ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को धरातल पर लाने और कार्य के सही विवरण की जानकारी के लिए संगिनी को मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ा गया है। इसके लिए प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित भी कर दिया है। अब इन्हें लिखने के झंझट से छुटकारा मिल गया है। इन्हें केवल हां और न में जवाब देना है।
वर्ष 2014 में आशाओं के पर्यवेक्षण के लिए संगिनी की तैनाती की गई थी। डीसीपीएम गणेश ने बताया कि संगिनी को लिखने की समस्या से निजात देने के लिए एप्लीकेशन को हिंदी में विकसित किया गया है। इस एप्लीकेशन से ऑफलाइन फॉर्म भर कर सर्वर के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। इससे इंटरनेट भी कम उपयोग होगा। एप्लीकेशन से 23 दिन में 23 आशाओं का भ्रमण हो सकेगा, साथ ही प्रसव पूर्व तैयारी की जा सकेगी। इससे आशाओं का काम धरातल पर दिखने लगेगा। इस तरह की एप्लीकेशन इस्तेमाल करने वाला यूपी देश का पहला राज्य है। इसके लिए संगिनी प्रशिक्षण के माध्यम में एप्लीकेशन की बारीकियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में परियोजना अधिकारी विजय पांडेय, रीजनल मैनेजर आशा प्रोग्राम झांसी मंडल जितेंद्र वर्मा, सुरेंद्र सिंह व सभी ब्लाक के डीसीपीएम मौजूद रहे।