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एयरपोर्ट भू अधिग्रहण में शिथिलता बरतने पर एडीएम ने तहसीलदार सदर को दी चेतावनी
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ललितपुर। जिले में प्रस्तावित हवाई अड्डे की भूमि के अधिग्रहण में शिथिलता बरती जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए करीब दो माह पूर्व शासन ने 25 करोड़ रुपये जारी किए थे। लेकिन जिम्मेदार महज छह करोड़ रुपये ही खर्च कर सके। इसे लेकर अपर जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर को चेतावनी जारी कर काम में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
जिले में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए पहले चरण में भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। राजस्व विभाग को 226 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण करने का दायित्व सौंपा गया है। जिसमें अभी तक करीब सौ एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष के लिए जिला प्रशासन ने शासन से धनराशि की मांग की थी। शासन ने करीब दो माह पूर्व इसके लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। धनराशि मिलने के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि भूमि अधिग्रहण के काम में तेजी आएगी।
वहीं जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह भी हवाई अड्डे के लिए होने वाले कामों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके हवाई अड्डे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करने की जिम्मेदारी वाला राजस्व विभाग काम में देरी और लापरवाही बरत रहा है। यही कारण रहा कि दो माह पूर्व शासन से मिले 25 करोड़ रुपये में से अभी तक महज छह करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। इसे लेकर अपर जिलाधिकारी गुलशन कुमार ने तहसीलदार सदर को चेतावनी करते हुए भूमि अधिग्रहण काम में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
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इतने एकड़ में बनना प्रस्तावित है हवाई अड्डा
हवाई अड्डा को 390 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से 226 एकड़ भूमि निजी है। जिसके अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। शेष ग्राम समाज की बताई जा रही है। वहीं ग्राम समाज की कुछ भूमि पर रक्षा विभाग ने अपना दावा किया हुआ है और रक्षा विभाग ने केंद्र सरकार स्तर पर पत्राचार किया हुआ है।
हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण में पिछले कुछ दिनों से लापरवाही बरती जा रही है और शासन की मंशानुरूप काम नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर तहसीलदार सदर को चेतावनी देकर भूमि अधिग्रहण काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी।
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जिले में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए पहले चरण में भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। राजस्व विभाग को 226 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण करने का दायित्व सौंपा गया है। जिसमें अभी तक करीब सौ एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। शेष के लिए जिला प्रशासन ने शासन से धनराशि की मांग की थी। शासन ने करीब दो माह पूर्व इसके लिए 25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। धनराशि मिलने के बाद उम्मीद लगाई जा रही थी कि भूमि अधिग्रहण के काम में तेजी आएगी।
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वहीं जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह भी हवाई अड्डे के लिए होने वाले कामों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके हवाई अड्डे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करने की जिम्मेदारी वाला राजस्व विभाग काम में देरी और लापरवाही बरत रहा है। यही कारण रहा कि दो माह पूर्व शासन से मिले 25 करोड़ रुपये में से अभी तक महज छह करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। इसे लेकर अपर जिलाधिकारी गुलशन कुमार ने तहसीलदार सदर को चेतावनी करते हुए भूमि अधिग्रहण काम में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
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इतने एकड़ में बनना प्रस्तावित है हवाई अड्डा
हवाई अड्डा को 390 एकड़ में बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसमें से 226 एकड़ भूमि निजी है। जिसके अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। शेष ग्राम समाज की बताई जा रही है। वहीं ग्राम समाज की कुछ भूमि पर रक्षा विभाग ने अपना दावा किया हुआ है और रक्षा विभाग ने केंद्र सरकार स्तर पर पत्राचार किया हुआ है।
हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण में पिछले कुछ दिनों से लापरवाही बरती जा रही है और शासन की मंशानुरूप काम नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर तहसीलदार सदर को चेतावनी देकर भूमि अधिग्रहण काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
गुलशन कुमार, अपर जिलाधिकारी।