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Lalitpur News: परिषदीय विद्यालय के बच्चे फिर लिखेंगे इमला और सुलेख

Tue, 19 Sep 2023 01:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2023 01:19 AM IST
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Council school children will again write orthography and calligraphy
हिंदी लिखने-बोलने में हो रहीं गलतियों को लेकर शिक्षा विभाग ने शुरू की व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राआें को इमला और सुलेख लिखाया जाएगा। इससे छात्र-छात्राआें की हिंदी की गलतियां सुधरेंगी और उन्हें तेजी से लिखने का अभ्यास भी होगा। इसकी पहल शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है।
15-20 साल पहले परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में सुलेख और इमला के माध्यम से ज्ञान की नींव डाली जाती थी। इससे बच्चे शब्दों का सही उच्चारण करते थे और उनकी भाषा लिखने और बोलने में शुद्ध होती थी। लेकिन, कई सालों से सरकारी विद्यालयों में इमला और सुलेख की परंपरा खत्म हो गई है। शिक्षक भी इससे कतरा रहे हैं।
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हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में छात्र सुलेख और इमला के बारे में जानते ही नहीं हैं। इसका नतीजा यह है कि छात्र बोलते और लिखते समय कई गलतियां करते हैं। इसको लेकर अब विद्यालयों में सुलेख लिखने की कवायद शुरू की जा रही है। सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले दिनों में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएं इमला और सुलेख लिखते हुए दिखाई देंगे।
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इमला और सुलेख अब सरकारी विद्यालयों में दूर की कौड़ी हो चुके हैं। इस कारण से वर्तमान समय में अधिकांश बच्चे शब्दों का उच्चारण तक सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। बोलते समय ही नहीं, लिखने में भी बड़ी-बड़ी गलतियां करते हैं। लेकिन, इमला और सुलेख फिर से शुरू हुआ तो इससे बच्चों की भाषा में बड़ा सुधार आएगा। शिक्षकों को भी बच्चों की गतिविधि पर नजर रखने का पूरा अवसर मिलेगा।
-ईश्वरी सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक
पूर्व में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के बच्चों को इमला बोली जाती थी। इमला लिखने से बच्चे शब्दों का सही उच्चारण सीखते थे और बोले गए शब्द उनके दिमाग में एक छाप छोड़ते थे। इमला की जांच करते हुए शिक्षक भी एक-एक छात्र की कॉपी की जांचते थे। गलत मात्रा या शब्द पर निशान लगाकर उसे सुधरवाया जाता था। लेकिन इधर कई सालों से बच्चे इमला और सुलेख के बारे में जानते तक नहीं हैं।
-अरविंद तिवारी, सेवानिवृत्त शिक्षक
भाषागत शुद्धता के लिए आयोजित होगी सुलेख प्रतियोगिता
इससे छात्रों में भाषागत शुद्धता एवं तेज गति से लिखने के कौशल के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसका उदेश्य प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा के शब्द लिखने और बोलने में निपुण करना है। यह प्रतियोगिता तीन स्तर पर आयोजित की जाएगी। इसमें प्रथम विद्यालय स्तर पर, दूसरा ब्लाॅक स्तर पर और तीसरा जनपद स्तर पर इसके लिए प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने शासन के निर्देश पर इसे कराने की तैयारी शुरू कर दी है।


छात्रों में भाषागत शुद्धता एवं तेज गति से लिखने के कौशल के विकास के लिए प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में कंपलीट द स्पेलिंग प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसके लिए सभी को निर्देश जारी कर दिए गए है। वहीं विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की हिंदी सुधारने के लिए इमला लिखवाने की कवायद की जा रही है।
-रामपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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