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पटाखों की दुकानों के लिए तीन दिन में सवा सौ आवेदन
Lalitpur
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:59 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर।
इस बार दीपावली से पूर्व आतिशबाजी की दुकानों के अस्थाई लाइसेंस के लिए तीन दिन में ही करीब सवा सौ लोगों द्वारा आवेदन कर दिए गए हैं, जबकि अभी तीन दिन और बाकी है। जिला प्रशासन द्वारा मानकों और पुलिस आख्या के आधार पर दुकानों के लिए लाटरी पद्धति से लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे। शहर में हर बार की तरह इस बार भी एक साथ आधा सैकड़ा दुकानें लगाई जाएंगी।
दीपावली का त्यौहार प्रकाश का पर्व के साथ ही खुशी का प्रतीक आतिशबाजी के लिए भी जाना जाता है। शहर में हर वर्ष तुवन मंदिर प्रांगण में आधा सैकड़ा दुकानों को पुलिस व प्रशासन की देखरेख में पटाखों की दुकानों का बाजार लगाया जाता है। यह बाजार धनतेरस के पूर्व ही स्थापित हो जाता है, ताकि लोग समय का सद्उपयोग कर पटाखों की खरीद कर सकें और दीपावली के दिन ही न संभालने वाली भारी भीड़ भाड़ नहीं पहुंचे। बता दें कि इस बार जिला मजिस्ट्रेट मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर दीपावली पर्व के चलते 17 से 21 अक्टूबर तक आतिशबाजी की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी करने के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट महेश प्रसाद दीक्षित को अधिग्रहीत किया गया है। तहसील ललितपुर क्षेत्र में आतिशबाजी, पटाखों के अस्थाई लाइसेंस के लिए पांच अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 11 अक्टूबर तक चलेगी। पटाखों की अस्थाई दुकानें के लाइसेंस के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय में अब तक तीन दिन में करीब सवा सौ आवेदन आ चुके हैं, जबकि अब भी तीन दिन और बाकी हैं। आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा पुलिस से उक्त आवेदन कर्ताओं के संबंध में आख्या मांगी जाएगी और पुलिस आख्या मिलने व मानकों को पूरा करने की शर्त पर लाटरी पद्धति से आधा सैकड़ा पटाखों की दुकानों को लगाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। हालांकि अभी पटाखा दुकान का बाजार के लिए अभी जगह निर्धारित किया जाना बाकी है, जिसका निर्णय शीघ्र ही लेकर स्थान का चयन किया जाएगा।
यह हैं पटाखा दुकानों के लिए मानक
शहर में पटाखों की दुुकानें लगाने के लिए दुकानदारों को जिला प्रशासन द्वारा जार किया जाने वाला लाइसेंस लेना जरुरी होता है। इसके बाद पटाखा दुकानों पर आग बुझाने के लिए बजरी से भरी बाल्टियां, पानी की टंकियां, फर्स्ट एड बॉक्स होना जरुरी है। इसकेे साथ ही गोदाम या दुकान के आगे पर्याप्त मात्रा में पार्किंग भी होनी चाहिए। हालांकि दीपावली के पटाखा मार्केट में आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग द्वारा भी फायरब्रिगेड वाहन भी रखा जाता है, ताकि जरुरत पड़ने पर तत्काल आग जैसी दुर्घटनाओं पर तत्काल काबू पाया जा सके। साथ ही यहा पर्याप्त मात्रा में पुलिस इंतजाम भी किए जाते हैं, जो यहां किसी भी परिस्थिति से निपट सकें।
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इस बार दीपावली से पूर्व आतिशबाजी की दुकानों के अस्थाई लाइसेंस के लिए तीन दिन में ही करीब सवा सौ लोगों द्वारा आवेदन कर दिए गए हैं, जबकि अभी तीन दिन और बाकी है। जिला प्रशासन द्वारा मानकों और पुलिस आख्या के आधार पर दुकानों के लिए लाटरी पद्धति से लाइसेंस आवंटित किए जाएंगे। शहर में हर बार की तरह इस बार भी एक साथ आधा सैकड़ा दुकानें लगाई जाएंगी।
दीपावली का त्यौहार प्रकाश का पर्व के साथ ही खुशी का प्रतीक आतिशबाजी के लिए भी जाना जाता है। शहर में हर वर्ष तुवन मंदिर प्रांगण में आधा सैकड़ा दुकानों को पुलिस व प्रशासन की देखरेख में पटाखों की दुकानों का बाजार लगाया जाता है। यह बाजार धनतेरस के पूर्व ही स्थापित हो जाता है, ताकि लोग समय का सद्उपयोग कर पटाखों की खरीद कर सकें और दीपावली के दिन ही न संभालने वाली भारी भीड़ भाड़ नहीं पहुंचे। बता दें कि इस बार जिला मजिस्ट्रेट मानवेंद्र सिंह के निर्देश पर दीपावली पर्व के चलते 17 से 21 अक्टूबर तक आतिशबाजी की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी करने के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट महेश प्रसाद दीक्षित को अधिग्रहीत किया गया है। तहसील ललितपुर क्षेत्र में आतिशबाजी, पटाखों के अस्थाई लाइसेंस के लिए पांच अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जो 11 अक्टूबर तक चलेगी। पटाखों की अस्थाई दुकानें के लाइसेंस के लिए उपजिलाधिकारी कार्यालय में अब तक तीन दिन में करीब सवा सौ आवेदन आ चुके हैं, जबकि अब भी तीन दिन और बाकी हैं। आवेदन की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद जिला प्रशासन द्वारा पुलिस से उक्त आवेदन कर्ताओं के संबंध में आख्या मांगी जाएगी और पुलिस आख्या मिलने व मानकों को पूरा करने की शर्त पर लाटरी पद्धति से आधा सैकड़ा पटाखों की दुकानों को लगाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे। हालांकि अभी पटाखा दुकान का बाजार के लिए अभी जगह निर्धारित किया जाना बाकी है, जिसका निर्णय शीघ्र ही लेकर स्थान का चयन किया जाएगा।
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यह हैं पटाखा दुकानों के लिए मानक
शहर में पटाखों की दुुकानें लगाने के लिए दुकानदारों को जिला प्रशासन द्वारा जार किया जाने वाला लाइसेंस लेना जरुरी होता है। इसके बाद पटाखा दुकानों पर आग बुझाने के लिए बजरी से भरी बाल्टियां, पानी की टंकियां, फर्स्ट एड बॉक्स होना जरुरी है। इसकेे साथ ही गोदाम या दुकान के आगे पर्याप्त मात्रा में पार्किंग भी होनी चाहिए। हालांकि दीपावली के पटाखा मार्केट में आग से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग द्वारा भी फायरब्रिगेड वाहन भी रखा जाता है, ताकि जरुरत पड़ने पर तत्काल आग जैसी दुर्घटनाओं पर तत्काल काबू पाया जा सके। साथ ही यहा पर्याप्त मात्रा में पुलिस इंतजाम भी किए जाते हैं, जो यहां किसी भी परिस्थिति से निपट सकें।
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