समस्याओं के जाल में फंसा आजाद पुरा

lalitpur Updated Thu, 05 Jan 2017 12:42 AM IST
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समस्‍याा - फोटो : amar ujala

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ललितपुर। नगर पालिका द्वारा शहर में विकास के दावे भले ही किए जाते हैं, लेकिन शहर का वार्ड नंबर 14 आज भी विकास से कोसों दूर है। आधे से अधिक क्षेत्र में पक्की सड़कें तक नहीं हैं। पक्की नालियां न होने से लगभग सभी गलियों में जलभराव व कीचड़ की स्थिति बनी रहती है। वहीं, साफ-सफाई और मार्ग प्रकाश की उचित व्यवस्था न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। वार्ड के कई कार्य बोर्ड में स्वीकृति की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद तो यह आस भी टूट गई है।
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वार्ड नंबर 14 के मुहल्ला आजादपुरा प्रथम में करीब ढाई हजार परिवार रहते हैं। यहां पक्की सड़कों व नाली के अभाव में लोगों को सबसे अधिक समस्या होती है। यहां कुल बीस-तीस प्रतिशत सड़कें ही ठीक हैं, बाकी दुर्दशाग्रस्त हैं। जलनिकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण नहीं होने से सड़कों, गलियों व खाली जगह पर कीचड़ बना रहता है। इन गलियों में टैक्सी वाले भी जाने से कतराते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को खासी मुश्किल होती है। सबसे अधिक समस्या टोरिया मुहल्ला और राजपूत कालोनी में है। वार्ड पार्षद और लोगों ने समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार नगर पालिका से शिकायत की, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली है।


टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुए काम
आजादपुरा मुहल्ले में कुछ जगहों पर सड़क व नाली के निर्माण प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो सके हैं। वार्ड पार्षद मो. इदरीश राईन बताते हैं कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व जुलाई में राजपूत कालोनी में करीब 145 मीटर लंबाई व 06 मीटर चौड़ाई वाले मार्ग पर सीसी सड़क के लिए करीब 14.36 लाख रुपए में टेंडर उठा था। डेढ़ वर्ष बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ। पार्षद का आरोप है कि नगर पालिका ने उनके वार्ड में बिना निर्माण कार्य कराए फर्जी तरीके से करीब 25 लाख रुपए का बंदरबांट कर लिया है।

मुहल्लेवासी खुद साफ करते हैं सड़क और नाली
वार्ड के मुख्य मार्गों को छोड़ दिया जाए तो मुहल्ले की गलियों व खाली पड़े प्लाटों में जगह-जगह कीचड़ है। नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं। फिरोजबीं बतातीं हैं कि सफाई कर्मचारी महीनों तक सफाई करने नहीं आते हैं। इससे दस-पंद्रह दिन में खुद ही सड़कों व नाली की सफाई करनी पड़ती। जमुना का कहना है कि वह भी अपने घर के सामने की सड़क व नालियों की सफाई करती हैं, पूरे मुहल्ले वाले को अपने-अपने घर के सामने की सड़क व नाली की सफाई खुद ही करनी पड़ती है।

लाइट भी नहीं
वार्ड के कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई हैं और जो लगी हैं वह जलती नहीं हैं। इससे रात में पूरा मुहल्ला अंधेरे में डूब जाता है। मुहल्ले के लक्ष्मन कुशवाहा कहते हैं कि सड़कों की हालत ऐसी है कि दिन के समय में भी लोगों को निकलने में परेशानी आती है। मार्ग प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से रात में तो स्थिति हो भी खराब हो जाती है।

भेदभाव से नाराज होकर पार्षद दे चुके हैं इस्तीफा
वार्ड नंबर 14 में फैली अव्यवस्थाओं के चलते वार्ड पार्षद मो. इदरीश राईन विगत माह अपना इस्तीफा नगर पालिका अधिशासी अधिकारी व जिलाधिकारी को सौंप चुके हैं। वहीं, पार्षद का यह भी कहना है कि उनके साथ भेदभाव किया जाता है। नगर पालिका द्वारा वार्ड में विकास कार्यों की अनदेखी की जा रही है।

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