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Lalitpur News: छह वर्ष से लटका सुरईघाट पुल का निर्माण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खिरकापुरा हाईवे से पंचमुखी हनुमान मंदिर होकर पनारी मार्ग पर शहजाद नदी पर बना सुरई घाट का पुल छह वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा है। इसका निर्माण किया जाना तो दूर अब तक किसी विभाग ने जिम्मेदारी तक नहीं ली है। ऐसे में इसका निर्माण व मरम्मत अधर में है। राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। चार पहिया वाहन की निकासी ठप हो गई है। लोगों को चार किमी का चक्कर लगाकर कैलगुवां चौराहा होकर आना पड़ रहा है।
शहर से सटे हाईवे 44 पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित सुरईघाट पुल लगभग छह वर्ष पहले गोविंद सागर बांध साइफन से पानी आने के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल का आधा हिस्सा ढह गया था। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। बानपुर, कैलगुवां व आसपास के क्षेत्रों से शहर आने-जाने वालों के लिए समस्या हो गई थी। करीब 10 हजार लोग परेशान होकर कैलगुवां चौराहा से चार किलोमीटर का चक्कर लगाकर आने को मजबूर हैं।
छह वर्ष बीतने के बाद भी अब तक पुल का निर्माण तो दूर किसी विभाग ने सुध नहीं ली। पुल को लेकर सभी विभाग हाथ खड़े कर रहे हैं। अब तक यह स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है कि पुल का निर्माण किस विभाग ने कराया था। यही कारण है कि पुल का निर्माण तो दूर मरम्मत तक नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
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ललितपुर। खिरकापुरा हाईवे से पंचमुखी हनुमान मंदिर होकर पनारी मार्ग पर शहजाद नदी पर बना सुरई घाट का पुल छह वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा है। इसका निर्माण किया जाना तो दूर अब तक किसी विभाग ने जिम्मेदारी तक नहीं ली है। ऐसे में इसका निर्माण व मरम्मत अधर में है। राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है। चार पहिया वाहन की निकासी ठप हो गई है। लोगों को चार किमी का चक्कर लगाकर कैलगुवां चौराहा होकर आना पड़ रहा है।
शहर से सटे हाईवे 44 पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित सुरईघाट पुल लगभग छह वर्ष पहले गोविंद सागर बांध साइफन से पानी आने के चलते क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल का आधा हिस्सा ढह गया था। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया था। बानपुर, कैलगुवां व आसपास के क्षेत्रों से शहर आने-जाने वालों के लिए समस्या हो गई थी। करीब 10 हजार लोग परेशान होकर कैलगुवां चौराहा से चार किलोमीटर का चक्कर लगाकर आने को मजबूर हैं।
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छह वर्ष बीतने के बाद भी अब तक पुल का निर्माण तो दूर किसी विभाग ने सुध नहीं ली। पुल को लेकर सभी विभाग हाथ खड़े कर रहे हैं। अब तक यह स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी है कि पुल का निर्माण किस विभाग ने कराया था। यही कारण है कि पुल का निर्माण तो दूर मरम्मत तक नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
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