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लाखों खर्च के बाद भी कंपनी बाग का हाल बेहाल
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ललितपुर। शहर के बीचों-बीच स्थित कंपनी बाग का हाल सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। कमियों के कारण नागरिक यहां से मुंह मोड़ने लगे हैं। क्यारियां सूनी पड़ी हैं, जिन क्यारियों में सर्दी के मौसम के फूल खिल जाना चाहिए, उनका कहीं अता - पता नहीं है। बिखरे पत्थरों से बाग की सुंदरता खराब हो रही है। बची- खुची घास को गाय आए दिन चर रही हैं।
अंग्रेजी शासनकाल में कंपनी बाग का निर्माण कराया गया था, उस दौरान ब्रिटिश कंपनी के अफसर बाग का लुत्फ उठाते थे। आजादी के बाद इस पार्क को आम जन के लिए खोल दिया गया है। वर्तमान में उद्यान विभाग इसकी देखरेख करता है। पार्क की सुंदरता को निखारने के लिए समय-समय पर नगर पालिका परिषद द्वारा निर्माण कार्य कराए जाते हैं। बीते महीनों में नगर पालिका ने फुटपाथ को नया रूप दिया है। पत्तों को लॉन में डाल दिया गया है, जिससे घास खराब हो रही है। नगर पालिका द्वारा इन्हें उठाया नहीं जा रहा है। आए दिन गायें भी पार्क में घुस जाती हैं। जो पूर्व से फव्वारे लगे हुए हैं, वे भी महीनों से चालू नहीं हैं। क्यारियां सूनी पड़ी हैं, जिससे इन क्यारियों में मौसमी फूल नहीं खिल रहे हैं। बीते महीनों में जो फूल के पौधे तैयार किए गए थे, उनमें से तमाम पौधे खराब हो गए हैं। सोलर लाइट भी खराब हैं।
कंपनी बाग से शहर के लोगों का जुड़ाव है। इसके बाद भी पार्क में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। पार्क का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए और जो लोग लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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- रामजी सीरौठिया, एडवोकेट
कंपनी बाग में फव्वारा अधिकारियों की मौजूदगी में ही चलाए जाते हैं। इन फव्वारों को रोज चलाया जाना चाहिए। इनके निर्माण में लाखों रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।
- कृष्ण कुमार कटारे
वर्षों पहले पार्क में मौसमी फूूल खिल जाते थे, जिससे पार्क की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती थी। लेकिन, अब क्यारियों में पौधरोपण पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जिससे क्यारियों में फूल नजर नहीं आते हैं।
- राकेश कुशवाहा
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क्यारियों में पौध लगा दी गई है, इनमें से देरी से फूल खिलेंगे। जो बाहर की ओर लॉन हैं, उनमें पौधे नहीं लगाए गए हैं। इसकी वजह पार्क का मुख्य गेट लोग खुला छोड़ देते हैं, जिससे पार्क में गाय घुस आती है। हालांकि, कर्मचारी इन्हें भगाते रहते हैं। लॉन में बिखरे पत्थरों को उठवाने के लिए नगर पालिका से कहा गया है।
- शालिगराम
प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी
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अंग्रेजी शासनकाल में कंपनी बाग का निर्माण कराया गया था, उस दौरान ब्रिटिश कंपनी के अफसर बाग का लुत्फ उठाते थे। आजादी के बाद इस पार्क को आम जन के लिए खोल दिया गया है। वर्तमान में उद्यान विभाग इसकी देखरेख करता है। पार्क की सुंदरता को निखारने के लिए समय-समय पर नगर पालिका परिषद द्वारा निर्माण कार्य कराए जाते हैं। बीते महीनों में नगर पालिका ने फुटपाथ को नया रूप दिया है। पत्तों को लॉन में डाल दिया गया है, जिससे घास खराब हो रही है। नगर पालिका द्वारा इन्हें उठाया नहीं जा रहा है। आए दिन गायें भी पार्क में घुस जाती हैं। जो पूर्व से फव्वारे लगे हुए हैं, वे भी महीनों से चालू नहीं हैं। क्यारियां सूनी पड़ी हैं, जिससे इन क्यारियों में मौसमी फूल नहीं खिल रहे हैं। बीते महीनों में जो फूल के पौधे तैयार किए गए थे, उनमें से तमाम पौधे खराब हो गए हैं। सोलर लाइट भी खराब हैं।
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कंपनी बाग से शहर के लोगों का जुड़ाव है। इसके बाद भी पार्क में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं। पार्क का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए और जो लोग लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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- रामजी सीरौठिया, एडवोकेट
कंपनी बाग में फव्वारा अधिकारियों की मौजूदगी में ही चलाए जाते हैं। इन फव्वारों को रोज चलाया जाना चाहिए। इनके निर्माण में लाखों रुपये पहले ही खर्च किए जा चुके हैं।
- कृष्ण कुमार कटारे
वर्षों पहले पार्क में मौसमी फूूल खिल जाते थे, जिससे पार्क की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती थी। लेकिन, अब क्यारियों में पौधरोपण पर ध्यान नहीं दिया जाता है, जिससे क्यारियों में फूल नजर नहीं आते हैं।
- राकेश कुशवाहा
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क्यारियों में पौध लगा दी गई है, इनमें से देरी से फूल खिलेंगे। जो बाहर की ओर लॉन हैं, उनमें पौधे नहीं लगाए गए हैं। इसकी वजह पार्क का मुख्य गेट लोग खुला छोड़ देते हैं, जिससे पार्क में गाय घुस आती है। हालांकि, कर्मचारी इन्हें भगाते रहते हैं। लॉन में बिखरे पत्थरों को उठवाने के लिए नगर पालिका से कहा गया है।
- शालिगराम
प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी

कंपनी बाग में खराब पड़ी सोलर लाइट- फोटो : LALITPUR