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खेल के मैदानों में लौटी रौनक
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तालबेहट। प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू समाप्त होने के एक सप्ताह बाद खेल मैदानों में रौनक लौट आई है। अब बच्चे घरों से निकल कर सुबह-शाम मैदान में खुली हवा में खेलकर खुश हो रहे हैं।
जनपद सहित प्रदेश के कई जिलों में एक जून से कोरोना कर्फ्यू खुल गया है। इसके बाद लोगों का जीवन पटरी पर लौटने लगा है। लोग खरीदारी करने बाजारों में जाने लगे है। सरकारी कार्यालयों में भी भीड़ भाड़ दिखने लगी है, लेकिन बच्चे अपने घरों में ही टीवी देखने, मोबाइल चलाने, पेंटिंग आदि करने में ही लगे रहते थे। एक सप्ताह बाद अब बच्चे सुबह और शाम खेल के मैदानों पर क्रिकेट, फुटबॉल के साथ-साथ व्यायाम करने जुड़ने लगे हैं ।
लॉकडाउन के चक्कर में पिछले कई महीने से खेल के मैदान सूने पड़े हुए थे। बच्चे अपने घरों में टीवी और मोबाइल के सहारे अपना समय व्यतीत कर रहे थे। इससे उनमें शारीरिक कमजोरी के अलावा, आंखों में कई तरह की परेशानियां आ रही थी। इससे परिवार के लोगों को भी बच्चों की चिंता परेशान कर रही थी।
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काफी दिनों से हम घर पर थे। इसके कारण अपने दोस्तों से मिलजुल नहीं पा रहे थे। लॉकडाउन खुलने के बाद हम लोग सुबह खेल के मैदान पर आपस में मिलते हैं।
- देव त्रिपाठी।
शरीर को दुरुस्त रखने के लिए हम किले के मैदान पर सुबह फुटबॉल खेलते हैं। इसके बाद तालाब पर स्नान करते हैं। जिससे पूरे दिन हमारा मन प्रसन्न रहता हैं।
- कार्तिक लक्ष्कार
काफी दिन बाद हमें साइकिल चलाने के लिए घर से बाहर निकलने का मौका मिला है। सुबह शाम खूब हम अपने साथियों के साथ साइकिल चलाते हैं।
अक्षय नायक
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जनपद सहित प्रदेश के कई जिलों में एक जून से कोरोना कर्फ्यू खुल गया है। इसके बाद लोगों का जीवन पटरी पर लौटने लगा है। लोग खरीदारी करने बाजारों में जाने लगे है। सरकारी कार्यालयों में भी भीड़ भाड़ दिखने लगी है, लेकिन बच्चे अपने घरों में ही टीवी देखने, मोबाइल चलाने, पेंटिंग आदि करने में ही लगे रहते थे। एक सप्ताह बाद अब बच्चे सुबह और शाम खेल के मैदानों पर क्रिकेट, फुटबॉल के साथ-साथ व्यायाम करने जुड़ने लगे हैं ।
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लॉकडाउन के चक्कर में पिछले कई महीने से खेल के मैदान सूने पड़े हुए थे। बच्चे अपने घरों में टीवी और मोबाइल के सहारे अपना समय व्यतीत कर रहे थे। इससे उनमें शारीरिक कमजोरी के अलावा, आंखों में कई तरह की परेशानियां आ रही थी। इससे परिवार के लोगों को भी बच्चों की चिंता परेशान कर रही थी।
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काफी दिनों से हम घर पर थे। इसके कारण अपने दोस्तों से मिलजुल नहीं पा रहे थे। लॉकडाउन खुलने के बाद हम लोग सुबह खेल के मैदान पर आपस में मिलते हैं।
- देव त्रिपाठी।
शरीर को दुरुस्त रखने के लिए हम किले के मैदान पर सुबह फुटबॉल खेलते हैं। इसके बाद तालाब पर स्नान करते हैं। जिससे पूरे दिन हमारा मन प्रसन्न रहता हैं।
- कार्तिक लक्ष्कार
काफी दिन बाद हमें साइकिल चलाने के लिए घर से बाहर निकलने का मौका मिला है। सुबह शाम खूब हम अपने साथियों के साथ साइकिल चलाते हैं।
अक्षय नायक