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सीएचसी निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मांगी जमीन
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पाली (ललितपुर)। पाली कस्बा में वर्षों से चल रही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों ने जमीन दाने में दी, लेकिन मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निरीक्षण में जमीन अस्पताल के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई।
नगर पंचायत पाली में अस्पताल बने, इसके लिए यहां के लोग बीते दो दशक से लगातार अपनी मांग रखते आ रहे हैं। कई बार अस्पताल निर्माण को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई तो लगा कि जल्द ही अस्पताल का निर्माण होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक वर्ष पूर्व कस्बा के चार लोगों ने अस्पताल के लिए जमीन दान देने की घोषणा की थी। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीके गर्ग ने तहसीलदार अभिषेक कुमार और नगर पंचायत अध्यक्ष रामकुमार चौरसिया से बात कर जमीन दान देने की इच्छा जता चुके लोगों की जमीन का मौका - मुआयना किया। प्रस्तावित अस्पताल बिल्डिंग के लिए मुख्य सड़क के किनारे 150 फुट फ्रंट सहित ढाई एकड़ जमीन की आवश्यकता है। मौके पर जमीन ढाई एकड़ मिल गई, लेकिन फ्रंट में जमीन नहीं है। इस कारण मामला अटक गया है। अब अस्पताल के लिए एक बार फिर जमीन जुटाने की कोशिश शुरू हो गई है।
दानवीरों का सहारा
सरकारी अस्पताल के लिए जमीन मिलेगी या नहीं, इसके लिए दानवीरों का सहारा है। यदि जमीन मिल जाती है तो ठीक, अन्यथा नए सिरे से दोबारा कवायद शुरू होगी।
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नगर पंचायत पाली में अस्पताल बने, इसके लिए यहां के लोग बीते दो दशक से लगातार अपनी मांग रखते आ रहे हैं। कई बार अस्पताल निर्माण को लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई तो लगा कि जल्द ही अस्पताल का निर्माण होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। एक वर्ष पूर्व कस्बा के चार लोगों ने अस्पताल के लिए जमीन दान देने की घोषणा की थी। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. डीके गर्ग ने तहसीलदार अभिषेक कुमार और नगर पंचायत अध्यक्ष रामकुमार चौरसिया से बात कर जमीन दान देने की इच्छा जता चुके लोगों की जमीन का मौका - मुआयना किया। प्रस्तावित अस्पताल बिल्डिंग के लिए मुख्य सड़क के किनारे 150 फुट फ्रंट सहित ढाई एकड़ जमीन की आवश्यकता है। मौके पर जमीन ढाई एकड़ मिल गई, लेकिन फ्रंट में जमीन नहीं है। इस कारण मामला अटक गया है। अब अस्पताल के लिए एक बार फिर जमीन जुटाने की कोशिश शुरू हो गई है।
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दानवीरों का सहारा
सरकारी अस्पताल के लिए जमीन मिलेगी या नहीं, इसके लिए दानवीरों का सहारा है। यदि जमीन मिल जाती है तो ठीक, अन्यथा नए सिरे से दोबारा कवायद शुरू होगी।