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जामनी तक बसें चलीं
lalitpur
Updated Sun, 25 Dec 2016 01:22 AM IST
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बस
- फोटो : demo pic
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एआरटीओ की सख्ती के बाद ललितपुर, धौर्रा और जखौरा से ग्राम जामनी तक की परमिट वाली बसों का संचालन एक बार फिर से शुरू हो गया है। अभी तक बस संचालकों की मनमानी के चलते जामनी रूट वाली एक दर्जन बसें अन्य रूटों पर संचालित की जा रही थीं। इसके चलते एआरटीओ की कार्रवाई और चेतावनी के बाद बसों का संचालन वर्षों बाद परमिट वाले रूट पर शुरू कर दिया गया है।
ललितपुर, धौर्रा और जखौरा से ग्राम जामनी तक एआरटीओ प्रशासन द्वारा कुल 11 बसों को परमिट जारी किया गया है। इसके तहत पांच बसें ललितपुर से जामनी, पांच बसें जामनी से धौर्रा और एक बस जखौरा से जामनी के लिए चलाई जाती है। लेकिन कुछ वर्षों से बस संचालकों की मनमानी के चलते जामनी तक की परमिट वाली सभी बसों का संचालन अन्य रूटों जैसे, डोंगरा, पटना व पारौल तक किया जा रहा था। ऐसे में जामनी गांव तक ग्रामीणों को जर्जर सड़क मार्ग से छह किलोमीटर तक पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही थी। इसके चलते ग्रामीणों ने कई बार एआरटीओ व जिलाधिकारी से परमिट के अनुसार निर्धारित जामनी रूट पर बसों के संचालन की मांग की थी। गत दिवस शुक्रवार को एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव ने उक्त जामनी व डोंगरा रुट पर छापामार कार्रवाई की थी। इसमें डोंगरा-पारौल रूट पर एक बस बिना परमिट के चलते पकड़ी थी। इसके अलावा ओवरलोड व अन्य अवैध रूप से संचालित वाहन चलते पकड़े थे। एआरटीओ ने बस यूनियन को निर्धारित रूट पर बसें संचालित करने के कड़े निर्देश जारी किए, जिस पर अब फिर से वर्षों बाद निर्धारित रूट पर ही उक्त बसों का संचालन शुरू हो गया है। इससे इस रूट पर बसों से यात्रा करने वाले लोगों को छह किलोमीटर तक पैदल चलने की समस्या से निजात मिल गई है।
डोंगरा-पारौल रूट के लोगों की मुश्किलें बढ़ी
ललितपुर। बिना परमिट वाली बसों का डोंगरा-पटना-पारौल रूट पर संचालन बंद होने से यहां ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं। इस रूट पर भी सड़कों की जर्जर व दयनीय स्थिति है, जिससे अब इस रूट के ग्रामीणों को सात किलोमीटर पैदल जाना पड़ रहा है। ऐसे में एक रूट की समस्या का समाधान तो गया है, लेकिन अब दूसरे रूट पर बसें बंद होने से लोगों को परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
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बस संचालकों को जारी परमिट के आधार पर निर्धारित रूट पर बसों के संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि डोंगरा-पटना-पारौल रूट के लिए बसों के परमिट की डिमांड आती है, तो उस रूट के लिए बसों का परमिट जारी किया जाएगा।
- सोमलता यादव, एआरटीओ प्रवर्तन।
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ललितपुर, धौर्रा और जखौरा से ग्राम जामनी तक एआरटीओ प्रशासन द्वारा कुल 11 बसों को परमिट जारी किया गया है। इसके तहत पांच बसें ललितपुर से जामनी, पांच बसें जामनी से धौर्रा और एक बस जखौरा से जामनी के लिए चलाई जाती है। लेकिन कुछ वर्षों से बस संचालकों की मनमानी के चलते जामनी तक की परमिट वाली सभी बसों का संचालन अन्य रूटों जैसे, डोंगरा, पटना व पारौल तक किया जा रहा था। ऐसे में जामनी गांव तक ग्रामीणों को जर्जर सड़क मार्ग से छह किलोमीटर तक पैदल ही यात्रा करनी पड़ रही थी। इसके चलते ग्रामीणों ने कई बार एआरटीओ व जिलाधिकारी से परमिट के अनुसार निर्धारित जामनी रूट पर बसों के संचालन की मांग की थी। गत दिवस शुक्रवार को एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता यादव ने उक्त जामनी व डोंगरा रुट पर छापामार कार्रवाई की थी। इसमें डोंगरा-पारौल रूट पर एक बस बिना परमिट के चलते पकड़ी थी। इसके अलावा ओवरलोड व अन्य अवैध रूप से संचालित वाहन चलते पकड़े थे। एआरटीओ ने बस यूनियन को निर्धारित रूट पर बसें संचालित करने के कड़े निर्देश जारी किए, जिस पर अब फिर से वर्षों बाद निर्धारित रूट पर ही उक्त बसों का संचालन शुरू हो गया है। इससे इस रूट पर बसों से यात्रा करने वाले लोगों को छह किलोमीटर तक पैदल चलने की समस्या से निजात मिल गई है।
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डोंगरा-पारौल रूट के लोगों की मुश्किलें बढ़ी
ललितपुर। बिना परमिट वाली बसों का डोंगरा-पटना-पारौल रूट पर संचालन बंद होने से यहां ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं। इस रूट पर भी सड़कों की जर्जर व दयनीय स्थिति है, जिससे अब इस रूट के ग्रामीणों को सात किलोमीटर पैदल जाना पड़ रहा है। ऐसे में एक रूट की समस्या का समाधान तो गया है, लेकिन अब दूसरे रूट पर बसें बंद होने से लोगों को परेशानियां खड़ी हो गई हैं।
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बस संचालकों को जारी परमिट के आधार पर निर्धारित रूट पर बसों के संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि डोंगरा-पटना-पारौल रूट के लिए बसों के परमिट की डिमांड आती है, तो उस रूट के लिए बसों का परमिट जारी किया जाएगा।
- सोमलता यादव, एआरटीओ प्रवर्तन।