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नोट बंदी से थमी ट्रांसपोर्ट की रफ्तार

Thu, 17 Nov 2016 12:37 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Thu, 17 Nov 2016 12:37 AM IST
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
ललितपुर। नोट बंदी ने जनपद में ट्रांसपोर्ट की रफ्तार को धीमा कर दिया है। स्थानीय नझाई बाजार को ट्रांसपोर्ट का केंद्र माना जाता है। यहां पर दिन-रात ट्रकों की लंबी कतार लगी रहती थीं और हर रोज लाखों रुपये का माल लोड-अनलोड होता रहता था, लेकिन वर्तमान में पूरे नझाई बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है। इसका मुख्य कारण स्थानीय व्यापारियों से लेकर, ट्रांसपोर्ट कंपनी व बड़े व्यापारियों के पास नकदी की कमी होना है। इस धंधे में 80 प्रतिशत व्यापार नगदी पर होता है, चैक व बैंकिंग से लेनदेन केवल नंबर एक काम करने वाले व्यापारी व बड़ी कंपनियों के एजेंसी धारक करते है। वहीं, ट्रांसपोर्ट में मंदी का एक कारण हवाला व्यापार पर पड़े असर को भी माना जा रहा है।
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शहर में बड़ी उत्पादक कंपनियों के एजेंसी धारकों और कुछ थोक व्यापारियों को छोड़ दिया जाए तो, शहर का 70 प्रतिशत व्यापार टैक्स चोरी पर चलता है। जो व्यापारी ईमानदारी व सभी टैक्स अदा करके अपना व्यापार करते हैं उनके व्यापार व माल के आवागमन पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। लेकिन जो व्यापारी टैक्स चोरी करके ट्रांसपोर्ट के जरिये अपना माल मंगाते थे, उनका व्यापार अब पूरी तरह से चौपट हो गया है और ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर ग्रहण लग गया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में करीब एक दर्जन ट्रांसपोर्ट कंपनियां है और हर रोज करीब एक सैकड़ा ट्रक माल अनलोड व लोड होता था, लेकिन वर्तमान में स्थिति यह कि नझाई बाजार स्थित अस्थाई ट्रांसपोर्ट मंडी में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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हवाला के हवाले था 70 फीसदी व्यापार
500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बंद हो जाने और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा सख्त नियम लागू कर देने के बाद हवाला का गोरखधंधा पूरी तरह से बंद हो गया है। शहर में कुछ लोग हैं जो बड़ी रकम को एक पार्टी से दूूसरी पार्टी तक पहुंचाने, एक शहर से दूूसरे शहर तक पहुंचाने का काम करते हैं और बदले में कमीशन लेते हैं। शहर में टैक्स चोरी करके होने वाले धंधे में हवाले के ही माध्यम से स्थानीय व्यापारी का माल बड़े व्यापारी तक पहुंचाया जाता है। लेकिन नोट बंदी केे कारण यह गोरखधंधा भी पूरी तरह से ठप हो गया है। इसका असर स्थानीय व्यापार पर भी बड़ा है। बाजार में ट्रांसपोर्ट के काम में मंदी आने की एक मुख्य वजह हवाला के धंधे में मंदी का होना है। यदि हवाला के धंधे में मंदी आने की वजह पर बात करें तो इसका मुख्य कारण सर्राफा व्यापारियों पर रिजर्व बैंक के सख्त नियमों का लागू होना है। स्थानीय व्यापारी ने बताया कि ट्रांसपोर्ट के व्यापार में सैल्स टैक्स चोरी से लेकर तमाम प्रकार की अनियमितताएं बरती जाती हैं। अब हवाला व्यापार बंद होने से ट्रांसपोर्ट के व्यापार पर बुरा असर पड़ा है।
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