ने वक्फ कमेटी के जिला उपाध्यक्ष शेख नासिर, जिला ऑडीटर रियाज मंसूरी एवं सदस्य शोएब राइन के विरुद्ध कार्य करने और निष्क्रिय होने पर कमेटी से निष्कासित कर दिया गया।
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