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एंबुलेंस सेवा सभी को दें
lalitpur
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:38 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक डीएम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने डीएम सहित उपस्थित सभी अधिकारी/कर्मचारियों का स्वागत किया।
जिलाधिकारी द्वारा जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि प्रसव लाभार्थियों का कुल भुगतान 76 प्रतिशत किया गया है। ब्लाक बार द्वारा 76 प्रतिशत, जिला महिला चिकित्सालय द्वारा 73 प्रतिशत, और ब्लाक मड़ावरा द्वारा 74 प्रतिशत, ब्लाक तालबेहट द्वारा 74 लाभार्थियों का भुगतान किया गया। डीएम द्वारा चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि लाभार्थियों का भुगतान अतिशीघ्र करें। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत यूपी एंबुलेंस 102 व 108 द्वारा प्रसव लाभार्थियों का ड्राप बैक किया जाता है। इसमें ब्लाक बार में 75 प्रतिशत प्रसव लाभार्थियों को ड्राप बैक किया गया। प्रगति संतोषजनक न होने पर अधीक्षक बार को कड़ी चेतावनी देते हुए सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी ब्लाकों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि परिवार नियोजन के केसों को गुणवत्ता पूर्वक लक्ष्य को पूरा करें। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की कम उपलब्धि पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी चेतावनी जारी की गई। डीएम ने एचबीएनसी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लाक बिरधा में कम आशाओं के विजिट पर नाराजगी व्यक्त की साथ ही बार, जखौरा, व महरौनी में कम वजन के बच्चों की संख्या मानक से कम होने पर चेतावनी दी। अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के अंतर्गत उत्सर्जित कचरे को जलाने से हो रहे वातावरण दूषित के प्रकरण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यक्रम के अंतर्गत राष्टीय कार्यक्रमों जैसे टीवी कुष्ठ और मलेरिया में कमिटेड भुगतान को ब्लाक बार को विकेंद्रीकृत करते हुए भुगतान करने के लिए निर्देश दिए गए। एमडीआर, एचआरपी में शून्य भुगतान को अतिशीघ्र कर सूची उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिएं।
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बैठक में सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर, सीएमओ पुरुष डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डा हरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. मुकेश चंद्र दुबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय भाले और डीपीएम रजिया फिरोज, केबी मिश्र व समिति के अन्य समस्त सदस्य उपस्थित रहें।
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जिलाधिकारी द्वारा जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि प्रसव लाभार्थियों का कुल भुगतान 76 प्रतिशत किया गया है। ब्लाक बार द्वारा 76 प्रतिशत, जिला महिला चिकित्सालय द्वारा 73 प्रतिशत, और ब्लाक मड़ावरा द्वारा 74 प्रतिशत, ब्लाक तालबेहट द्वारा 74 लाभार्थियों का भुगतान किया गया। डीएम द्वारा चेतावनी देते हुए निर्देशित किया गया कि लाभार्थियों का भुगतान अतिशीघ्र करें। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत यूपी एंबुलेंस 102 व 108 द्वारा प्रसव लाभार्थियों का ड्राप बैक किया जाता है। इसमें ब्लाक बार में 75 प्रतिशत प्रसव लाभार्थियों को ड्राप बैक किया गया। प्रगति संतोषजनक न होने पर अधीक्षक बार को कड़ी चेतावनी देते हुए सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
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परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी ब्लाकों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि परिवार नियोजन के केसों को गुणवत्ता पूर्वक लक्ष्य को पूरा करें। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की कम उपलब्धि पर जिलाधिकारी द्वारा कड़ी चेतावनी जारी की गई। डीएम ने एचबीएनसी कार्यक्रम के अंतर्गत ब्लाक बिरधा में कम आशाओं के विजिट पर नाराजगी व्यक्त की साथ ही बार, जखौरा, व महरौनी में कम वजन के बच्चों की संख्या मानक से कम होने पर चेतावनी दी। अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट के अंतर्गत उत्सर्जित कचरे को जलाने से हो रहे वातावरण दूषित के प्रकरण को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यक्रम के अंतर्गत राष्टीय कार्यक्रमों जैसे टीवी कुष्ठ और मलेरिया में कमिटेड भुगतान को ब्लाक बार को विकेंद्रीकृत करते हुए भुगतान करने के लिए निर्देश दिए गए। एमडीआर, एचआरपी में शून्य भुगतान को अतिशीघ्र कर सूची उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिएं।
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बैठक में सीडीओ प्रवीण कुमार लक्षकार, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर, सीएमओ पुरुष डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला डा हरेंद्र सिंह चौहान, डॉ. मुकेश चंद्र दुबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय भाले और डीपीएम रजिया फिरोज, केबी मिश्र व समिति के अन्य समस्त सदस्य उपस्थित रहें।