फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   clean india mission lalitpur

संसाधनों की कमी से जूझ रहा स्वच्छ भारत मिशन

Sun, 24 Sep 2017 12:55 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sun, 24 Sep 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
clean india mission lalitpur
श्‍ाहर - फोटो : demo pic
ललितपुर। नगर पालिका परिषद द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन पर संसाधनों की कमी भारी पड़ रही है। तमाम मशीनरी के अभाव में शहर की सफाई ठीक से नहीं हो पा रही है, साथ ही शासन की सूखा व गीला कचरा पृथक करने की योजना पर भी पानी फिरता दिख रहा है।   
विज्ञापन


    
शहर में करीब 53 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन निकलता है, जिसे ध्यान में रखकर नगर पालिका परिषद के अफसरों ने बीते सालों में लाखों रुपये की मशीनरी खरीदी है। जिसमें डंपर प्लेजर, रिफ्यूज कम्पेक्टर, दो टाटा प्लेजर, दो लोडर, बारह आपे की खरीद शामिल है। इसके अतिरिक्त 225 संविदा, 70 स्थाई व 150 आउट सोर्सिंग कर्मचारी एवं दो स्थाई ड्राइवर सफाई का कार्य देख रहे हैं। इसके बाद भी संसाधनों की कमी महसूस की जा रही है। जिसका असर नगर की साफ-सफाई पर भी पड़ रहा है। जगह-जगह कचरे के ढेर दिख रहे हैं। नालियां चोक हो रही हैं। तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने आवश्यकता के मद्देनजर करीब 90 लाख रुपये के उपकरणों की खरीद की निविदा निकाली थी। जिसमें एक लखनऊ की फर्म के साथ स्थानीय फर्म को आपूर्ति करने का अवसर मिला था। लेकिन, तय समय सीमा में मशीनरी की आपूर्ति नहीं हो सकी। इस वजह से अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने मशीनरी खरीद का टेंडर निरस्त कर दिया। उनका कहना है कि ठेकेदारों ने निर्धारित समय सीमा में आपूर्ति नहीं की। जिस वजह से निविदा कैंसल करनी पड़ी।       
विज्ञापन

.......       
कम्पोस्ट खाद बनाने की योजना अधर में       
शासन ने घर से ही सूखा व गीला कचरा पृथक करने की योजना बनाई है। योजनांतर्गत निर्धन परिवारों को हरी व नीली डस्टबिन वितरित की जानी थी। बीते महीनों में करीब आधा सैकड़ा डस्टबिन वितरित कर योजना की शुरुआत कर दी, लेकिन उसके बाद पलटकर नहीं देखा। जिससे कम्पोस्ट खाद बनाने की मंशा पर पानी फिर गया। विडंबना यह है कि सूखा और गीला कचरा पृथक करने के लिए किसी को प्रेरित भी नहीं किया जा रहा है। आज भी होटल, रेस्टोरेंट, शादी घरों में सूखा व गीला कचरा एक साथ एकत्रित हो रहा है।       
विज्ञापन
विज्ञापन

.......       
इसकी होनी थी आपूर्ति       
टाटा एसके कंट्ेनर साठ नग, रिफ्यूज कम्पैक्टर कंटेनर चालीस नग, डीपी कंटेनर चालीस नग, लोहे के गार्वेज विंग्स ढाई सौ जोड़ा, हाथ रिक्शा कवर्ड, सीवर सेक्शन मशीन एक नग, फागिंग मशीन एक नग की आपूर्ति होनी थी जो अब टेंडर निरस्त होने से अधर में लटक गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed