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ललितपुर में बोले योगी: प्रभु श्रीराम की कथा भारत के प्रत्येक परिवार का दर्पण, सुनने से मिलती है संकट की घड़ी में संजीवनी
Sun, 08 May 2022 11:44 AM IST
आकाश दुबे
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
Published by: आकाश दुबे
Updated Sun, 08 May 2022 11:44 AM IST
सार
ललितपुर में सीएम योगी ने कचनौदा पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने तय समय पर योजना को पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन सभागार में जनप्रतिनिधियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। साथ ही चौकाबाग में मोरारी बापू की श्रीरामकथा को सुनकर जनता को संबोधित किया।
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मोरारी बापू की रामकथा के समापन अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती भक्ति और शक्ति का संगम है। प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय इस बुंदेलखंड की धरती पर व्यतीत किया है। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की कथा वास्तव में भारत के प्रत्येक परिवार का दर्पण है। यह कथा हमें जीवन जीने की एक नई प्रेरणा एवं संकट के समय में बड़ी-बड़ी कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति भी प्रदान करती है। देश के भीतर विपरीत परिस्थितियों में प्रभु श्रीराम कथा और व्यासपीठ ने हम सभी को शक्ति प्रदान करने का कार्य किया है। वह रविवार को चौकाबाग में संत मोरारी बापू की रामकथा के समापन पर बोल रहे थे। उन्होंने मानस की आरती उतारकर बापू का आशीर्वाद लिया।
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उन्होंने कहा कि यह भगवान राम की ही कृपा है जो रामकथा एवं रामचरितमानस के माध्यम से बापूजी द्वारा जन-जन तक पहुंचाई जा रही है। बापूजी की कथा ललितपुर में विश्राम ले रही है, इसका स्पष्ट अर्थ है कि भगवान राम का मंदिर शीघ्र ही बनने वाला है। यह मंदिर सभी के लिए होगा। उन्होंने कहा कि भारत के अंदर आदर्श व्यवस्था बन रही है, इसके तहत सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के गरीबों के लिए नि:शुल्क योजनाएं संचालित की जा रही हैं, वास्तव में यही रामराज्य है।
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भगवान राम ने उस समय बंदर और भालू की सेना खड़ी करके रावण के विशाल साम्राज्य का वरण किया था। भारत के भीतर बिना भेदभाव के प्रत्येक व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। सदी की सबसे भयंकर आपदा कोरोना के दौरान सरकार द्वारा बिना भेदभाव के सभी को नि:शुल्क जांच, नि:शुल्क वैक्सीन व नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराया गया।
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ललितपुर वाले सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें बापू की कथा का अमृत रस प्राप्त करने का मौका मिला है। इसके साथ ही आज मुझे भी कथा के समापन अवसर पर सम्मिलित होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आप सभी को इस पूरी कथा का लाभकारी फल भी प्राप्त हो, यही मेरी प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है। कथा के समापन पर मुख्यमंत्री एवं अन्य मंचासीन जनप्रतिनिधियों ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना एवं आरती कर रामकथा का समापन कराया।
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग मनोहर लाल पंथ, विधायक सदर रामरतन कुशवाहा, एमएलसी रमा निरंजन, एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर, कमिश्नर डॉ. अजय शंकर पांडेय, डीआईजी जोगिंदर कुमार,डीएम आलोक सिंह, एसपी निखिल पाठक, मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी एससी जैन, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, जिला विकास अधिकारी केएन पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक गिरिजेश सिंह, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी बीएल सिंह एवं सुनील कुमार, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी नवनीत सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुरजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कथा स्थल पर सतुआ बाबा ने मुख्यमंत्री का किया स्वागत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निर्धारित समय 12.15 मिनट पर श्री रामकथा स्थल पर पहुंचे। जहां संत संतोषदास सतुआ बाबा ने उनका स्वागत किया। व्यासपीठ पर बैठे संत मोरारी बापू ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मोरारी बापू ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीरामचंद्र जी के चरित्र का सुंदर वर्णन किया जा रहा था। करीब एक सवा घंटा तक मुख्यमंत्री कथा स्थल पर मौजूद रहे। आरती करने के बाद वह दोपहर 1.25 बजे रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री के आते ही बिजली हुई गुल गर्मी में बैठना पड़ा
मुख्यमंत्री के कथा स्थल पर पहुंचते ही बिजली गुल हो गई। नतीजतन पंडाल में एक ओर के कुछ पंखे जनरेटर से चलते रहे जबकि अन्य सभी पंखे व कूलर बंद हो गए। इस दौरान मुख्यमंत्री को गर्मी में ही मंच पर बैठना पड़ा। इससे पहले भी कई बार बिजली गुल होने से माइक बंद हो गए थे और बापू को कथा रोकनी पड़ी थी, लेकिन बापू ने बिजली गुल होने की बात कहकर श्रोताओं को संकीर्तन में रमा दिया।