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समाज के सहयोग के लिए आगे बढ़ें : सोलंकी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:42 AM IST
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solanki, lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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तालबेहट (ललितपुर)। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में आयोजित पंचम क्षत्रिय कन्या विवाह महोत्सव में मुख्य अतिथि पंजाब एवं हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने क्षत्रियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब परिवार के सदस्य हैं, इस नाते आप सब मेरे भाई हैं। मैं पहली बार तालबेहट आया हूं। तालबेहट काफी छोटा है, परंतु क्षत्रिय कन्या महोत्सव बहुत बड़ा है। जब मैं इसको देखता हूं तो यह कन्या महोत्सव कम पूरा मेला लगता है। सड़क पर ही मुझे इस आयोजन की धूमधाम दिखी।
इस तरह के आयोजन कराने वाले लोगों की समाज के प्रति समर्पण एवं उत्साह की प्रशंसा करता हूं। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग को आगे बढ़ें, बुराइयों से बचें और उनकी चर्चा बंद करें। सच्ची बातों का अनुसरण करें।
उन्होंने कहा कि आज 31 जोड़े दांपत्य सूत्र में बंध गए। हम उनसे यह अपेक्षा करते हैं कि वह जिस समाज में जा रहे हैं उसकी लाज और आन रखेंगे। क्षत्रिय समाज की वीरता पर उन्हाेंने कहा कि क्षत्रिय समाज में जब बेटा युद्ध पर जाते समय मां से आर्शीवाद लेता है तो मां उसे आंसू बहाते नहीं बल्कि मुस्कुराते हुए आर्शीवाद देती है। मां को भय रहता है कि आंसू से उसके बेटे का साहस कम न हो जाए।
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यही क्षत्रिय समाज का गौरव है। यही उसकी पहचान है। गाव के अंदर एक दो क्षत्रिय परिवार निवास करते हैं तो पूरा गांव उनका सम्मान करता है। उसे नेता मानते हैं, परंतु आज नेता की परिभाषा बदल गई है। सामान्य व्यक्ति से यदि आपने नेता कह दिया तो वह आपसे पूछेगा कि भाई साहब मुझसे कोई गलती हो गई है। जो आप मुझे नेता कह रहे हैं। नेता शब्द को हमने बिगाड़ा है।
उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज ने लोगों के दिलाें पर राज किया है। हम लोगों का सहयोग करते हैं, उनकी मदद करते हैं। हमने लोगों के साथ छल-कपट नहीं किया, लोगों में दरारें पैदा नहीं कीं और न ही कभी अपने स्वार्थ के लिए आपस में झगडे़ करवाए। हमारी संस्कृति वीरता एवं त्याग की रही है। इस तरह के आयोजन कराने वालों में समाज को आगे बढ़ाने एवं एकता का भाव है। ऐसे लोगों को आगे बढ़ाने मेें सहयोग दें। इसके बाद हमें किसी के आगे याचना नहीं करना पडे़गी।
क्षत्रिय समाज के लोगों को चेताने वाले अंदाज में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि गांव में रहने वाले क्षत्रिय का आसपास के लोगों पर प्रभाव नहीं है तो वह नाम का क्षत्रिय है काम का नहीं। समाज में फै ली बुराईयों की चर्चा बंद करें। सच्ची बात का अनुसरण करें। सही मायने में क्षत्रिय बनें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष कुवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि क्षत्रिय अब साक्षर नहीं शिक्षित बनें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें देख कर संगठित हो गए हैं। हमारी बारी आने पर वह हमारे विरोध मे खडे़ हो जाएंगे। लोकतंत्र में संख्या बल का खेल होता है। हमारी संख्या कम न हो। समाज के रूप में हम कैसे बढे़ं। हमें इस पर गंभीरता से विचार करना पडे़गा। उन्हाेंने बुंदेलखंड के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षत्रियों ने समाज की सेवा की है। अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लडाई लड़ी है।
उत्तर प्रदेश शासन के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने समाज में व्याप्त नशा सहित अन्य व्यसनों से मुक्ति रहने का आह्वान करते हुए समाज की एकता पर बल दिया। वहीं, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने क्षत्रियाें के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश शास्त्री एवं बॉबी राजा ने संयुक्त रूप से किया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक जेके सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर यादवेन्द्र सिंह बुंदेला पूर्व मंत्री टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, मानवेन्द्र सिंह विधायक महाराजपुर, चन्द्रारानी गौर विधायक खरगापुर मध्य प्रदेश मौजूद रहे।
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इस तरह के आयोजन कराने वाले लोगों की समाज के प्रति समर्पण एवं उत्साह की प्रशंसा करता हूं। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग को आगे बढ़ें, बुराइयों से बचें और उनकी चर्चा बंद करें। सच्ची बातों का अनुसरण करें।
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उन्होंने कहा कि आज 31 जोड़े दांपत्य सूत्र में बंध गए। हम उनसे यह अपेक्षा करते हैं कि वह जिस समाज में जा रहे हैं उसकी लाज और आन रखेंगे। क्षत्रिय समाज की वीरता पर उन्हाेंने कहा कि क्षत्रिय समाज में जब बेटा युद्ध पर जाते समय मां से आर्शीवाद लेता है तो मां उसे आंसू बहाते नहीं बल्कि मुस्कुराते हुए आर्शीवाद देती है। मां को भय रहता है कि आंसू से उसके बेटे का साहस कम न हो जाए।
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यही क्षत्रिय समाज का गौरव है। यही उसकी पहचान है। गाव के अंदर एक दो क्षत्रिय परिवार निवास करते हैं तो पूरा गांव उनका सम्मान करता है। उसे नेता मानते हैं, परंतु आज नेता की परिभाषा बदल गई है। सामान्य व्यक्ति से यदि आपने नेता कह दिया तो वह आपसे पूछेगा कि भाई साहब मुझसे कोई गलती हो गई है। जो आप मुझे नेता कह रहे हैं। नेता शब्द को हमने बिगाड़ा है।
उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज ने लोगों के दिलाें पर राज किया है। हम लोगों का सहयोग करते हैं, उनकी मदद करते हैं। हमने लोगों के साथ छल-कपट नहीं किया, लोगों में दरारें पैदा नहीं कीं और न ही कभी अपने स्वार्थ के लिए आपस में झगडे़ करवाए। हमारी संस्कृति वीरता एवं त्याग की रही है। इस तरह के आयोजन कराने वालों में समाज को आगे बढ़ाने एवं एकता का भाव है। ऐसे लोगों को आगे बढ़ाने मेें सहयोग दें। इसके बाद हमें किसी के आगे याचना नहीं करना पडे़गी।
क्षत्रिय समाज के लोगों को चेताने वाले अंदाज में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि गांव में रहने वाले क्षत्रिय का आसपास के लोगों पर प्रभाव नहीं है तो वह नाम का क्षत्रिय है काम का नहीं। समाज में फै ली बुराईयों की चर्चा बंद करें। सच्ची बात का अनुसरण करें। सही मायने में क्षत्रिय बनें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष कुवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि क्षत्रिय अब साक्षर नहीं शिक्षित बनें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें देख कर संगठित हो गए हैं। हमारी बारी आने पर वह हमारे विरोध मे खडे़ हो जाएंगे। लोकतंत्र में संख्या बल का खेल होता है। हमारी संख्या कम न हो। समाज के रूप में हम कैसे बढे़ं। हमें इस पर गंभीरता से विचार करना पडे़गा। उन्हाेंने बुंदेलखंड के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि क्षत्रियों ने समाज की सेवा की है। अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लडाई लड़ी है।
उत्तर प्रदेश शासन के ऊर्जा सलाहकार कृपाल सिंह ने समाज में व्याप्त नशा सहित अन्य व्यसनों से मुक्ति रहने का आह्वान करते हुए समाज की एकता पर बल दिया। वहीं, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष उमाशंकर सिंह ने क्षत्रियाें के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश शास्त्री एवं बॉबी राजा ने संयुक्त रूप से किया। अंत में कार्यक्रम के संयोजक जेके सिंह ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए और सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर यादवेन्द्र सिंह बुंदेला पूर्व मंत्री टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, मानवेन्द्र सिंह विधायक महाराजपुर, चन्द्रारानी गौर विधायक खरगापुर मध्य प्रदेश मौजूद रहे।