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बसबार में आग लगने से ठप रही बिजली

Fri, 05 Jun 2015 11:23 PM IST
ललितपुर/ ब्यूरो
ललितपुर/ ब्यूरो Updated Fri, 05 Jun 2015 11:23 PM IST
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ललितपुर। गर्मी में खपत बढ़ने के साथ ओवरलोड के कारण बार-बार बिजली गुल हो
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रही है। बृहस्पतिवार की रात्रि बसबार उपकरण में आग लगने से फीडर नंबर चार व पांच की बिजली साढ़े तीन घंटे गुल रही। इससे उपभोक्ता परेशान रहे।


पारीछा से 1,32,000 हजार केवीए की हाइटेंशन रोड़ा तक पहुंचती है। इसके बाद 66 केवीए के 5 तो वहीं 33 केवीए के 9 उप बिजलीघरों से होते हुए एलटी लाइनों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचती है। पनकी ट्रांसमिशन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 15 तो वहीं नगरीय इलाकों में 18 घंटे बिजली देने की बात कही जा रही है। लेकिन, गर्मी में बढ़ते ओवरलोड के चलते उपभोक्ताओं तक सुचारु आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है। बृहस्पतिवार रात्रि फीडर नंबर चार का लोड 200 तो वहीं फीडर नंबर पांच का लोड 180 एम्पियर चल रहा था।

इसके चलते बृहस्पतिवार रात्रि 10.30 बजे ओसीबी(ऑयल सर्किट ब्रेकर) मशीन के ऊपरी भाग में मौजूद बसबार उपकरण में अचानक आग लग गई, इससे दोनों फीडरों की बिजली गुल हो गई। इस कारण सदनशाह, जिलाधिकारी कार्यालय, न्याय विभाग, कचहरी परिसर, सर्किट हाउस, चांदमारी, रेलवे स्टेशन, चंडीमाता मंदिर, आजादपुरा, भरतपुरा हाउस, रूप सिंह तिराहा, रिशाला मंदिर, वर्णी कालेज, स्टेशन रोड, जिला परिषद, पुराना सूचना केंद्र, गांधीनगर आदि क्षेत्र की बिजली गुल रही। अवर अभियंता एसपी सिंह व एस के भट्टाचार्य की मौजूदगी में चार कर्मचारियों ने सुधारने का काम किया, लेकिन इसमें घंटों का समय लग गया। इस कारण रात्रि 2 बजे तक दोनों फीडर बंद रहे। इसके बाद आपूर्ति सुचारु कर दी गई। लेकिन सुबह 6 बजे रोड़ा से 33 केवीए लाइन फिर से बंद हो गई। इसका असर नगरवासियों की जलापूर्ति पर भी पड़ा। नल नहीं आने के कारण लोगों ने विद्युत अधिकारियों के जमकर फोन घनघनाए।  बिजली आने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।

रात्रि 12 बजे के बाद चल रहे फीडर
गर्मी में बढ़ती खपत के बीच ओवरलोड की स्थिति का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण फीडरों पर पड़ रहा है। नवीन गल्ला मंडी स्थित 66 केवीए से जुड़े 24 गांव वाले राजघाट फीडर व 65 गांव वाले देवगढ़ फीडर को रात्रि 12 बजे के बाद चलाया जा रहा है। नेहरू नगर व फीडर नंबर एक के साथ चलने वाले उक्त् दोनों फीडरों का शाम होते ही इतना अधिक लोड हो जाता है कि इन्हें एक साथ चलाना आसान नहीं होता है। ऐसी स्थिति में रात्रि 12 बजे के बाद ही गांव को बिजली दी जा रही है, इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


बंच केबल की गुणवत्ता पर उठे सवाल
नगर में विद्युत विभाग प्राइवेट कंपनी के माध्यम से केबल डलवाने का काम कर रहा है। लेकिन, लोड न झेल पाने के कारण लगातार केबल क्षतिग्रस्त हो रही है। इससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बृहस्पतिवार की रात्रि 9 बजे डोड़ाघाट तिराहे पर केबल जल गई। इस कारण 400 केवीए ट्रांसफार्मर से जुड़े उपभोक्ता रात भर परेशान रहे। सुबह होने पर विद्युत कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर दूसरी केबल डलवाने का काम किया। लेकिन, बिजली चालू करते ही फिर से फाल्ट हो गया। इस कारण करीब आधा सैकड़ा उपभोक्ताओं को शुक्रवार को दिन में 1 बजे बिजली सुचारु हो सकी।
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