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असामाजिक तत्वों का अड्डा बना बाल क्रीड़ा स्थल
ब्यूरो
Updated Sun, 08 Nov 2015 01:32 AM IST
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ललितपुर। नगर के एकमात्र बच्चों के पार्क आजाद बाल क्रीड़ा स्थल में शाम होते ही असामाजिक तत्व डेरा जमा लेते हैं। वह रात्रि का अंधेरे होने पर जाम छलकाने लगते हैं। साथ ही महिलाओं को देखकर फब्तियां कसने के साथ बच्चों से गालीगलौज करते हैं। इससे पार्क में घूमने आने वाली महिलाओं और बच्चों को परेशानी हो रही है।
शहर के इकलौते चंद्रशेखर आजाद उद्यान में सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न सामाजिक संगठन व ग्रामीण बैठे रहते हैं। इस कारण नगर की महिलाएं इस पार्क में जाना पसंद नहीं करती हैं। दूसरी ओर, इसी उद्यान के पीछे तुवन मंदिर चौराहे से नजदीक बच्चों के लिए आजाद बाल क्रीड़ा स्थल बना है। बच्चों के इस पार्क में नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च करके फिसल पट्टी, मछली, छोटे-बड़े तीन प्रकार के झूले व एक घरौंदा बनाया है। इस दो मंजिला घरौंदे में फिसलने के साथ-साथ बच्चों व महिलाओं को बैठने के लिए भी स्थल बनाए गए हैं, जिसमें लाइटिंग की गई है। शाम होते ही यह पार्क दूधिया रोशनी से जगमगाने लगता है।
लेकिन, पिछले कुछ समय से इस बाल क्रीड़ा स्थल में शाम होते ही असामाजिक तत्व डेरा जमा ले रहे हैं। आठ से दस लोगों के ग्रुप में पहुंचने वाले यह असामाजिक लोग अंधेरा होते ही घरौंदे के ऊपर अथवा कीड़ा स्थल के कोने में जाकर जाम छलकाने लगते हैं। इन असामाजिक तत्वों से बच्चे, बालिकाएं व महिलाएं परेशान हैं।
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पास में है सदर कोतवाली
आजाद बाल क्रीड़ा स्थल से कुछ ही दूरी पर सदर कोतवाली मौजूद है। असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए विभिन्न अभियान भी चलाए जाते हैं। लेकिन, कोतवाली के ही नजदीक यह अभियान फेल नजर आता है। यहां पर पुलिस की गश्त नहीं होती है। जिम्मेदार नागरिकों की मानें तो मौखिक रूप से पुलिस को जानकारी भी पहुंचाई गई। लेकिन पुलिस ने आजाद बाल क्रीड़ा स्थल को देखना भी जरूरी नहीं समझा, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
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शहर के इकलौते चंद्रशेखर आजाद उद्यान में सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न सामाजिक संगठन व ग्रामीण बैठे रहते हैं। इस कारण नगर की महिलाएं इस पार्क में जाना पसंद नहीं करती हैं। दूसरी ओर, इसी उद्यान के पीछे तुवन मंदिर चौराहे से नजदीक बच्चों के लिए आजाद बाल क्रीड़ा स्थल बना है। बच्चों के इस पार्क में नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च करके फिसल पट्टी, मछली, छोटे-बड़े तीन प्रकार के झूले व एक घरौंदा बनाया है। इस दो मंजिला घरौंदे में फिसलने के साथ-साथ बच्चों व महिलाओं को बैठने के लिए भी स्थल बनाए गए हैं, जिसमें लाइटिंग की गई है। शाम होते ही यह पार्क दूधिया रोशनी से जगमगाने लगता है।
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लेकिन, पिछले कुछ समय से इस बाल क्रीड़ा स्थल में शाम होते ही असामाजिक तत्व डेरा जमा ले रहे हैं। आठ से दस लोगों के ग्रुप में पहुंचने वाले यह असामाजिक लोग अंधेरा होते ही घरौंदे के ऊपर अथवा कीड़ा स्थल के कोने में जाकर जाम छलकाने लगते हैं। इन असामाजिक तत्वों से बच्चे, बालिकाएं व महिलाएं परेशान हैं।
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पास में है सदर कोतवाली
आजाद बाल क्रीड़ा स्थल से कुछ ही दूरी पर सदर कोतवाली मौजूद है। असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए विभिन्न अभियान भी चलाए जाते हैं। लेकिन, कोतवाली के ही नजदीक यह अभियान फेल नजर आता है। यहां पर पुलिस की गश्त नहीं होती है। जिम्मेदार नागरिकों की मानें तो मौखिक रूप से पुलिस को जानकारी भी पहुंचाई गई। लेकिन पुलिस ने आजाद बाल क्रीड़ा स्थल को देखना भी जरूरी नहीं समझा, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।