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ललितपुर की बेटी के बुंदेली गाने ने मचाया धमाल
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ललितपुुर। विधानसभा चुनाव के माहौल में ललितपुर की बेटी कवयित्री अनामिका अंबर के बुंदेलखंडी गाने ‘यूपी में बाबा’ ने धमाल मचा दिया है। चुनावी माहौल में यह गाना जमकर वायरल हो रहा है।
उत्तर प्रदेश में जहां नेताओं में जुबानी जंग छिड़ी हुई है, वहीं भोजपुरी स्टार रवि किशन और गायिका नेहा राठौर के गाने के जवाब में अनामिका अंबर का गाना खूब सुर्खियां रहा है। अनामिका जैन अंबर के पिता पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष उत्तम चंद जैन ने बताया कि उनकी बेटी जब कक्षा पांचवीं में पढ़ती थी, तभी से वह तुकबंदी लिखती थी और कक्षा नौ में वह मंच के माध्यम से कविता पाठ करने लगी थी। वह आज देश में लगभग सभी राज्यों के प्रमुख शहरों में तो कविता मंचन करती ही हैं। साथ ही यूएसए, दुबई जैसे कई देशों में भी अपने कविता का मंचीय प्रदर्शन कर चुकी हैं।
इनके पति सौरभ जैन भी प्रसिद्ध कवि हैं और मेरठ में रहे हैं। अनामिका ने वनस्पति विज्ञान से एमएससी करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल की है। अनामिका जैन अंबर के परिवार का समाजवादी पार्टी से पुराना और गहरा नाता रहा है। उनके पिता एक समय समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष और उनकी मां गुणमाला जैन सपा की महिला जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं खुद अनामिका जैन अंबर को 2019 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी से मेरठ में लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन कवयित्री ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।
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अनामिका जैन अंबर ने स्कूल के समय से ही कविता पाठ और मंचन की शुरूआत की थी। उनका कहना है कि सभी लोग अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषा में गीत गाते हैं, जिसने उन्हें भी अपनी बुंदेली भाषा में गीत गाने को प्रेरित किया।
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उत्तर प्रदेश में जहां नेताओं में जुबानी जंग छिड़ी हुई है, वहीं भोजपुरी स्टार रवि किशन और गायिका नेहा राठौर के गाने के जवाब में अनामिका अंबर का गाना खूब सुर्खियां रहा है। अनामिका जैन अंबर के पिता पूर्व जिला बार संघ अध्यक्ष उत्तम चंद जैन ने बताया कि उनकी बेटी जब कक्षा पांचवीं में पढ़ती थी, तभी से वह तुकबंदी लिखती थी और कक्षा नौ में वह मंच के माध्यम से कविता पाठ करने लगी थी। वह आज देश में लगभग सभी राज्यों के प्रमुख शहरों में तो कविता मंचन करती ही हैं। साथ ही यूएसए, दुबई जैसे कई देशों में भी अपने कविता का मंचीय प्रदर्शन कर चुकी हैं।
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इनके पति सौरभ जैन भी प्रसिद्ध कवि हैं और मेरठ में रहे हैं। अनामिका ने वनस्पति विज्ञान से एमएससी करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि भी हासिल की है। अनामिका जैन अंबर के परिवार का समाजवादी पार्टी से पुराना और गहरा नाता रहा है। उनके पिता एक समय समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष और उनकी मां गुणमाला जैन सपा की महिला जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं खुद अनामिका जैन अंबर को 2019 में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी से मेरठ में लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन कवयित्री ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।
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अनामिका जैन अंबर ने स्कूल के समय से ही कविता पाठ और मंचन की शुरूआत की थी। उनका कहना है कि सभी लोग अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषा में गीत गाते हैं, जिसने उन्हें भी अपनी बुंदेली भाषा में गीत गाने को प्रेरित किया।