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ोविंद सागर बांध गेट के इर्दगिर्द मंडराती चमगादड़

Sun, 26 Apr 2020 11:39 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2020 11:39 PM IST
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bats gathering at govind sager dam
गोविंद सागर बांध के इर्दगिर्द मंडराती चमगादड़ - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। चमगादड़ों से कोरोना वायरस फैलने को लेकर देश-विदेश में डर फैला है। इस विषय पर शोध हो रहे हैं। ललितपुर में शहर की प्यास बुझाने वाले गोविंद सागर बांध के गेट के आसपास बड़ी तादात में चमगादड़ों का बसेरा मिला है। गेट के इर्दगिर्द चमगादड़ों को मंडराते देख लोगों में भय व्याप्त हो गया। रविवार को सेक्टर मजिस्ट्रेट बांध का निरीक्षण करने पहुंचे तो स्थिति देख उन्होंने तुरंत इसके रोकथाम पर जोर दिया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट इसकी पूरी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि चमगादड़ों का झुंड आबादी से मात्र आधा किलोमीटर ही दूर है।
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सेक्टर मजिस्ट्रेट भरत कुमार वर्मा ने रविवार को गोविंद सागर बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि सिंचाई विभाग कॉलोनी के गेट के पास प्रथम साइफन/ छोटी नहर के इर्दगिर्द चमगादड़ व चिड़ियों का बसेरा है। बांध के नीचे इनका बसेरा किसी छत्ते की तरह दिखता है। अक्सर यह झुंड में उड़ते हैं। ऐेसे इनकी गंदगी से पानी व आसपास गंदगी फैलती है, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
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ऐसी चर्चा है कि कोरोना (कोविड-19) की बीमारी/ महामारी चमगादड़ों के माध्यम से फैल सकती है। विदेशी मीडिया द्वारा चमगादड़ से कोरोना फैलने की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गोविंद सागर बांध से शहर के लिए जलापूर्ति की जाती है। ऐसे में बीमारी फैलने से इंकार नहीं किया सकता है। इसकी रोकथाम हेतु कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। अब रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी जाएगी।
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भैंसों व जानवरों से गंदा हो रहा पानी
बांध में प्रतिदिन बड़ी संख्या में भैंसें व अन्य जानवर छोड़ दिये जाते हैं, जो कि पानी को लगातार गंदा कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान लोगों को ऐसा करने से मना किया गया। इसके अलावा बांध में कुछ लोगों द्वारा पूजा की सामग्री व अन्य गंदगी फेंकी जा रही है।
बांध पर लोगों का आना-जाना प्रतिबंधित है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। बांध के पानी में ऐसी कोई बात नहीं है, फिर भी सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
- गजल भारद्वाज, एसडीएम सदर
चमगादड़ के साथ-साथ चिड़ियों के घोंसले भी हैं। चमगादड़ मंडराते रहते हैं, इसलिए इनकी संख्या अधिक लगती है। जबकि ऐसा नहीं है। फिर भी कोरोना का खतरा न बढ़े, इसलिए अधिशासी अभियंता से वार्ता करने के बाद चमगादड़ के घोंसलों को हटवा दिया जाएगा।

- विकासदीप भारती, अवर अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
यह सिद्ध हो चुका है कि कोरोना वायरस चमगादड़ों में पाया जाता है, लेकिन अभी तक बैज्ञानिकों ने यह सिद्ध नहीं किया है कि वायरस सीधे चमगादड़ों से मनुष्य में फैला है। इसलिए चमगादड़ से डरने की आवश्यकता तब तक नहीं है, जब तक वैज्ञानिक इसका पूरी तरह से पता न लगा लें।
- डॉ. प्रबल सक्सेना, सामाजिक कार्यकर्ता
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