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नहरों की सिल्ट सफाई व सिंचाई व पुनर्वास योजना के संबंध में अधिकारियों को दिए निर्देश

Tue, 12 Oct 2021 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:57 AM IST
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cenal silt removed cmpaign
nahar.jpg - फोटो : nahar.jpg
ललितपुर। जनपद में नहरों की सिल्ट सफाई, सिंचाई एवं पुनर्वास योजना से संबंधित बैठक कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिससे जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में सदर विधायक रामरतन कुशवाहा एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन की उपस्थित रहे। इसमें बताया गया कि नहरों की सिल्ट सफाई का काम 15 से 30 अक्तूबर तक कराया जाएगा। साथ ही मनरेगा के कामों की मॉनिटरिंग की जाएगी।
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बैठक में सर्वप्रथम कचनौंदा बांध पुनर्वास योजना के लाभार्थियों द्वारा मांग रखी गई कि 18 वर्ष के ऊपर के लाभार्थी मुआवजे में शामिल होने से रह गए हैं, उन्हें मुआवजे के दायरे में लिया जाए। इस पर अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया गया कि सात अक्तूूबर 2017 तक कटऑफ तिथि घोषित की गई थी, इस तिथि को जो भी व्यक्ति 18 वर्ष से ऊपर थे, उनको मुआवजे में शामिल किया गया था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि भारौनी क्षेत्र डूब क्षेत्र में आता है, लेकिन उसे पुनर्वास योजना में नहीं लिया जा रहा है। नहरों की सिल्ट सफाई की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले वर्ष नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य मनरेगा के तहत कराया गया था। जिस पर विभागीय बजट से कार्य कराने पर हीलाहवाली बरती जाती है, इस बार कार्य की मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी कार्यों की फोटोग्राफी और जियो टैगिंग की जाएगी। साथ ही सिल्ट सफाई का कार्य 15 से 30 अक्तूबर तक कराया जाएगा। बैठक में डीएम अन्नावि दिनेशकुमार, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, एडीएम अनिल कुमार मिश्र, जिला विकास अधिकारी केएन पांडेय, सीएमओ डा. जीपी शुक्ला, उपायुक्त मनरेगा रविंद्रवीर यादव, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय सहित विभिन्न ग्रामों के ग्राम प्रधान व ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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कैंप लगाकर विद्युत बिलों के मामलों को निपटाया जाए
सदर विधायक ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि विद्युत व्यवस्था को अत्यंत सावधानी के साथ देखें, जनपद में अनावश्यक विद्युत कटौती न की जाए। साथ ही कैंप लगाकर विद्युत बिलों के मामलों को निपटाया जाए। कृषि विभाग की समीक्षा में बताया कि जनपद में 1,61,511 बीमित किसान हैं, इनमें से जिनकी फसलों को क्षति हुई थी, उनकी सूची तैयार कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। इसके अलावा जो कृषक बीमित नहीं हैं उनको आपदा राहत योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
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