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Lalitpur News: एंटी करप्शन टीम ने 6500 रुपये रिश्वत लेने में वन दरोगा को पकड़ा
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- अभिवहन परमिट देने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
- महुआ फूल को अन्य जिले में ले जाने के लिए अभिवहन परमिट की होती है आवश्यकता
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महुआ फूल को अन्य जनपदों की मंडी में ले जाने के लिए अभिवहन परमिट बनवाने में सरकारी फीस के अलावा 6500 रुपये अतिरिक्त रिश्वत मांगने के आरोपी वन दरोगा को मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया और सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन निवासी जितेंद्र कुमार जैन ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि उसकी नवीन गल्ला मंडी में फर्म है, जिस पर आढ़त का काम होता है। उसके द्वारा किसानों से क्रय किए गए महुआ फूल को अन्य जनपदों की मंडी में बेचने के लिए ट्रकों में भरकर भेजा जाता है, इसके लिए ट्रांजिट परमिट यानी अभिवहन परमिट की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, जिसका सरकारी शुल्क ट्रक के भार के अनुसार स्वतः निर्धारित होता है। शिकायतकर्ता द्वारा जिसका भुगतान ऑनलाइन करने के लिए प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ललितपुर में कार्यरत विक्की को ऑनलाइन पैसे भेजे जाते थे। निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त 6500 रुपये प्रति ट्रक सुविधा शुल्क (रिश्वत) के रूप में मांग की जा रही थी। सुविधा शुल्क नहीं देने पर वन संपदा से लदे ट्रकों का चालान कर दिया जाता था। जिस पर शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की।
मंगलवार को शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार जैन ने महुआ फूल को अन्य जनपद की मंडी में ट्रकों से भेजने के लिए अभिवहन परमिट के लिए आवेदन किया था और वह प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ललितपुर के कर्मचारी को टीपी शुल्क के ऑनलाइन 2280 रुपये सरकारी शुल्क पेमेंट किया था। इसके बाद जब वह परमिट लेने के लिए प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग में गया तो वन दरोगा राजकुमार तिवारी ने 6500 रुपये सुविधा शुल्क रिश्वत की मांग की, जिस पर एंटी करप्शन टीम ने सरकारी फीस के अतिरिक्त 6500 रुपये रिश्वत लेते हुए कार्यालय प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग ललितपुर में नियुक्त आरोपी वन दरोगा राजकुमार तिवारी (अतिरिक्त कार्य स्टेनो)को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए कार्यालय प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग ललितपुर के शिविर कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में टीम भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई निरीक्षक श्याम सिंह, चतुर सिंह, मो. आरिफ, इरशाद खां, राहुल कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, शिवम गुप्ता, शिवम कुमार द्विवेदी आदि शामिल रहे।
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- महुआ फूल को अन्य जिले में ले जाने के लिए अभिवहन परमिट की होती है आवश्यकता
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महुआ फूल को अन्य जनपदों की मंडी में ले जाने के लिए अभिवहन परमिट बनवाने में सरकारी फीस के अलावा 6500 रुपये अतिरिक्त रिश्वत मांगने के आरोपी वन दरोगा को मंगलवार को एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया और सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन निवासी जितेंद्र कुमार जैन ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि उसकी नवीन गल्ला मंडी में फर्म है, जिस पर आढ़त का काम होता है। उसके द्वारा किसानों से क्रय किए गए महुआ फूल को अन्य जनपदों की मंडी में बेचने के लिए ट्रकों में भरकर भेजा जाता है, इसके लिए ट्रांजिट परमिट यानी अभिवहन परमिट की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है, जिसका सरकारी शुल्क ट्रक के भार के अनुसार स्वतः निर्धारित होता है। शिकायतकर्ता द्वारा जिसका भुगतान ऑनलाइन करने के लिए प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ललितपुर में कार्यरत विक्की को ऑनलाइन पैसे भेजे जाते थे। निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त 6500 रुपये प्रति ट्रक सुविधा शुल्क (रिश्वत) के रूप में मांग की जा रही थी। सुविधा शुल्क नहीं देने पर वन संपदा से लदे ट्रकों का चालान कर दिया जाता था। जिस पर शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की।
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मंगलवार को शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार जैन ने महुआ फूल को अन्य जनपद की मंडी में ट्रकों से भेजने के लिए अभिवहन परमिट के लिए आवेदन किया था और वह प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय ललितपुर के कर्मचारी को टीपी शुल्क के ऑनलाइन 2280 रुपये सरकारी शुल्क पेमेंट किया था। इसके बाद जब वह परमिट लेने के लिए प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग में गया तो वन दरोगा राजकुमार तिवारी ने 6500 रुपये सुविधा शुल्क रिश्वत की मांग की, जिस पर एंटी करप्शन टीम ने सरकारी फीस के अतिरिक्त 6500 रुपये रिश्वत लेते हुए कार्यालय प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग ललितपुर में नियुक्त आरोपी वन दरोगा राजकुमार तिवारी (अतिरिक्त कार्य स्टेनो)को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए कार्यालय प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग ललितपुर के शिविर कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में टीम भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई निरीक्षक श्याम सिंह, चतुर सिंह, मो. आरिफ, इरशाद खां, राहुल कुशवाहा, जितेंद्र सिंह, शिवम गुप्ता, शिवम कुमार द्विवेदी आदि शामिल रहे।
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