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मनमानी : 13 साल पहले 14 लाख दिया, फिर भी नहीं पड़ी स्ट्रीट लाइट की लाइन
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ललितपुर। नगर पालिका परिषद ने स्ट्रीट लाइटों के लिए अलग से लाइन डालने के लिए एस्टीमेट की राशि 14 लाख रुपये 13 साल पहले बिजली विभाग में जमा कर दी, लेकिन लाइन अब तक नहीं डाली गई। इससे शहर के अधिकांश मार्गों पर दिन में स्ट्रीट लाइटें जल रही हैं। इस कारण स्ट्रीट लाइटें खराब हो रही हैं।
शहर के प्रमुख चौराहों पर हाईमास्ट व गलियों में एलईडी और अन्य लाइटें लगाई गई हैं। इन लाइटों के लगातार जलने के कारण आए दिन खराब होने पर नगर पालिका प्रशासन ने विद्युत विभाग से स्ट्रीट लाइन के लिए अलग से तार डालने को कहा तो विभाग ने करीब 14 लाख का एस्टीमेट थमाते हुए पैसा जमा कराने को कहा।
नगर पालिका ने निर्धारित धनराशि 14 लाख रुपये वर्ष 2012 में जमा करा दिए थे। पालिका प्रशासन का कहना है कि कई बार पत्र लिखने के बाद भी अब तक स्ट्रीट लाइन का तार अलग से नहीं डाला गया, इससे खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटें रात दिन जल रही हैं। पालिका प्रशासन ने एलईडी व हाईमास्ट लाइटें खराब होने के कारण कुछ खंभों पर स्विच भी लगवाए, लेकिन इन्हें बंद करने और खोलने की व्यवस्था सही न होने के कारण लाइटें दिन में भी जलती मिलती हैं। इससे बिजली की खपत भी अधिक हो रही है।
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बिजली विभाग वसूल रहा 37.97 लाख रुपये प्रतिमाह
नगर पालिका परिषद ने स्ट्रीट लाइटों के लिए विद्युत विभाग से 879 किलोवाट का कनेक्शन लिया था, जिसका भुगतान प्रतिमाह 37.97 लाख रुपये किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार 6500 से 7000 लाइटें लगी हैं, इनमें 3700 से अधिक लाइटें रात ही नहीं दिन में भी जल रही हैं।
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शहर में स्ट्रीट लाइटों को जलाने व बंद करने के लिए अलग से लाइन के लिए विद्युत विभाग को 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन अब तक लाइन नहीं डाली गई।-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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शहर के प्रमुख चौराहों पर हाईमास्ट व गलियों में एलईडी और अन्य लाइटें लगाई गई हैं। इन लाइटों के लगातार जलने के कारण आए दिन खराब होने पर नगर पालिका प्रशासन ने विद्युत विभाग से स्ट्रीट लाइन के लिए अलग से तार डालने को कहा तो विभाग ने करीब 14 लाख का एस्टीमेट थमाते हुए पैसा जमा कराने को कहा।
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नगर पालिका ने निर्धारित धनराशि 14 लाख रुपये वर्ष 2012 में जमा करा दिए थे। पालिका प्रशासन का कहना है कि कई बार पत्र लिखने के बाद भी अब तक स्ट्रीट लाइन का तार अलग से नहीं डाला गया, इससे खंभों पर लगी स्ट्रीट लाइटें रात दिन जल रही हैं। पालिका प्रशासन ने एलईडी व हाईमास्ट लाइटें खराब होने के कारण कुछ खंभों पर स्विच भी लगवाए, लेकिन इन्हें बंद करने और खोलने की व्यवस्था सही न होने के कारण लाइटें दिन में भी जलती मिलती हैं। इससे बिजली की खपत भी अधिक हो रही है।
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बिजली विभाग वसूल रहा 37.97 लाख रुपये प्रतिमाह
नगर पालिका परिषद ने स्ट्रीट लाइटों के लिए विद्युत विभाग से 879 किलोवाट का कनेक्शन लिया था, जिसका भुगतान प्रतिमाह 37.97 लाख रुपये किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार 6500 से 7000 लाइटें लगी हैं, इनमें 3700 से अधिक लाइटें रात ही नहीं दिन में भी जल रही हैं।
शहर में स्ट्रीट लाइटों को जलाने व बंद करने के लिए अलग से लाइन के लिए विद्युत विभाग को 14 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, लेकिन अब तक लाइन नहीं डाली गई।-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद