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ठंड बढ़ने से ठिठुरन बढ़ी, कइयों को नहीं मिल पाए स्वेटर
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सुबह के समय छाई धुंध
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। दिसंबर आते ही ठंड ने करवट बदल ली है। मंगलवार की सुबह कोहरे की धुंध रही। इससे कुछ दूरी पर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। अध्यापकों को वाहन चलाने में दिक्कत आई, वहीं तमाम बच्चे स्वेटर के अभाव में ठिठुरते स्कूल पहुंचे। आमतौर पर दीवाली के बाद हल्की ठंड होने लगती है, लेकिन इस बार ठंड देरी से शुरू हुई। नवंबर बगैर ठंड के निकल गया, जैसे ही दिसंबर आया, ठंड ने गियर बदल दिया। मंगलवार की सुबह कोहरे की धुंध बनी रही। जहां घूमने वाले लोगों को दूर का दिखाई नहीं दे रहा है, वहीं चालकों को वाहन की लाइट जलाने की पड़ी। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अध्यापक और अध्यापिकाओं को कोहरे की धुंध ने काफी परेशान किया। इससे वाहन की रफ्तार काफी धीमी रखनी पड़ी। स्कूल में लेट होने का भय भी सताता रहा।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत अनेक बच्चों को ठिठुरते घर से निकलना पड़ा। सरकार ने पहले ही स्वेटर खरीद के निर्देश व धनराशि अवमुक्त कर दी थी, लेकिन जिले में टेंडर होने में लेटलतीफी हुई। जिला प्रशासन ने चयनित फर्म को तीस नवंबर तक स्वेटर आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह इस समयावधि में आपूर्ति पूरी नहीं कर पाए। यही वजह है कि तमाम बच्चे अभी भी बगैर स्वेटर के स्कूल जाने को मजबूर हैं।
स्कूलों में स्वेटर का वितरण कराया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। अभी तक ब्लाकों से स्वेटर वितरण की आख्या प्राप्त नहीं हुई है।
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- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत अनेक बच्चों को ठिठुरते घर से निकलना पड़ा। सरकार ने पहले ही स्वेटर खरीद के निर्देश व धनराशि अवमुक्त कर दी थी, लेकिन जिले में टेंडर होने में लेटलतीफी हुई। जिला प्रशासन ने चयनित फर्म को तीस नवंबर तक स्वेटर आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह इस समयावधि में आपूर्ति पूरी नहीं कर पाए। यही वजह है कि तमाम बच्चे अभी भी बगैर स्वेटर के स्कूल जाने को मजबूर हैं।
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स्कूलों में स्वेटर का वितरण कराया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। अभी तक ब्लाकों से स्वेटर वितरण की आख्या प्राप्त नहीं हुई है।
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- मनोज कुमार वर्मा, बीएसए