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बुढ़या गई लैन, जुगाड़ से आ रई लाइट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Jul 2016 01:19 AM IST
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bitut bibhag, lalitpur news
- फोटो : demo
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महरौनी (ललितपुर)। जर्जर हो चुकी कस्बा के बिजली के तारों में आए दिन फाल्ट हो रहे हैं। फाल्ट के कारण आपूर्ति गड़बड़ा रही है, इस कारण लोग परेशान हैं और उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। संसाधनों के अभाव में बिजली विभाग के अफसर जैसे-तैसे जुगाड़ करके काम चला रहे हैं।
गत वर्ष महरौनी पावर हाउस में बहुप्रतीक्षित 132 केवीए लाइन से सप्लाई शुरू होने के बाद क्षेत्रवासियों को आशा जागी थी कि बार-बार होने वाले फाल्ट से मुक्ति और निर्बाध बिजली आपूर्ति का सुख मिलेगा। रोंड़ा से महरौनी तक आने वाली लाइन में तो फाल्ट की समस्या का तो समाधान हो गया, लेकिन अब कस्बा क्षेत्र में लगातार लाइन फाल्ट की समस्या से बिजली आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। स्थिति यह है कि महरौनी पावर हाउस पर तो पूरे दिन बिजली आती रहती है, लेकिन कस्बावासी फिर भी बिजली आपूर्ति के लिये तरसते हैं।
नगर क्षेत्र की लाइन में बार-बार फाल्ट आने, फेस उड़ने और अन्य तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति ठप हो जाती है। कस्बा में बिछी लाइन कई जगहों पर पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है और अब यह मरम्मत योग्य भी नहीं हैं। ऐसे में लाइन बदलने की अति आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन आवश्यक सामग्री का अभाव बना हुआ है।
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ऐसे में विद्युत कर्मियों द्वारा लाइन में खराबी आने पर हर बार वही काम चलाऊ जुगाड़ बनाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन यह उपाय अब कारगर साबित नहीं हो पा रही है।
लाइन में आ रही समस्या
कस्बा में नियमित अंतराल पर लाइन में फाल्ट हो रहे हैं। अक्सर बिजली के तार आपस में चिपक जाते हैं, जिससे फाल्ट हो जाता है। विद्युत संबंधी समस्याओं को दूर करने वाली पेेट्रोलिंग टीम में तकनीकी जानकार अधिकारी या प्रशिक्षित शासकीय कर्मचारी नहीं रहते हैं, बल्कि दो-तीन संविदाकर्मियों के भरोसे ही किसी तरह से काम चल रहा है। लाइन में बार-बार फाल्ट आने की वजह से ट्रांसफार्मर भी जल रहे हैं, जिससे विभाग को काफी नुकसान हो रहा है।
सामग्री का स्टीमेट नहीं हो रहा पास
बिजली की समस्या के समाधान हेतु लाइनों का बदला जाना आवश्यक है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो कस्बा में वर्ष 2009 में डाली गईं बंच केबल की म्याद चार से पांच साल होती है, जो पूरी हो गई। लाइन जर्जर होने के कारण इसे बदलना अब जरूरी हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने कई बार स्टीमेट बनाकर भेजा है, लेकिन शासन ने अभी इसकी स्वीकृति नहीं दी है, जिससे लोग परेशान हैं।
कस्बा के अनेक स्थानों पर बंच केबल बदलना जरूरी है। सामग्री के लिए स्टीमेट बनाकर भेजे जा चुके हैं। स्वीकृति न मिलने पर उन्हें बदल दिया जाएगा।
चन्द्रप्रकाश, अवर अभियंता, विद्युत विभाग, महरौनी ।
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गत वर्ष महरौनी पावर हाउस में बहुप्रतीक्षित 132 केवीए लाइन से सप्लाई शुरू होने के बाद क्षेत्रवासियों को आशा जागी थी कि बार-बार होने वाले फाल्ट से मुक्ति और निर्बाध बिजली आपूर्ति का सुख मिलेगा। रोंड़ा से महरौनी तक आने वाली लाइन में तो फाल्ट की समस्या का तो समाधान हो गया, लेकिन अब कस्बा क्षेत्र में लगातार लाइन फाल्ट की समस्या से बिजली आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। स्थिति यह है कि महरौनी पावर हाउस पर तो पूरे दिन बिजली आती रहती है, लेकिन कस्बावासी फिर भी बिजली आपूर्ति के लिये तरसते हैं।
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नगर क्षेत्र की लाइन में बार-बार फाल्ट आने, फेस उड़ने और अन्य तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति ठप हो जाती है। कस्बा में बिछी लाइन कई जगहों पर पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुकी है और अब यह मरम्मत योग्य भी नहीं हैं। ऐसे में लाइन बदलने की अति आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन आवश्यक सामग्री का अभाव बना हुआ है।
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ऐसे में विद्युत कर्मियों द्वारा लाइन में खराबी आने पर हर बार वही काम चलाऊ जुगाड़ बनाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन यह उपाय अब कारगर साबित नहीं हो पा रही है।
लाइन में आ रही समस्या
कस्बा में नियमित अंतराल पर लाइन में फाल्ट हो रहे हैं। अक्सर बिजली के तार आपस में चिपक जाते हैं, जिससे फाल्ट हो जाता है। विद्युत संबंधी समस्याओं को दूर करने वाली पेेट्रोलिंग टीम में तकनीकी जानकार अधिकारी या प्रशिक्षित शासकीय कर्मचारी नहीं रहते हैं, बल्कि दो-तीन संविदाकर्मियों के भरोसे ही किसी तरह से काम चल रहा है। लाइन में बार-बार फाल्ट आने की वजह से ट्रांसफार्मर भी जल रहे हैं, जिससे विभाग को काफी नुकसान हो रहा है।
सामग्री का स्टीमेट नहीं हो रहा पास
बिजली की समस्या के समाधान हेतु लाइनों का बदला जाना आवश्यक है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो कस्बा में वर्ष 2009 में डाली गईं बंच केबल की म्याद चार से पांच साल होती है, जो पूरी हो गई। लाइन जर्जर होने के कारण इसे बदलना अब जरूरी हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने कई बार स्टीमेट बनाकर भेजा है, लेकिन शासन ने अभी इसकी स्वीकृति नहीं दी है, जिससे लोग परेशान हैं।
कस्बा के अनेक स्थानों पर बंच केबल बदलना जरूरी है। सामग्री के लिए स्टीमेट बनाकर भेजे जा चुके हैं। स्वीकृति न मिलने पर उन्हें बदल दिया जाएगा।
चन्द्रप्रकाश, अवर अभियंता, विद्युत विभाग, महरौनी ।