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पुतलीघाट और छपरट नदी पर पुलों का निर्माण कार्य धीमा
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पुतली घाट पुल का हो रहा निर्माण कार्य
- फोटो : LALITPUR
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महरौनी/ ललितपुर। महरौनी के पहले ग्राम छपरट स्थित जामनी नदी पर उप्र सेतु निगम द्वारा बनाए जा रहे पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। एक महीने में भी यहां कुछ गड्ढों की खुदाई व पत्थरों के तोड़ने का काम भी पूरा नहीं हो सका है। ऐसा ही कुछ हाल महरौनी व बानपुर के बीच पुतलीघाट पर बनाए जा रहे पुल का भी है, यहां भी अभी गड्ढों की खुदाई का कार्य किया जा रहा है। जबकि, लॉग बुक में काम की प्रगति दिखाई जा रही है।
ग्राम छपरट में जामनी नदी पर अंग्रेजी शासन काल में बना संकरा व कम ऊंचाई का पुल होने के कारण यहां अक्सर बरसात के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर पुल के ऊपर से पानी निकलने लगता है, जिससे कई बार यह रोड बंद हो जाता है। संकरा व अत्यधिक घुमावदार मोड़ होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई वर्षों से क्षेत्रीय लोगों द्वारा पुलों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ही नए पुल का निर्माण की मांग की जा रही थी। शासन ने यहां साढ़े सात मीटर चौड़ा नवीन पुल बनाने को मंजूरी दी। इसका निर्माण कार्य एक माह पहले शुरु किया गया था।
शुरुआत में इस पुल के निर्माण कार्य में गड्ढों की खुदाई का कार्य तेजी से किया गया, लेकिन अब इस पुल का निर्माण कार्य सुस्ती पकड़ गया है। बल्कि, ठप सा है। यहां दो गड्ढों की खुदाई कराई गई है, जिसमें पानी भरा है और गड्ढों में चट्टानों के पत्थरों को ब्लास्टिंग कर तोड़ा जा रहा है। एक महीने में दूसरे गड्ढे की खुदाई का कार्य पूरा नहीं हो सका है, जबकि दूसरे गड्ढे में पानी भरा है। सेतु निगम के अधिकारियों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर पुल के निर्माण की प्रगति देखी और ठेकेदारों व कर्मचारियों को दिशा- निर्देश दिए।
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वहीं, महरौनी और बानपुर के मध्य जामनी नदी पर पुतलीघाट पर बनाए जा रहे पुल के निर्माण कार्य के लिए भी अभी गड्ढों की खुदाई का कार्य चल रहा है। यहां जेसीबी मशीन से गड्ढों का निर्माण कार्य कर इंजन से पानी निकाला जा रहा है।
जामनी नदी स्थित पुतलीघाट और छपरट पर पुलों के निर्माण का कार्य लगातार चल रहा है। यहां फाउंडेशन बनाने के लिए पत्थर तोड़े जा रहे हैं। रविवार को दोनों पुलों के निर्माण की प्रगति देखने के लिए गया था।
- आरके सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
जो लॉग बुक में भरा जा रहा है, उसके अनुसार काम नहीं हो रहा है। इसको लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। पुतली घाट और छपरट के पुलों का निर्माण तेजी से होना चाहिए।
- प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री
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ग्राम छपरट में जामनी नदी पर अंग्रेजी शासन काल में बना संकरा व कम ऊंचाई का पुल होने के कारण यहां अक्सर बरसात के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर पुल के ऊपर से पानी निकलने लगता है, जिससे कई बार यह रोड बंद हो जाता है। संकरा व अत्यधिक घुमावदार मोड़ होने के कारण यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। कई वर्षों से क्षेत्रीय लोगों द्वारा पुलों की चौड़ाई बढ़ाने के साथ ही नए पुल का निर्माण की मांग की जा रही थी। शासन ने यहां साढ़े सात मीटर चौड़ा नवीन पुल बनाने को मंजूरी दी। इसका निर्माण कार्य एक माह पहले शुरु किया गया था।
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शुरुआत में इस पुल के निर्माण कार्य में गड्ढों की खुदाई का कार्य तेजी से किया गया, लेकिन अब इस पुल का निर्माण कार्य सुस्ती पकड़ गया है। बल्कि, ठप सा है। यहां दो गड्ढों की खुदाई कराई गई है, जिसमें पानी भरा है और गड्ढों में चट्टानों के पत्थरों को ब्लास्टिंग कर तोड़ा जा रहा है। एक महीने में दूसरे गड्ढे की खुदाई का कार्य पूरा नहीं हो सका है, जबकि दूसरे गड्ढे में पानी भरा है। सेतु निगम के अधिकारियों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर पुल के निर्माण की प्रगति देखी और ठेकेदारों व कर्मचारियों को दिशा- निर्देश दिए।
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वहीं, महरौनी और बानपुर के मध्य जामनी नदी पर पुतलीघाट पर बनाए जा रहे पुल के निर्माण कार्य के लिए भी अभी गड्ढों की खुदाई का कार्य चल रहा है। यहां जेसीबी मशीन से गड्ढों का निर्माण कार्य कर इंजन से पानी निकाला जा रहा है।
जामनी नदी स्थित पुतलीघाट और छपरट पर पुलों के निर्माण का कार्य लगातार चल रहा है। यहां फाउंडेशन बनाने के लिए पत्थर तोड़े जा रहे हैं। रविवार को दोनों पुलों के निर्माण की प्रगति देखने के लिए गया था।
- आरके सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम।
जो लॉग बुक में भरा जा रहा है, उसके अनुसार काम नहीं हो रहा है। इसको लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे। पुतली घाट और छपरट के पुलों का निर्माण तेजी से होना चाहिए।
- प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री