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Lalitpur News: 34 वर्षों से किराये के मकान में चल रहा आयुर्वेदिक अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। महरौनी नगर में टीकमगढ़ रोड स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय 34 वर्षों से किराये के मकान में चल रहा है। 15 बेड के इस अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। स्टाफ की कमी के चलते यहां मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है।
1990 से चल रहे राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में न पर्याप्त चिकित्सक हैं न ही फार्मासिस्ट। 15 बेड का अस्पताल होने के चलते यहां एक महिला व एक पुरुष डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ एक महिला चिकित्सक श्रद्धा जैन की ही तैनाती है। वह भी विभागीय कार्यों के चलते अक्सर बाहर रहती हैं।
ऐसे में मरीजों को सही से उपचार नहीं मिल पाता। फार्मासिस्ट की कमी से मरीजों को वार्ड ब्वॉय ही दवाइयों का वितरण करता है। पीने का पानी भी पीने योग्य नहीं है, इस वजह से यहां आने वाले मरीजों को पानी के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। चिकित्सालय पर एक डॉक्टर सहित एक वार्ड ब्वॉय, एक स्वीपर और एक चौकीदार कुल चार की ही तैनाती है, जबकि यहां 15 कर्मियों की आवश्यकता है।
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सिलावन (ललितपुर)। महरौनी नगर में टीकमगढ़ रोड स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय 34 वर्षों से किराये के मकान में चल रहा है। 15 बेड के इस अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। स्टाफ की कमी के चलते यहां मरीजों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल पा रहा है।
1990 से चल रहे राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में न पर्याप्त चिकित्सक हैं न ही फार्मासिस्ट। 15 बेड का अस्पताल होने के चलते यहां एक महिला व एक पुरुष डॉक्टर की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन सिर्फ एक महिला चिकित्सक श्रद्धा जैन की ही तैनाती है। वह भी विभागीय कार्यों के चलते अक्सर बाहर रहती हैं।
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ऐसे में मरीजों को सही से उपचार नहीं मिल पाता। फार्मासिस्ट की कमी से मरीजों को वार्ड ब्वॉय ही दवाइयों का वितरण करता है। पीने का पानी भी पीने योग्य नहीं है, इस वजह से यहां आने वाले मरीजों को पानी के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है। चिकित्सालय पर एक डॉक्टर सहित एक वार्ड ब्वॉय, एक स्वीपर और एक चौकीदार कुल चार की ही तैनाती है, जबकि यहां 15 कर्मियों की आवश्यकता है।
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