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शहरवासियों को अधिक सता रहा है कोरोना
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corona hotspot.jpg
- फोटो : corona hotspot.jpg
ललितपुर। प्रशासन द्वारा बार-बार सावधानी बरतने की सलाह देने के बाद भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। यही कारण है कि शहरवासियों को कोरोना अधिक सता रहा है। इसमें भी शहर के पॉश इलाका सिविल लाइन में कोरोना का असर सबसे अधिक है। एक से 20 दिसंबर तक की जांच में आए कोरोना पॉजिटिव मामलों में 24.1 प्रतिशत केस सिविल लाइंस में मिले हैं, जो कि जिले में सर्वाधिक हैं। इसके अलावा ब्लाक तालबेहट में 20.5 प्रतिशत केस मिले हैं। शेष 55.4 प्रतिशत मामले शहर के अन्य भागों तथा तालबेहट को छोड़कर अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। चिकित्सकों की मानें तो अगर सावधानी नहीं बरती तो ठंड में संक्रमण तेजी से बढ़ सकता है।
कोरोना वायरस के मामले पहले की अपेक्षा कम आ रहे हैं, लेकिन इसका मतलब निश्चिंतता नहीं है। ऐसी बहुत सी जगह हैं, जहां कोरोना ने पलटवार करते हुए मुश्किलें बढ़ाई हैं। कोरोना से बचाव को लेकर मास्क, भीड़ से बचाव, सामाजिक दूरी का पालन करना, हाथों को साबुन से साफ करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लेकिन, इसके बाद भी ललितपुर शहर में कोरोना का सर्वाधिक असर है। एक से 20 दिसंबर तक जनपद में 30,379 सैंपल लिए गए जिसमें 122 पॉजिटिव मामले आए हैं। इसमें शहर के 68, ब्लॉक क्षेत्रों के 51 और तीन अन्य जगहों के हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो 20 दिन में तालबेहट ब्लॉक में सर्वाधिक 21 मामले आए हैं। मड़ावरा ब्लॉक में 02 लोग पॉजीटिव हैं। जो जिले में सबसे कम है। यहां का प्रतिशत 0.58 है। महरौनी में 07, जखौरा में 09, बिरधा ब्लॉक में 06 और बार ब्लॉक मे 06 पॉजिटिव मामले सामने आए। अन्य तीन केसों में दो झांसी जिले के तथा एक केस मध्य प्रदेश के भोपाल का है।
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जगह का नाम प्रतिशत
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ललितपुर शहर 61.60
तालबेहट 11.43
महरौनी 6.30
जखौरा 6.23
बार 5.42
बिरधा 3.66
मड़ावरा 4.04
अन्य 1.32
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ठंड में तेजी से फैलता है वायरस
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डा. देशराज सिंह दोहरे ने बताया कि सर्दियों के मौसम में वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे में लापरवाही बरतना खुद को मुसीबत में डालने का कारण बन सकता है। इसलिए मास्क और एक- दूसरे से उचित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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जिन इलाकों में कोरोना के केस ज्यादा मिलते हैं, वहां जिलाधिकारी के आदेशानुसार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में सैंपलिंग अधिक की जाती है। उन इलाकों में लाउड स्पीकर या होर्डिंग के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाती है।
- डा. देशराज सिंह दोहरे, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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कोरोना वायरस के मामले पहले की अपेक्षा कम आ रहे हैं, लेकिन इसका मतलब निश्चिंतता नहीं है। ऐसी बहुत सी जगह हैं, जहां कोरोना ने पलटवार करते हुए मुश्किलें बढ़ाई हैं। कोरोना से बचाव को लेकर मास्क, भीड़ से बचाव, सामाजिक दूरी का पालन करना, हाथों को साबुन से साफ करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। लेकिन, इसके बाद भी ललितपुर शहर में कोरोना का सर्वाधिक असर है। एक से 20 दिसंबर तक जनपद में 30,379 सैंपल लिए गए जिसमें 122 पॉजिटिव मामले आए हैं। इसमें शहर के 68, ब्लॉक क्षेत्रों के 51 और तीन अन्य जगहों के हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो 20 दिन में तालबेहट ब्लॉक में सर्वाधिक 21 मामले आए हैं। मड़ावरा ब्लॉक में 02 लोग पॉजीटिव हैं। जो जिले में सबसे कम है। यहां का प्रतिशत 0.58 है। महरौनी में 07, जखौरा में 09, बिरधा ब्लॉक में 06 और बार ब्लॉक मे 06 पॉजिटिव मामले सामने आए। अन्य तीन केसों में दो झांसी जिले के तथा एक केस मध्य प्रदेश के भोपाल का है।
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जगह का नाम प्रतिशत
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ललितपुर शहर 61.60
तालबेहट 11.43
महरौनी 6.30
जखौरा 6.23
बार 5.42
बिरधा 3.66
मड़ावरा 4.04
अन्य 1.32
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ठंड में तेजी से फैलता है वायरस
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डा. देशराज सिंह दोहरे ने बताया कि सर्दियों के मौसम में वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे में लापरवाही बरतना खुद को मुसीबत में डालने का कारण बन सकता है। इसलिए मास्क और एक- दूसरे से उचित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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जिन इलाकों में कोरोना के केस ज्यादा मिलते हैं, वहां जिलाधिकारी के आदेशानुसार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में सैंपलिंग अधिक की जाती है। उन इलाकों में लाउड स्पीकर या होर्डिंग के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाती है।
- डा. देशराज सिंह दोहरे, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल