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बदहाल हैं अंत्येष्टि स्थल
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:56 AM IST
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कब्रस्ताान
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। मुहल्ला नेहरू नगर में स्थित श्मशान घाट व कब्रिस्तान बदहाल स्थिति में हैं। स्थानीय लोगों की मांग के बाद भी अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। स्थिति यह है कि यहां पानी, लाइट, सड़क, सुरक्षा आदि की व्यवस्था नहीं है, जिससे अंतिम संस्कार करने यहां आने वाले लोगों को समस्याओं का समाना करना पड़ रहा है।
रेलवे स्टेशन के दूसरी ओर बसा मुहल्ला नेहरू नगर शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती और पुरानी बस्ती है। यहां की आबादी 10 हजार से भी अधिक है। इस क्षेत्र को दो वार्डों, वार्ड नंबर 04 व वार्ड नंबर 06 में बांटा गया है। यहां पर हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदाय के सभी वर्ग के लोग रहते हैं। इतनी अधिक आबादी वाले क्षेत्र में मात्र एक श्मशान घाट और कब्रिस्तान है, जो बाल संरक्षण गृह के पीछे हैँ। नगर पालिका के पिछले बोर्ड ने दोनों अन्त्येष्टि स्थलों का जीर्णोधार कराया था। यहां पर पेड़-पौधे व फूलों की क्यारियां बनाई गई थीं, लेकिन वर्तमान पालिका बोर्ड की उदासीनता के कारण इन अंत्येष्टि स्थलों की स्थिति काफी खराब हो गई है। यहां पर केवल सूखी घास व कंटीली झाड़ियां की रह गई हैं। यहां पर न तो लाइट की कोई व्यवस्था है और न ही पानी को कोई उचित साधन। यहां पहुंचने के लिए करीब एक किमी दूरी का रास्ता सड़क विहीन है।
लाइट की नहीं कोई व्यवस्था
क्षेत्रीय आबादी से करीब डेढ़ किमी दूर बाल संरक्षण गृह के पीछे बने श्मशान घाट व कब्रिस्तान में बिजली की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। एक एकड़े से अधिक भू-भाग में बने श्मशान घाट में प्रकाश की व्यव्स्था के लिए श्मशान घाट के मुख्यद्वार पर एक मात्र स्ट्रीट लाइट का खंभा लगा है, जो केवल शो पीस बना हुआ है। इसमें न तो काई बल्ब लगा है और न ही बिजली का काई कनेक्शन है। वहीं, कब्रिस्तान में स्ट्रीट लाइट के लिए कोई खंभा तो नहीं लगा है, पर इतने बड़े कब्रिस्तान में केवल एक सौ वाट का बल्ब लटका हुआ है। बिजली की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां आसपास से गुजरे बिजली के खंभों में कटिया डालकर जुगाड़ लगाई जाती है। ऐसे में शाम के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए आने वालों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।
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सुरक्षा व रखरखाव का है अभाव
मुहल्ला नेहरु नगर में बने श्मसान घाट व कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए कोई व्सवस्था नहीं होने के कारण लगाए गए पेड़- पौधे नष्ट हो गए हैं। सुरक्षा के अभाव में लोगों ने उक्त हरे पेड़-पौधों को काट डाला है। इसके अलावा अराजकतत्वों ने यहां बने नल हाउस में रखी मशीन व नलों को चोरी कर लिया है।
अराजकतत्वों का लगता है जमावड़ा
अंधेरे व असुरक्षा का फायदा उठाते हुए अराजकत्व यहां आते हैं। एक तरह से यह श्मसान स्थल को अराजकतत्वों ने अपना डेरा बना लिया है। शाम होते ही यहां अराजकत्तवों का जमावड़ा शुरु होने लगाता है। शराब के साथ-साथ यहां अन्य असामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
इनका कहना है
वित्तीय वर्ष 2016- 17 में प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हैं। शासन से स्वीकृत होते ही कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष
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रेलवे स्टेशन के दूसरी ओर बसा मुहल्ला नेहरू नगर शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती और पुरानी बस्ती है। यहां की आबादी 10 हजार से भी अधिक है। इस क्षेत्र को दो वार्डों, वार्ड नंबर 04 व वार्ड नंबर 06 में बांटा गया है। यहां पर हिंदू व मुस्लिम दोनों समुदाय के सभी वर्ग के लोग रहते हैं। इतनी अधिक आबादी वाले क्षेत्र में मात्र एक श्मशान घाट और कब्रिस्तान है, जो बाल संरक्षण गृह के पीछे हैँ। नगर पालिका के पिछले बोर्ड ने दोनों अन्त्येष्टि स्थलों का जीर्णोधार कराया था। यहां पर पेड़-पौधे व फूलों की क्यारियां बनाई गई थीं, लेकिन वर्तमान पालिका बोर्ड की उदासीनता के कारण इन अंत्येष्टि स्थलों की स्थिति काफी खराब हो गई है। यहां पर केवल सूखी घास व कंटीली झाड़ियां की रह गई हैं। यहां पर न तो लाइट की कोई व्यवस्था है और न ही पानी को कोई उचित साधन। यहां पहुंचने के लिए करीब एक किमी दूरी का रास्ता सड़क विहीन है।
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लाइट की नहीं कोई व्यवस्था
क्षेत्रीय आबादी से करीब डेढ़ किमी दूर बाल संरक्षण गृह के पीछे बने श्मशान घाट व कब्रिस्तान में बिजली की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। एक एकड़े से अधिक भू-भाग में बने श्मशान घाट में प्रकाश की व्यव्स्था के लिए श्मशान घाट के मुख्यद्वार पर एक मात्र स्ट्रीट लाइट का खंभा लगा है, जो केवल शो पीस बना हुआ है। इसमें न तो काई बल्ब लगा है और न ही बिजली का काई कनेक्शन है। वहीं, कब्रिस्तान में स्ट्रीट लाइट के लिए कोई खंभा तो नहीं लगा है, पर इतने बड़े कब्रिस्तान में केवल एक सौ वाट का बल्ब लटका हुआ है। बिजली की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां आसपास से गुजरे बिजली के खंभों में कटिया डालकर जुगाड़ लगाई जाती है। ऐसे में शाम के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए आने वालों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।
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सुरक्षा व रखरखाव का है अभाव
मुहल्ला नेहरु नगर में बने श्मसान घाट व कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए कोई व्सवस्था नहीं होने के कारण लगाए गए पेड़- पौधे नष्ट हो गए हैं। सुरक्षा के अभाव में लोगों ने उक्त हरे पेड़-पौधों को काट डाला है। इसके अलावा अराजकतत्वों ने यहां बने नल हाउस में रखी मशीन व नलों को चोरी कर लिया है।
अराजकतत्वों का लगता है जमावड़ा
अंधेरे व असुरक्षा का फायदा उठाते हुए अराजकत्व यहां आते हैं। एक तरह से यह श्मसान स्थल को अराजकतत्वों ने अपना डेरा बना लिया है। शाम होते ही यहां अराजकत्तवों का जमावड़ा शुरु होने लगाता है। शराब के साथ-साथ यहां अन्य असामाजिक गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है।
इनका कहना है
वित्तीय वर्ष 2016- 17 में प्रस्ताव बनाकर भेज दिए गए हैं। शासन से स्वीकृत होते ही कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष