फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   clean campaign city

स्वच्छता में ग्रामीण आगे शहरी पीछे

Mon, 24 Apr 2017 12:36 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Mon, 24 Apr 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
clean campaign city
toilet - फोटो : demo pic
स्वच्छता के मामले में ग्रामीणों ने शहरियों को पीछे छोड़ दिया है। गांव/वार्ड को खुले में शौच मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान में गांववाले आगे निकल गए हैं। चयनित 26 ग्रामों में पांच गांव खुले में शौच मुक्त हो गए हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद छब्बीस वार्डों में एक भी वार्ड खुले में शौच से मुक्त नहीं कर सकी है।       \
विज्ञापन




स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों का निर्माण कर गांवों और वार्डों को खुले में शौचमुक्त किया जा रहा है। वर्ष 2016-17 के अंतर्गत जिला पंचायत राज विभाग ने ग्राम पंचायतों में करीब 7794 शौचालयों का निर्माण कराया। वहीं, नगर पालिका परिषद के वार्डों में 460 शौचालयों का ही निर्माण किया जा सका है। वर्तमान में 1463 शौचालयों का निर्माण विभिन्न वार्डों में कराया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक नगर पालिका परिषद को शौचालय निर्माण के लिए 7976 आवेदन मिले थे। इनमें से 4702 आवेदन स्वीकृत हुए। नगर पालिका परिषद निर्धारित लक्ष्य साढे़ छह हजार के आंकड़े को भी नहीं छू सकी। परिषद को आज भी निर्धन परिवारों से आवेदन प्राप्त होने का इंतजार है। वहीं, जिले के पांच गांवों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया गया है। इनमें साढूमल तलऊ, बुदनीमड़ावरा, देवरा (सूरी), मुड़िया व वंडवा (उल्दना) शामिल हैं। तलऊ व बुदनीमड़ावरा गांव का सत्यापन केंद्रीय टीम द्वारा किया जाना है। अन्य तीन गांवों का सत्यापन प्राथमिक स्तर पर जिलास्तरीय टीम द्वारा किया जाना है। अगले सप्ताह जिलास्तरीय टीम के सत्यापन की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन


वार्डों में हो रहा काम
नगर क्षेत्र के वार्डों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। जल्द ही कई वार्ड खुले में शौच से मुक्त हो जाएंगे।      - राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी- नगर पालिका परिषद ललितपुर।     
विज्ञापन
विज्ञापन


साठ गांवों में चल रहा जागरूकता कार्यक्रम
वर्ष 2016-17 में पांच गांवों को खुले में शौच की समस्या से छुटकारा दिला दिया गया है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में साठ गांवों को प्रथम फेज में चुना गया है। जिनमें लोगों को जागरुक बनाने के लिए कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। जिलास्तरीय अधिकारी चिह्नित ग्रामों में चल रहे कार्यक्रमों पर नजर रखे हैं।      
- बृजेंद्र कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed