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Lalitpur News: छुट्टी के बाद खुली मंडी में आई बंपर आवक, हाईवे पर डेढ़ किलोमीटर तक लगा जाम
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- मौके पर अधिकारियों ने उतरकर वैकल्पिक मार्ग से गाड़ियों को निकलवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दीपावली की छु़ट्टियों के चलते गल्ला मंडी इस सप्ताह में मात्र एक ही दिन शुक्रवार को खुली। मंडी में सोयाबीन, मूंगफली की काफी अच्छी आवक रही। इसके चलते गल्ला मंडी से हाईवे तक करीब डेढ़ किलोमीटर का लंबा जाम एक घंटे लगा रहा। जाम की स्थिति को संभालने के लिए यातायात विभाग को सड़क पर उतरना पड़ा। वहीं, जाम लगने से झांसी, सागर व टीकमगढ़ आने जाने वाली बसों एवं अन्य वाहनों को निकालने में परेशान होना पड़ा।
दीपावली पर गल्ला मंडी 18 अक्तूबर से भाईदूज के दिन तक बंद रही। शुक्रवार को जब गल्ला मंडी खुली तो सुबह से ही यहां पर किसान फसलों से लदे ट्रैक्टर लेकर पहुंचने लगे। आलम यह रहा कि सुबह नौ बजे से ही भारी संख्या में ट्रैक्टरों का यहां आना शुरू हो चुका था। भारी संख्या में अनाज के ट्रैक्टर आने के कारण गल्ला मंडी से लेकर हाईवे तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक ट्रैक्टरों की लंबी लाइनें लगने से कई जगह जाम की स्थिति बन गई। झांसी, सागर, टीकमगढ़, महरौनी जाने वाली बसें, ट्रक, चार पहिया वाहन इस जाम में फंसे रहे। यहां तक कि एंबुलेंस निकलने में भी दिक्कत रही। मंडी के पास जाम लगने पर यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के लिए कुछ वाहनों के चालकों को हाईवे से नहर के रास्ते, हवाई पट्टी से सिलगन रोड होकर निकाला गया। जिससे वाहनों को तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त की दूरी तय करना पड़ी। वहीं, कई वाहन मंडी से हाईवे के रास्ते में आधा से पौन घंटे तक जाम में फंसे रहे। मंडी के अंदर भी यही हालत रहे और जाम लगा रहा। इसे लेकर मंडी समिति के सचिव व कर्मचारियों ने ट्रैक्टरों को लाइन से लगवाया और आढ़तियों की दुकानों पर ट्रैक्टरों के खाली होने के बाद दूसरे रास्ते से मंडी के बाहर निकलवाकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। दोपहर ढाई बजे के बाद मंडी में स्थिति सामान्य हो सकी। वहीं अनाज की भारी आवक होने पर देर शाम तक आढ़तियों की दुकान पर किसानों के अनाज की तुलाई और हिसाब किताब होता रहा।
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यह रही जिंस की आवक की स्थिति
गल्ला मंडी में शुक्रवार को सोयाबीन की आवक करीब आठ क्विंटल, मूंगफली करीब आठ हजार क्विंटल, मक्का करीब नौ हजार क्विंटल, गेहूं करीब तीन हजार क्विंटल, मटर की दो हजार क्विंटल आवक हुई। वहीं जौ करीब दो सौ क्विंटल, धान की 50 क्विंटल की आवक होने की संभावना मंडी व्यापारियों ने जताई है। जबकि तीन हजार क्विंटल उड़द और सरसों करीब 500 क्विंटल आना बताया गया है।
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फिर से दो दिन मंडी बंद की वजह से अनाज बेचने पहुंचे थे किसान
वर्तमान में किसान रबी के सीजन की फसल बोआई करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लिए वह खाद, बीज, डीजल सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। दीपावली पर्व पर पांच दिन गल्ला मंडी बंद रही थी। जिस कारण किसानों को यह वस्तुएं खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ा था। लेकिन जैसे ही शुक्रवार को मंडी खुली भारी संख्या में किसान अपना अनाज बेचने को मंडी में पहुंच गया था। वहीं मंडी में भारी संख्या में किसानों के अनाज बेचने को पहुंचने का एक कारण शनिवार व रविवार को फिर से दो दिन तक मंडी बंद रहने को भी बताया जा रहा है।
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फोटो-11
कैप्सन-बहोरे पाल।
रबी की फसल के लिए खाद का इंतजाम करने के लिए एक ट्रॉली मूंगफली लेकर मंडी आए हैं। तीन घंटे से अधिक समय से ट्रैक्टरों की लाइन में तेज धूप में खड़े हैं। अब मंडी के अंदर प्रवेश कर पाए हैं। आढ़तिया की दुकान पर पहुंचने में अभी भी एक घंटा और लग सकता है।
-बहोरे पाल, किसान, ग्राम टेनगा
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फोटो-12
कैप्सन-राजू पाल।
सोयाबीन और उड़द लेकर आए हैं। रुपये का इंतजाम नहीं होने से खाद, बीज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अब अनाज बेचकर सेठ से पैसे मिल जाएंगे तो खाद, बीज खरीदेंगे। मंडी आने के लिए साढ़े तीन घंटे से ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं। अब मंडी में अनाज बेचने में शाम हो जाएगी।
-राजू पाल, किसान, ग्राम सुकाड़ी
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फोटो-13
कैप्सन-बलराम।
रबी की फसल केे लिए सिंचाई और खाद के इंतजाम के लिए मूंगफली बेचने को मंडी में ट्रैक्टर लेकर आए हैं। सुबह नौ बजे से लाइन में लगे थे, अब मंडी आ सके हैं। अभी भी मंडी में आढ़तिया के पास नहीं पहुंचे हैं। इस बार गेहूं बोना है। इसके इंतजाम के लिए मूंगफली बेचने आए हैं।
-बलराम, किसान।
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छह दिन बाद गल्ला मंडी खुलने पर किसान अपना अनाज बेचने के लिए ट्रैक्टरों के जरिए गल्ला मंडी पहुंचे थे। इस कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी थी। लेकिन ट्रैक्टरों को व्यवस्थित करके मंडी का यातायात सुचारू किया गया।
भूपेंद्र राठौर, प्रभारी मंडी सचिव
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दीपावली की छु़ट्टियों के चलते गल्ला मंडी इस सप्ताह में मात्र एक ही दिन शुक्रवार को खुली। मंडी में सोयाबीन, मूंगफली की काफी अच्छी आवक रही। इसके चलते गल्ला मंडी से हाईवे तक करीब डेढ़ किलोमीटर का लंबा जाम एक घंटे लगा रहा। जाम की स्थिति को संभालने के लिए यातायात विभाग को सड़क पर उतरना पड़ा। वहीं, जाम लगने से झांसी, सागर व टीकमगढ़ आने जाने वाली बसों एवं अन्य वाहनों को निकालने में परेशान होना पड़ा।
दीपावली पर गल्ला मंडी 18 अक्तूबर से भाईदूज के दिन तक बंद रही। शुक्रवार को जब गल्ला मंडी खुली तो सुबह से ही यहां पर किसान फसलों से लदे ट्रैक्टर लेकर पहुंचने लगे। आलम यह रहा कि सुबह नौ बजे से ही भारी संख्या में ट्रैक्टरों का यहां आना शुरू हो चुका था। भारी संख्या में अनाज के ट्रैक्टर आने के कारण गल्ला मंडी से लेकर हाईवे तक लगभग डेढ़ किलोमीटर तक ट्रैक्टरों की लंबी लाइनें लगने से कई जगह जाम की स्थिति बन गई। झांसी, सागर, टीकमगढ़, महरौनी जाने वाली बसें, ट्रक, चार पहिया वाहन इस जाम में फंसे रहे। यहां तक कि एंबुलेंस निकलने में भी दिक्कत रही। मंडी के पास जाम लगने पर यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने के लिए कुछ वाहनों के चालकों को हाईवे से नहर के रास्ते, हवाई पट्टी से सिलगन रोड होकर निकाला गया। जिससे वाहनों को तीन से चार किलोमीटर अतिरिक्त की दूरी तय करना पड़ी। वहीं, कई वाहन मंडी से हाईवे के रास्ते में आधा से पौन घंटे तक जाम में फंसे रहे। मंडी के अंदर भी यही हालत रहे और जाम लगा रहा। इसे लेकर मंडी समिति के सचिव व कर्मचारियों ने ट्रैक्टरों को लाइन से लगवाया और आढ़तियों की दुकानों पर ट्रैक्टरों के खाली होने के बाद दूसरे रास्ते से मंडी के बाहर निकलवाकर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। दोपहर ढाई बजे के बाद मंडी में स्थिति सामान्य हो सकी। वहीं अनाज की भारी आवक होने पर देर शाम तक आढ़तियों की दुकान पर किसानों के अनाज की तुलाई और हिसाब किताब होता रहा।
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यह रही जिंस की आवक की स्थिति
गल्ला मंडी में शुक्रवार को सोयाबीन की आवक करीब आठ क्विंटल, मूंगफली करीब आठ हजार क्विंटल, मक्का करीब नौ हजार क्विंटल, गेहूं करीब तीन हजार क्विंटल, मटर की दो हजार क्विंटल आवक हुई। वहीं जौ करीब दो सौ क्विंटल, धान की 50 क्विंटल की आवक होने की संभावना मंडी व्यापारियों ने जताई है। जबकि तीन हजार क्विंटल उड़द और सरसों करीब 500 क्विंटल आना बताया गया है।
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फिर से दो दिन मंडी बंद की वजह से अनाज बेचने पहुंचे थे किसान
वर्तमान में किसान रबी के सीजन की फसल बोआई करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लिए वह खाद, बीज, डीजल सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। दीपावली पर्व पर पांच दिन गल्ला मंडी बंद रही थी। जिस कारण किसानों को यह वस्तुएं खरीदने के लिए इंतजार करना पड़ा था। लेकिन जैसे ही शुक्रवार को मंडी खुली भारी संख्या में किसान अपना अनाज बेचने को मंडी में पहुंच गया था। वहीं मंडी में भारी संख्या में किसानों के अनाज बेचने को पहुंचने का एक कारण शनिवार व रविवार को फिर से दो दिन तक मंडी बंद रहने को भी बताया जा रहा है।
फोटो-11
कैप्सन-बहोरे पाल।
रबी की फसल के लिए खाद का इंतजाम करने के लिए एक ट्रॉली मूंगफली लेकर मंडी आए हैं। तीन घंटे से अधिक समय से ट्रैक्टरों की लाइन में तेज धूप में खड़े हैं। अब मंडी के अंदर प्रवेश कर पाए हैं। आढ़तिया की दुकान पर पहुंचने में अभी भी एक घंटा और लग सकता है।
-बहोरे पाल, किसान, ग्राम टेनगा
फोटो-12
कैप्सन-राजू पाल।
सोयाबीन और उड़द लेकर आए हैं। रुपये का इंतजाम नहीं होने से खाद, बीज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अब अनाज बेचकर सेठ से पैसे मिल जाएंगे तो खाद, बीज खरीदेंगे। मंडी आने के लिए साढ़े तीन घंटे से ट्रैक्टर लेकर खड़े हैं। अब मंडी में अनाज बेचने में शाम हो जाएगी।
-राजू पाल, किसान, ग्राम सुकाड़ी
फोटो-13
कैप्सन-बलराम।
रबी की फसल केे लिए सिंचाई और खाद के इंतजाम के लिए मूंगफली बेचने को मंडी में ट्रैक्टर लेकर आए हैं। सुबह नौ बजे से लाइन में लगे थे, अब मंडी आ सके हैं। अभी भी मंडी में आढ़तिया के पास नहीं पहुंचे हैं। इस बार गेहूं बोना है। इसके इंतजाम के लिए मूंगफली बेचने आए हैं।
-बलराम, किसान।
छह दिन बाद गल्ला मंडी खुलने पर किसान अपना अनाज बेचने के लिए ट्रैक्टरों के जरिए गल्ला मंडी पहुंचे थे। इस कारण कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बनी थी। लेकिन ट्रैक्टरों को व्यवस्थित करके मंडी का यातायात सुचारू किया गया।
भूपेंद्र राठौर, प्रभारी मंडी सचिव