राहत चेक वितरण में बडे़ स्तर पर हुआ फर्जीवाड़ा

lalitpur Updated Wed, 22 Mar 2017 01:08 AM IST
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प्राकृतिक आपदाओं के चलते फसलों की बर्बादी से परेशान किसानों को बेशक सरकार ने मुआवजा राशि देकर राहत पहुंचाने की कोशिश की हो। लेकिन राजस्व कर्मियों की मनमानी और कमीशनखोरी के चलते अधिकांश वास्तविक पात्र किसानों तक यह राहत राशि नहीं पहुंच सकी। राहत चेक वितरण में हुई जमकर धांधली की बानगी महरौनी तहसील क्षेत्र में देखने को मिल रही है और बड़ा घोटाला उजागर हो रहा है।
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सोमवार को ग्राम अगौरा और बम्होरी बहादुर सिंह के किसानों की शिकायत के बाद चेक वितरण में हुई धांधली का मामला उजागर हुआ और उसके बाद संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। प्रशासन तत्काल हरकत में आया और आननफानन में तहसीलदार महरौनी सुशील कुमार दुबे ने संदिग्ध 150 चेक के भुगतान पर रोक लगाने के लिए संबंधित बैंक शाखाओं को पत्र लिखा और बैंक में जाकर जब डिटेल खंगाली गई तो अनेक चेक पर ओवरराईटिंग पाई गई, जिन में पहले से अंकित की गई धनराशि को कई गुना बढ़ाचढ़ा कर लिख दी गयी थी। इनमें अनेक लोगों के ऐसे नाम शामिल हैं जिनके पास भूमि ही नहीं थी और उनके नाम चेक वितरण किया गया। इसके अलावा अनेक चेकों पर तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर भी पाये गए। तहसीलदार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी को पूरे प्रकरण से अवगत कराया और जिलाधिकारी ने मामले की गहन जांच कराने की बात कही है। इस जांच के बाद ही घोटाले के मास्टर माइंड और इसमें लिप्त लोगों के नाम सामने आएंगे।
जिस तरह से राहत चेक वितरण के मामले में तथ्य उजागर हो रहे हैं और जांच चल रही है। उसके अनुसार यह मामला केवल कुछ गांवों का ही नहीं है बल्कि अनेक ग्रामों में इसी तरह का फर्जीवाड़ा होने की संभावना जताई जा रही है। ओवरराईटिंग वाले चेक में तहसील क्षेत्र के अलग-अलग अनेक ग्रामों के लोगों के नाम चैक पाए हैं, जिनसे यह स्पष्ट हो रहा है कि घोटाला बडे़ स्तर पर हुआ है और ऐसी संभावना जताई जा रही है कि यह हेरफेर एक करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। ग्रामीणों द्वारा इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की जा रही है।

तीन चेकबुक का नही मिल रहा रिकार्ड
महरौनी। फर्जी तरीके से राहत चेक वितरण के मामले में अभी तक जो तथ्य सामने आये हैं, उनमें  गत 31 दिसबंर 2012 को बैंक द्वारा तहसीलदार महरौनी को आवंटित की गई, तीन चैकबुक गायब हैं। जिन चेकों की सीरियल संख्या 234176 से 234225 , 234226 से 234275 , 234276 से 234325 बताई गई है। इन सीरियल की कुल 150 चेक ऐसी है, जिनका तहसीलदार कार्यालय मे कही कोई रिकार्ड नही मिल रहा है। इनके भुगतान पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन बैंक रिकार्ड में इनमें से अनेक चेकों का भुगतान हो चुका है।

ओवरराईटिंग वाले 21 चेक बैंक ने वापस लौटाए
महरौनी (ब्यूरो)। तहसीलदार महरौनी से प्राप्त पत्र के बाद जब बैंक प्रशासन ने चेकों की पड़ताल की तो इनमें से 21 चैक ओवर राईटिंग वाले पाये गये। जिन पर धनराशि बढ़ाकर अंकित की गयी थी और हस्ताक्षर भी जाली नजर आ रहे थे। इन चेकों को बैंक ने तहसीलदार कार्यालय वापस भेज दिया है। इनमें मुन्नी पत्नि वीरन ग्राम पडवा, खन्सुआ पुत्र सुनुआ ग्राम लुहर्रा, अश्वनी पुत्र जगदीश चतुर्वेदी, छक्कीलाल पुत्र झगडू बम्हौरी बहादुर सिह, झगडू बम्हौरी बहादुर सिंह, अकल वाई पत्नि छक्कीलाल बम्हौरी बहादुर सिंह, अनिल पुत्र कम्मोद, भगवती पत्नि सुखदयाल, रतिराम पुत्र सुखदयाल, जयराम पुत्र रमेश, संध्या पत्नि हल्केराम ग्राम पडवा, हल्के पुत्र घुघू, देवेंद्र  पुत्र कल्ले राम, हीरा पुत्र लछमन ग्राम खैरपुरा, राकेश पुत्र हरलाल ग्राम सिमिरिया, सूरी पत्नि शिवू, सुन्ना पुत्र मुलू ग्राम लुहर्रा, पुरूषोत्तम पुत्र लटकन ग्राम रनगांव,नाथू पुत्र रल्लिया ग्राम दिदौनिया, चित्ता पुत्र हल्लू, बुद्दा ग्राम रनगांव के नाम थे। ओवरराइटिंग व धनराशि मे हुई छेडछाड के कारण बैक द्वारा भुगतान नही किया गया।

तहसीलदार के खाते में लौटाई 29 लोगों ने धनराशि
महरौनी। राहत चैक वितरण मामले में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद प्रशासन की ओर से संबंधित उन सभी व्यक्तियों पर जब कार्यवाही किये जाने की बात कही गयी जिनके नाम फर्जी चैक बनाये गये थे और बैंक से धनराशि का भुगतान करा लिया गया था , तो हडकंप मच गया। कार्यवाही के भय से सकते में आये 29 लोगों ने आनन फानन में भुगतान कराई गयी धनराशि तहसीलदार महरौनी के पदेन खाते में जमा करवाई है।
जिनमें हल्ले, सुरेन्द्र,पानकुवर, रेखा,धनीराम,भगवानदास, राधा,छोटे,भरोसी, लछमन, मनसुख,वृन्दावन,धीरज, दुरजी, राजपाल, कोमल,चन्दन सिंह, आशाराम, हीरा, भुल्ला, बालकिशन, सन्तोष, किशन, राजकुमारी ,ऊषा,लखन,पूरन, तुलसी के नाम शामिल हैं। वहीं रामदास पुत्र मुन्नी और आशाराम पुत्र नथुआ ने चैको का भुगतान नहीं करा पाया था। कार्यवाही के भय से ग्रामीणों ने धनराशि तो तहसीलदार के खाते में लौटा दी लेकिन इतना करने से वह बच पाएंगे, यह भी तय नहीं है।

किसानों को सूखा राहत के चैक वितरण में हुई गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा का मामला संज्ञान में आया है। इसको गंभीरतापूर्वक लिया जा रहा है और गहन जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी दोषी व संलिप्त पाये जायेंगे उन पर सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
डा. रूपेश कुमार
जिलाधिकारी ललितपुर
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