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Lalitpur News: डुंगरासन माता की कृपा से बनते हैं बिगड़े काम
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संवाद न्यूज एजेंसी डोंगरा खुर्द। विंध्याचल की पहाड़ी पर विराजमान डुंगरासन माता की कृपा से भक्तों के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। यह भव्य मंदिर नाराहट क्षेत्र में स्थित है। इसी मंदिर के कारण गांव का डोंगरा पड़ा है। मान्यता है कि यहां पर जो भी मनोभाव से मनोकामना मांगता है, उसकी मनोकामना देवी मां अवश्य पूरी करती हैं।
पहाड़ी की ऊंचाई एक हजार फीट है। दो सौ सीढि़यों की चढ़ाई कर जाना पड़ता है। बारिश में विंध्याचल पर्वतों की हरी-भरी छटा पहाड़ी के चारों ओर छोटे-छोटे खेत दिखाई पड़ते हैं। नवरात्र में दूरदराज से भक्तों का तांता लगा रहता है। भक्त पूजा-अर्चना करते हुए मन शांति की कामना करते हैं। पंचमी को माता डुंगरासन का विशेष पूजन अर्चन अभिषेक एवं किया जाता है।
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विंध्यवासिनी की तरह यहां पर भी यंत्र है स्थापित
मान्यता है कि मथुरा के राजा कंस के हाथ से छूटने वाली कन्या महामाया विंध्याचल में विंध्यवासिनी के नाम से विख्यात हैं। जो प्राचीन यंत्र विंध्यवासिनी में स्थापित है, वैसा ही यंत्र डुंगरासन माता मंदिर पर स्थापित पत्थर अंकित है। यही यंत्र नौ दिवसीय के रूप में पूजते हैं।
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भक्तों ने देवी के मां कालरात्रि की आराधना की
ललितपुर। नवरात्र में देवी मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की भक्तों ने आराधना की। सोमवार को सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने देवी मां का पूजन अर्चन के बाद माता रानी की आरती उतारी। इस दौरान आचार्यों ने दुर्गा सप्तसती का पाठ कर माता रानी की स्तुति की। शहर के चंडी माता मंदिर, ललितेश्वरी माता मंदिर और छोटी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम को घरों पर भजन संध्या का आयोजन हुआ। संवाद
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पहाड़ी की ऊंचाई एक हजार फीट है। दो सौ सीढि़यों की चढ़ाई कर जाना पड़ता है। बारिश में विंध्याचल पर्वतों की हरी-भरी छटा पहाड़ी के चारों ओर छोटे-छोटे खेत दिखाई पड़ते हैं। नवरात्र में दूरदराज से भक्तों का तांता लगा रहता है। भक्त पूजा-अर्चना करते हुए मन शांति की कामना करते हैं। पंचमी को माता डुंगरासन का विशेष पूजन अर्चन अभिषेक एवं किया जाता है।
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विंध्यवासिनी की तरह यहां पर भी यंत्र है स्थापित
मान्यता है कि मथुरा के राजा कंस के हाथ से छूटने वाली कन्या महामाया विंध्याचल में विंध्यवासिनी के नाम से विख्यात हैं। जो प्राचीन यंत्र विंध्यवासिनी में स्थापित है, वैसा ही यंत्र डुंगरासन माता मंदिर पर स्थापित पत्थर अंकित है। यही यंत्र नौ दिवसीय के रूप में पूजते हैं।
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भक्तों ने देवी के मां कालरात्रि की आराधना की
ललितपुर। नवरात्र में देवी मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की भक्तों ने आराधना की। सोमवार को सुबह से ही देवी मंदिरों में भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने देवी मां का पूजन अर्चन के बाद माता रानी की आरती उतारी। इस दौरान आचार्यों ने दुर्गा सप्तसती का पाठ कर माता रानी की स्तुति की। शहर के चंडी माता मंदिर, ललितेश्वरी माता मंदिर और छोटी माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम को घरों पर भजन संध्या का आयोजन हुआ। संवाद