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एयरपोर्ट निर्माण के कारण निर्माणाधीन मकानों का काम अटका
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- फोटो : aeroplane.jpg
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ललितपुर। शहर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर कई लोगों के आशियाना बनाने के सपनों को झटका लगा है। प्रशासन की ओर से लगाई गई रोक के कारण शहरी क्षेत्र के अंदर हद व बाहर हद और सिवनीखुर्द के अंतर्गत लगभग 102 मकान अधूरे खड़े रह गए हैं। उन्हें अब इस बात की चिंता सता रही है कि उनके मकान का आगे क्या होगा और यह रोक कब तक रहेगी? इन सवालों पर कोई खुलकर नहीं बोल रहा है।
शहर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की खरीद फरोख्त के साथ ही आसपास हो रहे निर्माण कार्यों को रोक दिया है। इससे सिवनी खुर्द में 77 और शहरी क्षेत्र में अंदर हद व बाहर हद में आने वाले 25 मकान प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों ने व्यावसायिक उपयोग से प्लॉट लेकर भवन निर्माण कर व्यापार शुरू किया था, उनके सामने नए सिरे से व्यापार चुनने समस्या खड़ी हो गई है। किस-किस के मकान या जमीन और प्लॉट एयरपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहीत होंगे, इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां-जहां तक लेखपालों की टीमों द्वारा जमीनों की नापजोख की गई, उस जगह के भूस्वामियों द्वारा भवनों के निर्माण कार्यों पर खुद ही रोक लगा ली है, ताकि भवन निर्माण में उनका रुपया बेकार न हो जाए। किसी ने अपने मकान की छत और कमरे बनाकर तैयार करने के बाद नल व बिजली फिटिंग भी कराना शुरू किया था लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर उनका काम अटक गया है। वहीं किसी का लिंटर डलकर तैयार है तो किसी का लिंटर भी नहीं हो सका है। कई लोगों के तो पिलर निर्माण ही हुआ था, जबकि किसी का मकान पूरा तैयार हो गया, सिर्फ सीमेंटेड प्लास्टर ही होना था और आकर्षक टाइल्स सजाने की तैयारी थी। अब तक सब कुछ थम गया है। रेलवे क्रॉसिंग के पहले सिवनी खुर्द राजघाट रोड निवासी कपूर चंद ने बताया कि उनके परिवार के यहां पांच मकान हैं और सात प्लॉट हैं, जिनका निर्माण रोक दिया गया है। मकानों के निर्माण और प्लॉट की कीमत के अनुसार उचित मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं रेलवे क्रॉसिंग के पहले राजघाट रोड निवासी हरीराम ने बताया कि वह यहां एक भवन में किराए से दुकान लेकर फे ब्रिकेशन का कार्य कर रहे हैं। चालीस हजार रुपये तो व्यावसायिक बिजली कनेक्शन लेने में ही खर्च हो गए हैं। अब यदि यहां से हटना पड़ेगा तो दूसरी जगह तलाशने में काफी परेशानी होगी।
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सात वर्ष पहले यहां प्लाट लिया था। मकान अब पूरा बन चुका है, लेकिन करीब एक महीने पहले लेखपालों ने मकान के प्लॉट की नापजोख की है और नोटिस दिया था कि आगे निर्माण न किया जाए। अभी पूरा परिवार मकान में रह रहा है। यदि मकान जद में आता है तो दूसरा इंतजाम करना होगा।
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लालाराम, सिवनीखुर्द, राजघाट रोड।
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मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण चलते जिला प्रशासन द्वारा निर्माण काम रोकने का नोटिस दिया था, तब से काम बंद है। भवन की छत व कमरे तैयार होने के बाद लाइट व नल की फिटिंग का काम भी लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अब आगे का निर्माण रोक दिया है।
कपूर सिंह, सिवनी खुर्द, राजघाट रोड।
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शहर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की खरीद फरोख्त के साथ ही आसपास हो रहे निर्माण कार्यों को रोक दिया है। इससे सिवनी खुर्द में 77 और शहरी क्षेत्र में अंदर हद व बाहर हद में आने वाले 25 मकान प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों ने व्यावसायिक उपयोग से प्लॉट लेकर भवन निर्माण कर व्यापार शुरू किया था, उनके सामने नए सिरे से व्यापार चुनने समस्या खड़ी हो गई है। किस-किस के मकान या जमीन और प्लॉट एयरपोर्ट निर्माण के लिए अधिग्रहीत होंगे, इस पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां-जहां तक लेखपालों की टीमों द्वारा जमीनों की नापजोख की गई, उस जगह के भूस्वामियों द्वारा भवनों के निर्माण कार्यों पर खुद ही रोक लगा ली है, ताकि भवन निर्माण में उनका रुपया बेकार न हो जाए। किसी ने अपने मकान की छत और कमरे बनाकर तैयार करने के बाद नल व बिजली फिटिंग भी कराना शुरू किया था लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने पर उनका काम अटक गया है। वहीं किसी का लिंटर डलकर तैयार है तो किसी का लिंटर भी नहीं हो सका है। कई लोगों के तो पिलर निर्माण ही हुआ था, जबकि किसी का मकान पूरा तैयार हो गया, सिर्फ सीमेंटेड प्लास्टर ही होना था और आकर्षक टाइल्स सजाने की तैयारी थी। अब तक सब कुछ थम गया है। रेलवे क्रॉसिंग के पहले सिवनी खुर्द राजघाट रोड निवासी कपूर चंद ने बताया कि उनके परिवार के यहां पांच मकान हैं और सात प्लॉट हैं, जिनका निर्माण रोक दिया गया है। मकानों के निर्माण और प्लॉट की कीमत के अनुसार उचित मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं रेलवे क्रॉसिंग के पहले राजघाट रोड निवासी हरीराम ने बताया कि वह यहां एक भवन में किराए से दुकान लेकर फे ब्रिकेशन का कार्य कर रहे हैं। चालीस हजार रुपये तो व्यावसायिक बिजली कनेक्शन लेने में ही खर्च हो गए हैं। अब यदि यहां से हटना पड़ेगा तो दूसरी जगह तलाशने में काफी परेशानी होगी।
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सात वर्ष पहले यहां प्लाट लिया था। मकान अब पूरा बन चुका है, लेकिन करीब एक महीने पहले लेखपालों ने मकान के प्लॉट की नापजोख की है और नोटिस दिया था कि आगे निर्माण न किया जाए। अभी पूरा परिवार मकान में रह रहा है। यदि मकान जद में आता है तो दूसरा इंतजाम करना होगा।
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लालाराम, सिवनीखुर्द, राजघाट रोड।
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मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण चलते जिला प्रशासन द्वारा निर्माण काम रोकने का नोटिस दिया था, तब से काम बंद है। भवन की छत व कमरे तैयार होने के बाद लाइट व नल की फिटिंग का काम भी लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अब आगे का निर्माण रोक दिया है।
कपूर सिंह, सिवनी खुर्द, राजघाट रोड।