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Lalitpur News: मुख्य आरोपी गिरफ्तारी के बाद जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश
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अमर उजाला फॉलोअप
- पूछताछ में आरोपी से मिले अहम सुराग के बाद जोड़ी जा रही कड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जाली नोट के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुटी है। एसपी ने पुलिस टीम को मुख्य आरोपी से पूछताछ में मिले सुराग की कड़ियां जोड़ने के लिए कहा है। पुलिस पूरे गिरोह के पर्दाफाश में जुटी है।
थाना सौजना पुलिस ने 18 अगस्त की रात उल्दनाकलां तिराहे के पास से आशीष परिहार निवासी ग्राम पिपरई, संजय उर्फ संजू निवासी ग्राम रामगडा, सूर्यप्रताप उर्फ राजाजी निवासी रामगड़ा, लखन उर्फ कुंजन निवासी खटगुआं को 98,200 रुपये के जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने जाली नोट की खेप बलविन्दर सिंह पुत्र जनरैल सिंह निवासी ग्राम वनगांव थाना खटीमा उत्तराखंड से मिलने की बात बताई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस जाली नोट गिरोह के सरगना बलविंदर को गिरफ्तार करने जुट गई थी। थाना सौजना पुलिस ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड से मुख्य आरोपी बलविंदर उर्फ सतबिंदर उर्फ कृपाल को गिरफ्तार कर जनपद लेकर आए। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस टीम अब गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुट गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार बलबिंदर ने पुलिस हिरासत के दौरान जाली नोट को लेकर कई राज उगले हैं।
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असली नोट जैसे थे जाली नोट, पानी में भिगोने पर कर सकते थे पहचान
जाली नोटों की छपाई इस प्रकार से की गई थी कि वह हूबहू असली नोट की तरह दिखाई देते थे। सामान्य तौर पर उन्हें पहचानना काफी मुश्किल था। इन जाली नोटों को पानी से भिगोने के बाद ही पता लगाया जा सकता था कि वह असली नहीं है।
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अब वासुभाई की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीमें एक अन्य मुख्य आरोपी वासुभाई की गिरफ्तारी में जुट गई है। जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया गया आकाश परिहार पीलीभीत से जाली नोटों की खेप वासुभाई से लेकर आया था। जल्द ही पुलिस की एक टीम पीलीभीत के लिए रवाना होगी।
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गिरोह नहीं छापता था जाली नोट, कही और से आती थी जाली नोटों की खेप
सूत्रों के अनुसार पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार मुख्य आरोपी बलबिंदर सिंह ने बताया कि उनका गिरोह जाली नोट नहीं छापता है। उन्हें अन्य जगह से जाली नोटों की खेप मिलती थी। इसके बाद पुलिस की टीम जाली नोट का नेपाल व पाकिस्तान से कनेक्शन खोजने में जुट गई है। इसके लिए वह पुलिस इस केस की गहनता से जांच करने में जुट गई है।
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जाली नोट गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस इस गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुट गई है। साथ में गिरोह के एक अन्य आरोपी वासुभाई को गिरफ्तार करने में जुट गई है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जनपद तक जाली नोट गिरोह के तार पहुंचने की भी गहनता से जांच कराई जा रही है।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक
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- पूछताछ में आरोपी से मिले अहम सुराग के बाद जोड़ी जा रही कड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जाली नोट के मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुटी है। एसपी ने पुलिस टीम को मुख्य आरोपी से पूछताछ में मिले सुराग की कड़ियां जोड़ने के लिए कहा है। पुलिस पूरे गिरोह के पर्दाफाश में जुटी है।
थाना सौजना पुलिस ने 18 अगस्त की रात उल्दनाकलां तिराहे के पास से आशीष परिहार निवासी ग्राम पिपरई, संजय उर्फ संजू निवासी ग्राम रामगडा, सूर्यप्रताप उर्फ राजाजी निवासी रामगड़ा, लखन उर्फ कुंजन निवासी खटगुआं को 98,200 रुपये के जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने जाली नोट की खेप बलविन्दर सिंह पुत्र जनरैल सिंह निवासी ग्राम वनगांव थाना खटीमा उत्तराखंड से मिलने की बात बताई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस जाली नोट गिरोह के सरगना बलविंदर को गिरफ्तार करने जुट गई थी। थाना सौजना पुलिस ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड से मुख्य आरोपी बलविंदर उर्फ सतबिंदर उर्फ कृपाल को गिरफ्तार कर जनपद लेकर आए। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस टीम अब गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुट गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार बलबिंदर ने पुलिस हिरासत के दौरान जाली नोट को लेकर कई राज उगले हैं।
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असली नोट जैसे थे जाली नोट, पानी में भिगोने पर कर सकते थे पहचान
जाली नोटों की छपाई इस प्रकार से की गई थी कि वह हूबहू असली नोट की तरह दिखाई देते थे। सामान्य तौर पर उन्हें पहचानना काफी मुश्किल था। इन जाली नोटों को पानी से भिगोने के बाद ही पता लगाया जा सकता था कि वह असली नहीं है।
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अब वासुभाई की गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
मुख्य सरगना की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की टीमें एक अन्य मुख्य आरोपी वासुभाई की गिरफ्तारी में जुट गई है। जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया गया आकाश परिहार पीलीभीत से जाली नोटों की खेप वासुभाई से लेकर आया था। जल्द ही पुलिस की एक टीम पीलीभीत के लिए रवाना होगी।
गिरोह नहीं छापता था जाली नोट, कही और से आती थी जाली नोटों की खेप
सूत्रों के अनुसार पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार मुख्य आरोपी बलबिंदर सिंह ने बताया कि उनका गिरोह जाली नोट नहीं छापता है। उन्हें अन्य जगह से जाली नोटों की खेप मिलती थी। इसके बाद पुलिस की टीम जाली नोट का नेपाल व पाकिस्तान से कनेक्शन खोजने में जुट गई है। इसके लिए वह पुलिस इस केस की गहनता से जांच करने में जुट गई है।
जाली नोट गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस इस गिरोह को जाली नोट पहुंचाने वाले की तलाश में जुट गई है। साथ में गिरोह के एक अन्य आरोपी वासुभाई को गिरफ्तार करने में जुट गई है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जनपद तक जाली नोट गिरोह के तार पहुंचने की भी गहनता से जांच कराई जा रही है।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक