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Lalitpur News: हांफ रहे आयुष्मान मंदिरों को एक साल से बजट का इंतजार
Sat, 05 Sep 2026 02:02 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Sat, 05 Sep 2026 02:02 AM IST
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ललितपुर। जनपद में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बजट के अभाव में वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों को समुचित मात्रा में दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी अस्पतालों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में उपचार देने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इन केंद्रों को पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी कहा जाता था। प्रत्येक मंदिर पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त है। यहां प्राथमिक उपचार और सामान्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कॉलेज से टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपचार दिया जाता है। टेलीमेडिसिन के चिकित्सक मरीज के लक्षणों के आधार पर दवाइयों का परामर्श देते हैं। दवाइयां खरीदने के लिए प्रत्येक मंदिर को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये का बजट मिलता था। लेकिन गत वर्ष से अब तक यह बजट नहीं मिल सका है।
बजट का अभाव और वैकल्पिक व्यवस्था
गत वर्ष से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को बजट नहीं मिला है। इस कारण वे पर्याप्त दवाइयां नहीं खरीद पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बजट न आने तक वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस व्यवस्था से मरीजों को आवश्यक दवाइयां मिलने में समस्या हो रही है।
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कोट
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिलने वाला बजट नहीं मिला है। सभी अस्पतालों में सीएचसी से दवाइयां मुहैया कराई जा रहीं हैं।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में उपचार देने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। इन केंद्रों को पहले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी कहा जाता था। प्रत्येक मंदिर पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नियुक्त है। यहां प्राथमिक उपचार और सामान्य जांच की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल कॉलेज से टेलीमेडिसिन के माध्यम से उपचार दिया जाता है। टेलीमेडिसिन के चिकित्सक मरीज के लक्षणों के आधार पर दवाइयों का परामर्श देते हैं। दवाइयां खरीदने के लिए प्रत्येक मंदिर को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये का बजट मिलता था। लेकिन गत वर्ष से अब तक यह बजट नहीं मिल सका है।
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बजट का अभाव और वैकल्पिक व्यवस्था
गत वर्ष से आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को बजट नहीं मिला है। इस कारण वे पर्याप्त दवाइयां नहीं खरीद पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बजट न आने तक वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसके तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस व्यवस्था से मरीजों को आवश्यक दवाइयां मिलने में समस्या हो रही है।
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कोट
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को मिलने वाला बजट नहीं मिला है। सभी अस्पतालों में सीएचसी से दवाइयां मुहैया कराई जा रहीं हैं।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ