{"_id":"69557d2da55013476503b986","slug":"brother-and-sister-drown-in-drain-while-on-farm-with-grandparents-lalitpur-news-c-131-1-sjhs1012-148967-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: दादा-दादी के साथ खेत पर गए भाई-बहन की नाले में डूबने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: दादा-दादी के साथ खेत पर गए भाई-बहन की नाले में डूबने से मौत
विज्ञापन
ललितपुर/सौजना। थाना सौजना के ग्राम गुढा में बुधवार की शाम एक हृदय विदारक घटना हो गई। सगे भाई-बहन की पानी में डूबने से मौत हो गई, जबकि पांच वर्षीय छोटी बहन को राहगीर ने नाले में कूदकर बचा लिया। तीनों भाई-बहन अपने दादा-दादी के साथ खेत पर गए थे। तीनों खेलते-खेलते कुछ दूर स्थित नाले के पास चले गए थे। घटना के बाद गांव में मातम छाया हुआ है।
बच्चों के चाचा महेश कुमार ने बताया कि उसके भाई रामकिशन चढ़ार के तीन बच्चे 12 साल की दीक्षा, 8 साल का सत्येंद्र व 5 साल की सुहानी अपने दादी सुमित्रा और दादा हजारी बुनकर के साथ बुधवार की शाम खेत पर गए थे। दादा-दादी यहां खेत पर चारा काटने लगे। तीनों भाई-बहन क्योलारी नाला के पास वाले खेत से मटर की फलियां तोड़कर खाने लगे। इस दौरान तीनों मटर धोने के लिए नाले के पास गए। यहां उनका पैर फिसल गया और तीनों बच्चे नाले में गिर गए।
इससे दीक्षा व सत्येंद्र पानी में डूब गए, जबकि सुहानी किनारे के पत्थर को पकड़कर छटपटा रही थी। इसी दौरान राहगीर पुष्पेंद्र वहां से गुजर रहा था। उसने नाले में सुहानी को छटपटाते हुए देखा तो उसे पकड़कर बाहर निकाल लिया। सुहानी ने बताया कि उसके भाई व बहन पानी में डूबे हैं। इसके बाद पुष्पेंद्र ने नाले में डूबे दोनों बच्चों की खोजबीन शुरू की। इस दौरान सुमित्रा और हजारी भी वहां पहुंच गए।
विज्ञापन
कुछ देर नाले में खोजने के बाद दीक्षा व सत्येंद्र को भी बाहर निकाला गया। आनन-फानन दोनों को लेकर परिजन महरौनी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीक्षा कक्षा पांचवीं और सत्येंद्र कक्षा तीन में पढ़ता था। घटना के समय बच्चों के माता-पिता घर पर थे। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे।
सुहानी बोली... नाले में गिर गए भैया और दीदी : रामकिशन के मुताबिक, जब पुष्पेंद्र ने सुहानी को पानी से बाहर निकाला और पानी में गिरने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसके भैया और दीदी नाले में गिर गए हैं। इतना सुनते ही पुष्पेंद्र ने नाले में छलांग लगा दी और खोजबीन करने लगा था। उसने सत्येंद्र को पहले पानी के अंदर से खोजकर निकला। इसके कुछ देर बाद दीक्षा को भी बाहर निकाला था।
इकलौते पुत्र व बेटी की मौत पर बेसुध हुए मां-बाप
दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनकर पिता रामकिशन व मां अर्चना बेसुध हो गई। किसी प्रकार वहां मौजूद लोगों ने दोनों को संभाला। वहीं, सगे भाई-बहन की मौत की खबर जैसे ही गांव व आसपास के गांवों में फैली तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंखें नम थीं और हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध था। बताया जा रहा है कि जिस नाले में यह हादसा हुआ, वह गांव से करीब दो किलोमीटर दूर है और वहां किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं लगे हैं।
भाई को बचाने के लिए कूदी दीक्षा भी डूबी
पिता रामकिशन ने बताया कि तीनों बच्चे मटर तोड़ने के बाद नाले में उसे धोने के लिए गए थे। यहां सत्येंद्र ने जूते उतारे और नाले में मटर धोने के लिए चला गया। इसी दौरान वह फिसलकर नाले में गिर गया और डूबने लगा था। भाई को डूबता देख दीक्षा नाले के पास पहुंचकर उसे बचाने लगी और पानी में कूद गई लेकिन वह भी डूबने लगी। किनारे पर खड़ी सुहानी चिल्लाते हुए उनको बचाने के लिए गई तो वह भी गिर गई।
छुट्टी होने पर गए थे तीनों दादा-दादी के साथ
पिता रामकिशन ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने पर तीनों भाई-बहन बुधवार की दोपहर उसके पास आए थे। यहां उन्होंने कहा था कि दादा-दादी के साथ खेत पर मटर खाने जा रहे हैं। रामकिशन ने बताया कि उसने बच्चों से कहा था कि वह सावधानी पूर्वक जाएं। इसके बाद तीनों साइकिल लेकर चले गए। इसके बाद वह लौटकर नहीं आए।
दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना को लेकर जांच की जा रही है।
- आशीष कुमार मिश्रा, क्षेत्राधिकारी महरौनी
विज्ञापन
बच्चों के चाचा महेश कुमार ने बताया कि उसके भाई रामकिशन चढ़ार के तीन बच्चे 12 साल की दीक्षा, 8 साल का सत्येंद्र व 5 साल की सुहानी अपने दादी सुमित्रा और दादा हजारी बुनकर के साथ बुधवार की शाम खेत पर गए थे। दादा-दादी यहां खेत पर चारा काटने लगे। तीनों भाई-बहन क्योलारी नाला के पास वाले खेत से मटर की फलियां तोड़कर खाने लगे। इस दौरान तीनों मटर धोने के लिए नाले के पास गए। यहां उनका पैर फिसल गया और तीनों बच्चे नाले में गिर गए।
विज्ञापन
इससे दीक्षा व सत्येंद्र पानी में डूब गए, जबकि सुहानी किनारे के पत्थर को पकड़कर छटपटा रही थी। इसी दौरान राहगीर पुष्पेंद्र वहां से गुजर रहा था। उसने नाले में सुहानी को छटपटाते हुए देखा तो उसे पकड़कर बाहर निकाल लिया। सुहानी ने बताया कि उसके भाई व बहन पानी में डूबे हैं। इसके बाद पुष्पेंद्र ने नाले में डूबे दोनों बच्चों की खोजबीन शुरू की। इस दौरान सुमित्रा और हजारी भी वहां पहुंच गए।
विज्ञापन
कुछ देर नाले में खोजने के बाद दीक्षा व सत्येंद्र को भी बाहर निकाला गया। आनन-फानन दोनों को लेकर परिजन महरौनी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दीक्षा कक्षा पांचवीं और सत्येंद्र कक्षा तीन में पढ़ता था। घटना के समय बच्चों के माता-पिता घर पर थे। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे।
सुहानी बोली... नाले में गिर गए भैया और दीदी : रामकिशन के मुताबिक, जब पुष्पेंद्र ने सुहानी को पानी से बाहर निकाला और पानी में गिरने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसके भैया और दीदी नाले में गिर गए हैं। इतना सुनते ही पुष्पेंद्र ने नाले में छलांग लगा दी और खोजबीन करने लगा था। उसने सत्येंद्र को पहले पानी के अंदर से खोजकर निकला। इसके कुछ देर बाद दीक्षा को भी बाहर निकाला था।
इकलौते पुत्र व बेटी की मौत पर बेसुध हुए मां-बाप
दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनकर पिता रामकिशन व मां अर्चना बेसुध हो गई। किसी प्रकार वहां मौजूद लोगों ने दोनों को संभाला। वहीं, सगे भाई-बहन की मौत की खबर जैसे ही गांव व आसपास के गांवों में फैली तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। हर आंखें नम थीं और हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध था। बताया जा रहा है कि जिस नाले में यह हादसा हुआ, वह गांव से करीब दो किलोमीटर दूर है और वहां किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी संकेत नहीं लगे हैं।
भाई को बचाने के लिए कूदी दीक्षा भी डूबी
पिता रामकिशन ने बताया कि तीनों बच्चे मटर तोड़ने के बाद नाले में उसे धोने के लिए गए थे। यहां सत्येंद्र ने जूते उतारे और नाले में मटर धोने के लिए चला गया। इसी दौरान वह फिसलकर नाले में गिर गया और डूबने लगा था। भाई को डूबता देख दीक्षा नाले के पास पहुंचकर उसे बचाने लगी और पानी में कूद गई लेकिन वह भी डूबने लगी। किनारे पर खड़ी सुहानी चिल्लाते हुए उनको बचाने के लिए गई तो वह भी गिर गई।
छुट्टी होने पर गए थे तीनों दादा-दादी के साथ
पिता रामकिशन ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने पर तीनों भाई-बहन बुधवार की दोपहर उसके पास आए थे। यहां उन्होंने कहा था कि दादा-दादी के साथ खेत पर मटर खाने जा रहे हैं। रामकिशन ने बताया कि उसने बच्चों से कहा था कि वह सावधानी पूर्वक जाएं। इसके बाद तीनों साइकिल लेकर चले गए। इसके बाद वह लौटकर नहीं आए।
दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना को लेकर जांच की जा रही है।
- आशीष कुमार मिश्रा, क्षेत्राधिकारी महरौनी