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बीएसए, एबीएसए और प्रधानाचार्य पर हो एफआईआर
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अधिकारी को ज्ञापन देने जाते सर्व ब्राह्मण महामंडल के पदाधिकारी
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। विकासखंड तालबेहट के अंतर्गत कंपोजिट ऐवनी स्कूल की दीवार पर आपत्तिजनक स्लोगन लिखे होने की आंच अफसरों पर आती दिख रही है। इसे लेकर सर्व ब्राह्मण महामंडल सहित करणी सेना और विद्यार्थी परिषद ने ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में बीएसए, एबीएसए एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
सर्व ब्राह्मण महामंडल जनकल्याण ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नाम जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऐवनी ब्लाक तालबेहट की दीवार पर प्रधानाचार्य
द्वारा मंदिरों में आस्था रखने वाले सनातन धर्म को अपमानित करने के उद्देश्य से टिप्पणी लिखी गई थी। आरोप यह भी है कि विद्यालय में बीएसए और एबीएसए स्मार्ट क्लास के उद्घाटन के लिए गए थे। उन्होंने टिप्पणी का अवलोकन किया, टिप्पणी को देखते हुए उनके हंसने से समाज में काफी आक्रोश है। संगठन ने बीएसए, एबीएसए एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन पर अध्यक्ष अशोक गोस्वामी, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री, उमाशंकर विदुआ, भगवत नारायण वाजपेई, कमलापत रिछारिया, धर्मेंद्र रावत, सुनील चौबे, प्रभाकर शर्मा, शंभुदयाल, रविकांत दीक्षित आदि शामिल रहे।
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उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया कि स्कूल स्टाफ की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें विद्यालय की दीवार पर हिंदू विरोधी स्लोगन लिखा स्पष्ट नजर आया। जिला संयोजक पीयूष प्रताप सिंह बुन्देला ने विद्यालय स्टाफ और अधिकारियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में तहसील संयोजक महेंद्र कुमार, जिला संगठन मंत्री सुमित प्रताप सिंह, जिला सह संयोजक अतुल वैद्य, नगर मंत्री हर्षित त्रिपाठी आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
इसी प्रकार करणी सेना के जिलाध्यक्ष बसन्तराज बंटू महाराज सनातनी ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को ज्ञापन भेजकर स्कूल की दीवार पर ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी लिखने वाले दोषी विद्यालय कर्मचारियों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) एवं खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट को निलंबित कराने की मांग की है। इसमें कहा गया कि ब्राह्मण विरोधी लिखे स्लोगन को उक्त अधिकारियों द्वारा पढ़ा गया और त्वरित कोई कार्यवाही नहीं की गई बल्कि हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी होने पर उनके द्वारा विरोध दर्ज कराया गया, तब जाकर प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को निलंबित कर पर्दा डालने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि स्लोगन पढ़ते हुए बीएसए की मुस्कराती फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसमें एक अन्य शिक्षिका ने भी कमेंट किया है।
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ब्राह्मण जाति के खिलाफ टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की जाए
पूराकलां। मंगलवार को पूराकलां क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने टिप्पणी करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर थाना पूराकलां थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन पर शिवम भौंडेले, उमाशंकर, आशीष मिश्रा, कल्लू बिदुआ, आकाश द्विवेदी, तिलकराम बिदुआ, रमेश, भागीरथ, दिनेश कुमार नायक के हस्ताक्षर हैं।
अधीनस्थ अध्यापिका को देकर चले गए प्रधानाध्यापक
तालबेहट। मंगलवार को गांव में शांति रही। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार( राहुल) विद्यालय गए और चाबियां अधीनस्थ अध्यापिका को देकर वापस आ गए। वही लोगों का आरोपी अध्यापक का कथन समझ में नहीं आ रहा है।
उक्त टिप्पणी पर बवाल मचते ही आरोपी अध्यापकों को निलंबित कर बीआरसी तालबेहट से संबद्ध कर दिया गया था। इस मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल कुमार राहुल का यह कथन की गांव के किसी अराजकतत्व या बच्चे ने पेपर कटिंग दीवार पर चिपका दी। यह बात क्षेत्र के जागरूक लोगों की समझ में नहीं आ रही है। क्योंकि अधिकांश का मानना है कि जब स्मार्ट क्लास के शुभारंभ की तिथि पहले से तय थी तो अध्यापकों ने अधिकारियों के आने से पहले उसे क्यों नहीं हटाया। इसके अलावा बीएसए ने जब स्वयं उसे देखा तो उसे उसी समय क्यों नहीं हटवाया। राजेन्द्र शर्मा स्वदेशी का कहना है कि इस मामले में जितने दोषी अध्यापक है उससे अधिक दोषी शिक्षा विभाग के अधिकारी नजर आ रहे है। ब्यूरो
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सर्व ब्राह्मण महामंडल जनकल्याण ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नाम जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय ऐवनी ब्लाक तालबेहट की दीवार पर प्रधानाचार्य
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द्वारा मंदिरों में आस्था रखने वाले सनातन धर्म को अपमानित करने के उद्देश्य से टिप्पणी लिखी गई थी। आरोप यह भी है कि विद्यालय में बीएसए और एबीएसए स्मार्ट क्लास के उद्घाटन के लिए गए थे। उन्होंने टिप्पणी का अवलोकन किया, टिप्पणी को देखते हुए उनके हंसने से समाज में काफी आक्रोश है। संगठन ने बीएसए, एबीएसए एवं प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन पर अध्यक्ष अशोक गोस्वामी, रामेश्वर प्रसाद सड़ैया, डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री, उमाशंकर विदुआ, भगवत नारायण वाजपेई, कमलापत रिछारिया, धर्मेंद्र रावत, सुनील चौबे, प्रभाकर शर्मा, शंभुदयाल, रविकांत दीक्षित आदि शामिल रहे।
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उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया कि स्कूल स्टाफ की कुछ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसमें विद्यालय की दीवार पर हिंदू विरोधी स्लोगन लिखा स्पष्ट नजर आया। जिला संयोजक पीयूष प्रताप सिंह बुन्देला ने विद्यालय स्टाफ और अधिकारियों पर कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में तहसील संयोजक महेंद्र कुमार, जिला संगठन मंत्री सुमित प्रताप सिंह, जिला सह संयोजक अतुल वैद्य, नगर मंत्री हर्षित त्रिपाठी आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
इसी प्रकार करणी सेना के जिलाध्यक्ष बसन्तराज बंटू महाराज सनातनी ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को ज्ञापन भेजकर स्कूल की दीवार पर ब्राह्मणों के खिलाफ टिप्पणी लिखने वाले दोषी विद्यालय कर्मचारियों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) एवं खंड शिक्षा अधिकारी तालबेहट को निलंबित कराने की मांग की है। इसमें कहा गया कि ब्राह्मण विरोधी लिखे स्लोगन को उक्त अधिकारियों द्वारा पढ़ा गया और त्वरित कोई कार्यवाही नहीं की गई बल्कि हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी होने पर उनके द्वारा विरोध दर्ज कराया गया, तब जाकर प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक को निलंबित कर पर्दा डालने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि स्लोगन पढ़ते हुए बीएसए की मुस्कराती फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसमें एक अन्य शिक्षिका ने भी कमेंट किया है।
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ब्राह्मण जाति के खिलाफ टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की जाए
पूराकलां। मंगलवार को पूराकलां क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने टिप्पणी करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर थाना पूराकलां थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन पर शिवम भौंडेले, उमाशंकर, आशीष मिश्रा, कल्लू बिदुआ, आकाश द्विवेदी, तिलकराम बिदुआ, रमेश, भागीरथ, दिनेश कुमार नायक के हस्ताक्षर हैं।
अधीनस्थ अध्यापिका को देकर चले गए प्रधानाध्यापक
तालबेहट। मंगलवार को गांव में शांति रही। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार( राहुल) विद्यालय गए और चाबियां अधीनस्थ अध्यापिका को देकर वापस आ गए। वही लोगों का आरोपी अध्यापक का कथन समझ में नहीं आ रहा है।
उक्त टिप्पणी पर बवाल मचते ही आरोपी अध्यापकों को निलंबित कर बीआरसी तालबेहट से संबद्ध कर दिया गया था। इस मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापक अनिल कुमार राहुल का यह कथन की गांव के किसी अराजकतत्व या बच्चे ने पेपर कटिंग दीवार पर चिपका दी। यह बात क्षेत्र के जागरूक लोगों की समझ में नहीं आ रही है। क्योंकि अधिकांश का मानना है कि जब स्मार्ट क्लास के शुभारंभ की तिथि पहले से तय थी तो अध्यापकों ने अधिकारियों के आने से पहले उसे क्यों नहीं हटाया। इसके अलावा बीएसए ने जब स्वयं उसे देखा तो उसे उसी समय क्यों नहीं हटवाया। राजेन्द्र शर्मा स्वदेशी का कहना है कि इस मामले में जितने दोषी अध्यापक है उससे अधिक दोषी शिक्षा विभाग के अधिकारी नजर आ रहे है। ब्यूरो