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लेखपालें की हड़ताल से दो हजार प्राण पत्र अटके

Thu, 26 Dec 2019 01:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 01:21 AM IST
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certification affected by lekhpaal strike
ललितपुर। पंद्रह दिन से चल रही लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने का काम तो ठप चल ही रहा है, किसान क्रेडिट कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं। जमीनों की नापजोख और वारिस प्रमाण पत्र बनाने का काम ठप पड़ा है। हड़ताल से जिले भर में दो हजार से अधिक प्रमाण पत्रों का काम अटका पड़ा है। जमीन की नापजोख न होने से लोगों के बीच झगड़े हो रहे हैं।
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लेखपालों द्वारा एसीपी विसंगति, पेंशन विसंगति, अट्ठाइस सौ रुपये ग्रेड पे, मोटरसाइकिल भत्ता समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर हड़ताल की जा रही है। हड़ताल से पहले लेखपालों ने बस्ते जमा कर दिए थे, जिससे कोई काम नहीं हो पा रहा है।
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जबकि, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने में लेखपालों की रिपोर्ट अहम मानी जाती है। कमोवेश यही स्थिति किसान क्रेडिट कार्ड बनाने में हो रही है। किसानों को जमीन का (61 ख) प्रमाण पत्र लेखपालों द्वारा जारी किया जाता है, जो ठप है। इस कारण रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ पा रही है। वारिस प्रमाणपत्र बनाने का काम अटका होने की वजह से जमीनों के हस्तांतरण नहीं हो पा रहे हैं। जमीनों के विवाद में बिना लेखपालों की मदद के नाप- जोख नहीं हो रही है। इस कारण काम पेंडिंग चल रहे हैं। संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में आने वाले जमीन संबंधी शिकायती पत्रों का समाधान का काम रुक गया है। इतना ही नहीं, अदालती मामलों में जिनमें जमीनों की नाप के आदेश दिए गए हैं, वह कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
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कुल मिलाकर लेखपालों की हड़ताल की वजह से लोगों के काम रुक गए हैं और उन्हें कोई दूसरा विकल्प नहीं सूझ रहा है। हालांकि, राजस्व निरीक्षकों से इस काम के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने काम करने से इंकार कर दिया है। इस कारण मामला लटका पड़ा है। प्रशासन लेखपालों के प्रति कड़ा रुख अपना रहा है। अब तक जिलाधिकारी जिले के 20 लेखपालों को सेवा से बर्खास्त कर चुके हैं। 12 लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है व 168 लेखपालों की सर्विस ब्रेक कर दी गई है। तहसील तालबेहट में 85 निवास प्रमाण पत्र, 129 जाति प्रमाण पत्र, 165 आय प्रमाण पत्र बनने का इंतजार कर रहे हें। इसी तरह तहसील मड़ावरा में करीब चार सौ प्रमाण पत्र, महसील महरौनी में करीब साढ़े चार सौ प्रमाण पत्र, तहसील पाली में लगभग साढ़े चार सौ और तहसील ललितपुर में साढ़े पांच सौ प्रमाण पत्र पेंडिंग चल रहे हैं। औसत पांच से दस आवेदन प्रत्येक लेखपाल के पास हैं। इतना ही नहीं तहसील के तीस हल्कों का काम पूरी तरह से ठप है, क्योंकि लेखपालों के बस्ते पहले ही जमा हो गए थे। शांति समिति की बैठकों में लेखपालों की मौजूदगी रहती है। गांव में यदि कहीं झगड़ा होने की आशंका रहती है तो लेखपालों से फीडबैक लिया जाता है कि क्या स्थिति है और क्या संभावना हो सकती है।
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यह काम हो रहे प्रभावित
लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, खसरा- खतौनी की नकल, भूमि प्रमाण पत्र, आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें, संपूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस में आने वाले जमीन संबंधी शिकायतें, हैसियत प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, 61 (ख), वारिसान प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जमीन की नापजोख पूरी तरह से ठप है।

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विरासत, आय, जाति, निवास, 61(ख), खसरा, परिवार लाभ, शादी अनुदान, पेंशन का काम ठप चल रहे हैं। जमीनी विवाद और ग्रामसभाओं में नापजोख भी लेखपालों की हड़ताल से नहीं हो पा रही है। जनता के काम भी नहीं हो पाने से लोगों को परेशानी हो रही है।
- अनिल कुमार, एसडीएम, पाली
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