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Lalitpur News: अब मड़ावरा के जंगल में बनेगा भालू वाइल्ड लाइफ सेंटर

Wed, 26 Jul 2023 01:07 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Wed, 26 Jul 2023 01:07 AM IST
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Bear Wildlife Center will now be built in the forest of Madavara
वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की तरह विकसित करने का शासन को भेजा गया प्रस्ताव, वन विभाग की पहल से भालू संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। पर्यटन के क्षेत्र में जिले के लिए अच्छी खबर है। मड़ावरा वन क्षेत्र के लखंजर वन प्रभाग में भालू वाइल्ड लाइफ सेंटर बनेगा। वन विभाग की इस पहल से भालू संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में वन विभाग ने शासन को पत्र भेजा है। स्वीकृति मिलते ही काम भी शुरू हो जाएगा। जनपद में कुल वन क्षेत्र 74 हजार 236 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इस वन प्रभाग में बाघ, चीता, भेड़िए, हिरन, चीतल, भालू, तेंदुआ, नीलगाय, लकड़बग्घा, जंगली सूअर, सांभर, बंदर, खरगोश, सेही समेत कई प्रजातियां बड़ी संख्या में पाई जाती थीं।

अब यहां अन्य जानवरों की संख्या में कमी आ रही है। यहां रहने वाले स्लॉथ भालू (मेलुरस अरसीनस) की आबादी भी घटती जा रही है। भालुओं को संरक्षण देने के लिए मड़ावरा वन क्षेत्र में संरक्षण सेंटर बनाया जा रहा है। इससे भालू व मानव का संघर्ष न हो, साथ ही वह अपने क्षेत्र में स्वछंद विचरण कर सकें। वन विभाग ने इस संरक्षण केंद्र को वाइल्ड लाइफ टूरिज्म से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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सफारी की तरह होगा विकसित

शासन को भेजे प्रस्ताव में वन पथ बनाए जाएंगे। साथ ही यहां पर पर्यटकों के लिए प्वाइंट बनाए जाएंगे। इस वन क्षेत्र को जंगल सफारी की तरह विकसित किया जाएगा। साथ ही पर्यटकों के लिए बैटरी वाहन की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
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जनपद में 243 भालू

जनपद में मड़ावरा के जंगलों में 243 भालू हैं। इनमें 93 नर, 117 मादा व 33 बच्चे हैं। स्लॉथ भालू भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी है, यह फलों, चीटियों और दीमक पर निर्भर रहता है। अपने निचले होंठ और तालुओं से कीटों को चूसने के कारण इसे लैबीएटेड भालू भी कहा जाता है। इनके एक लंबा झबरा फर, चेहरे के चारों ओर घनेवाल होते हैं।


जनपद में वाइल्ड लाइफ की यह है स्थिति
प्रजाति - नर - मादा - बच्चे - योग
तेंदुआ
4
5
2
11

चिंकारा
60
45
20
125

शूकर हिरन
24
18
65
107

चौसिंघा
27
44
00
71

वनरोज
425
347
575
1347

सांभर
20
24
09
53

चीतल
85
151
34
270

बारासिंघा 18
22
15
55

जंगली सूअर
154
159
314
627

बंदर
324
253
268
845

लंगूर
275
139
256
670

मगरमच्छ
86
72
98
256

घड़ियाल 15
42
38
95

भेड़िया
96
153
245
494

लकड़बग्घा
112
95
136
343

लोमड़ी
214
648
123
985

सियार
482
348
524
1354

माेर
253
354
265
872

वन गाय
756
235
68
1059

जंगली बिल्ली
233
146
325
704

सेही
99
120
221
440

बिज्जू
314
123
595
1032

गोह
495
356
190
1041

मड़ावरा के जंगलाें में भालू की संख्या स्थिति में इनको संरक्षित करने के लिए योजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है। इसको जंगल सफारी की तरह विकसित किया जाएगा। इससे जनपद का वाइल्ड टूरिज्म विकसित होगा। - डॉ. सीरीन, उपसंभागीय प्रबंधक, सामाजिक वानिकी प्रभाग
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