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भाजपा ने मनाया काला दिवस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:10 AM IST
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black day
- फोटो : demo
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ललितपुर।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार का दिन काला दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को देश को इमरजेंसी की आग में झोंक दिया था। इमरजेंसी की याद रोंगटे खड़े देने वाली बात है। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने न्यायपालिका को अपने खिलाफ जाने के बाद अपना असली अधिनायकवादी वाला रूप देश के सामने ला दिया था। संवैधानिक मूल अधिकारों के खिलाफ जाकर देश में इमरजेंसी लगा दी थी।
जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी एड.ने बताया कि वे इसके साक्षी रहे है। उनके पिता जी स्व. रघुवीर सिंह जी भी एक वर्ष से अधिक जेल में रहे है। इसके चलते उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। पुरुष सदस्यों के जेल में रहने के चलते महिलाओं को खेती करनी पड़ी थी। वरिष्ठ नेता जगदीश लोधी ने इमरजेंसी लागू होने के दुष्प्रभावों और जनता के दमन चक्र के बारे में विस्तृत से बताया। शशिशेखर ने बताया कि आजादी के बाद यह लोकतंत्र की सुनोजित हत्या थी। महामंत्री रामेश्वर प्रसाद सडैया ने कहा कि किसानों, मजदूरों की आजादी छीन ली गई।
इसके अलावा मीडिया प्रभारी देवेंद्र गुरु, चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. दीपक चौबे आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर पंथ, महामंत्री बब्बू राजा, नगर अध्यक्ष राजेश लिटौरिया, कृष्ण बिहारी, सतीश पुरोहित, राजेश डोडवानी उपस्थित रहे।
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भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार का दिन काला दिवस के रूप में मनाया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को देश को इमरजेंसी की आग में झोंक दिया था। इमरजेंसी की याद रोंगटे खड़े देने वाली बात है। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने न्यायपालिका को अपने खिलाफ जाने के बाद अपना असली अधिनायकवादी वाला रूप देश के सामने ला दिया था। संवैधानिक मूल अधिकारों के खिलाफ जाकर देश में इमरजेंसी लगा दी थी।
जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी एड.ने बताया कि वे इसके साक्षी रहे है। उनके पिता जी स्व. रघुवीर सिंह जी भी एक वर्ष से अधिक जेल में रहे है। इसके चलते उनके परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। पुरुष सदस्यों के जेल में रहने के चलते महिलाओं को खेती करनी पड़ी थी। वरिष्ठ नेता जगदीश लोधी ने इमरजेंसी लागू होने के दुष्प्रभावों और जनता के दमन चक्र के बारे में विस्तृत से बताया। शशिशेखर ने बताया कि आजादी के बाद यह लोकतंत्र की सुनोजित हत्या थी। महामंत्री रामेश्वर प्रसाद सडैया ने कहा कि किसानों, मजदूरों की आजादी छीन ली गई।
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इसके अलावा मीडिया प्रभारी देवेंद्र गुरु, चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. दीपक चौबे आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर पंथ, महामंत्री बब्बू राजा, नगर अध्यक्ष राजेश लिटौरिया, कृष्ण बिहारी, सतीश पुरोहित, राजेश डोडवानी उपस्थित रहे।
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