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छात्रांकन दोगुना, व्यवस्थाएं नाम की

Thu, 14 Jul 2016 01:16 AM IST
Lalitpur
Lalitpur Updated Thu, 14 Jul 2016 01:16 AM IST
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Chhatrankn double , arrangements for name
छात्रांकन दोगुना, व्यवस्थाएं नाम की - फोटो : Amar Ujala
ललितपुर। नगर के राजकीय इंटर कॉलेज का हाल बेहाल है। यहां क्षमता से दोगुना छात्रांकन है, लेकिन व्यवस्थाएं नाम मात्र की ही हैं। स्थिति यह है कि अधिकतर छात्र जीआईसी में ही प्रवेश चाहते हैं। कक्षा 11 में प्रवेश की पहली सूची 15 जुलाई को जारी होगी।
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शहर में बालक व बालिकाओं के लिए केवल एक-एक ही राजकीय इंटर कालेज की व्यवस्था है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मानकों के सापेक्ष करीब दो गुना छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर ही हैं, जिससे विद्यालय में सुविधाओं का अभाव पड़ रहा है। ऐसी ही स्थित शहर के इकलौते राजकीय इंटर कालेज की है, यहां पर सामान्य छात्रांकन के सापेक्ष डेढ़ गुना से अधिक छात्रों का छात्रांकन है। विद्यालय का वर्तमान में कुल छात्रांकन 1,747 है और 11 वीं में प्रवेश के लिए अब तक कुल 314 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। कक्षा 6 से 8वीं तक की स्थिति तो सही है इसमें कुल 166 छात्रांकन है। लेकिन, कक्षा 9 से 12वीं तक की स्थिति काफी बेकार है। कक्षा नौ में 350 छात्रों के सापेक्ष नवीन सत्र में माह अप्रैल तक 588 छात्रों के प्रवेश हो चुके हैं। वहीं कक्षा 11 वीं में प्रवेश पाने के लिए बुधवार तक गणित विषय के लिए 78, जीवविज्ञान के लिए 144 व व्यवसाय विषय वर्ग के में प्रवेश के लिए अब तक 92 छात्रों के रजिस्ट्रेशन हो चुके है। 11 वीं में छात्रों का प्रवेश मेरिट के आधार पर किया जाएगा, पहली मेरिट सूची 15 जुलाई को जारी की जाएगी। गणित विषय में 90 अंक वालों व जीवविज्ञान में 40 अंक वालों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा व्यवसाय वर्ग में विद्यालय के छात्रों व राजकीय हाई स्कूल के छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा कक्षा 10 वीं में 502 और 12 वीं में 491 छात्रों के पुन: प्रवेश हो चुके हैं।
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सुविधाओं पर पड़ रहा है, अधिक छात्रांकन का असर
विद्यालय में बने 70 फीसदी से अधिक कक्षों को पांच दशक से अधिक का समय बीत गया है, कुछ कक्ष तो अंग्रेजी हुकूमत के दौर के है, जिन्हें पहले ही जर्जर घोषित कर दिया गया है। विद्यालय कुछ ही कमरों को छोड़कर प्रधानाचार्या कार्यालय समेत समस्त कक्षों की छतों से बारिश का पानी रिसकर अंदर आ रहा है। सभी कक्षों की दीवारे भी सीलन भरी हुई हैं। स्थिति यह है कि एक बैंच पर दो बच्चों के स्थान पर चार-पांच बच्चे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है। विद्यालय में छात्रों के लिए बने शौचालयों की सीटें क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ छतें गायब हो चुक है। कंप्यूटर प्रयोगशाला की स्थिति काफी बदतर है। यहां रखे दर्जनों कंप्यूटर में से एक भी चालू अवस्था में नहीं है।
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यह है विद्यालय का स्टाफ
राजकीय इंटर कालेज में कुल 14 स्थायी अध्यापक है, इनमें तीन प्रवक्ता, छह एलटी अध्यापक और पांच माडल स्कूल अध्यापक नियुक्त है, लेकिन इनमें से दो अध्यापकों को ग्राम गौना कुसमाड़ व ग्राम सतरवांस अटैच किया गया है। वहीं एक कप्यूटर अध्यापक समेत दस अध्यापकों को अभिभावक शिक्षक संघ द्वारा नियुक्त किया गया है। वर्तमान में विद्यालय प्रशासन स्टाफ की कमी से जूझ रहा है, लेकिन यह समस्या अगले वर्ष से और अधिक बढ़ जाएगी। नवीन सत्र 2017 तक दो अध्यापकों को प्रमोशन हो जाएगा और चार अध्यापक रिटायर हो जाएंगे, इसके बाद विद्यालय में स्टाफ की कमी की समस्या और बढ़ जाएगी।


राजकीय विद्यालय होने के कारण यहां प्रवेश लेने के लिए आने वाले छात्रों को मना नहीं किया जा सकता है। प्रवेश कार्य में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है। सुविधाओं के लिए विद्यालय प्रशासन की ओर से पूरी कोशिश की जा रही है। कंप्यूटर प्रयोगशाला पूर्व से बंद पड़ी हुई है, वर्तमान में कंप्यूटर प्रयोगशाला को चालू करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस सप्ताह के अंत तक करीब 20 कंप्यूटरों की मरम्मत कराकर लैब को शुरू करा दिया जाएगा।
-राजेंद्र कुमार त्रिपाठी
प्रधानाचार्य
राजकीय इंटर कालेज, ललितपुर।
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