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Lalitpur News: जून के बाद जुलाई भी सूखा, 253 मिमी बारिश में नहीं भर सके बांध और तालाब
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जून के बाद जुलाई में भी मानसून जिले पर मेहरबान नहीं हुआ। पूरे महीने में औसतन 253 मिलीमीटर बारिश हुई, जो जुलाई के 346 मिलीमीटर के सामान्य औसत से 93 मिलीमीटर कम है। लगातार दूसरे महीने कम बारिश होने से जिले के प्रमुख बांध, तालाब और पोखर अब तक नहीं भर सके हैं। इससे खरीफ फसलों के साथ आने वाले महीनों में पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब किसानों और आम लोगों की उम्मीदें अगस्त में होने वाली बारिश पर टिकी हैं।
जिले में इस वर्ष मानसून की शुरुआत से ही बारिश सामान्य से कम रही है। जून में कमजोर बारिश के बाद जुलाई में अच्छी वर्षा की उम्मीद थी, लेकिन कुछ इलाकों को छोड़ अधिकांश क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश नहीं हुई। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में जिले में औसतन 253 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 93 मिलीमीटर कम है।
जून और जुलाई, दोनों महीनों में सामान्य से कम बारिश का असर जिले के सभी 14 बांधों के साथ तालाबों और पोखरों पर साफ दिखाई दे रहा है। अधिकांश जलाशयों में जलभराव अपेक्षा से काफी कम है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब और पोखर भी पूरी तरह नहीं भर सके हैं। इससे आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है। कम बारिश से खरीफ फसलों की स्थिति को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगस्त में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो उड़द, सोयाबीन, मक्का और मूंगफली जैसी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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उधर, सिंचाई विभाग बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता (सिंचाई) भूपेश सुहेरा ने बताया कि अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं होने से बांधों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। हालांकि पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए फिलहाल पर्याप्त पानी उपलब्ध है और अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
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पिछले साल जुलाई में ही लबालब हो गए थे बांध
वर्ष 2025 में जिले में मानसून (जून से सितंबर) के दौरान कुल 1188.60 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इनमें जून में 210.40 और जुलाई में 655.40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। सामान्य से अधिक बारिश के कारण जुलाई में ही जिले के अधिकांश बांध भर गए थे और अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए उनके गेट खोलने पड़े थे। तालाब और पोखर भी लबालब भर गए थे। इसके विपरीत इस वर्ष जून और जुलाई में कम बारिश के कारण अधिकांश जलाशय अब भी अपेक्षित स्तर तक नहीं भर सके हैं।
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जनपद में पांच वर्ष में हुई बारिश की स्थिति (मिमी. में)
माह - मानक औसत बारिश - 2021 - 2022 -2023 - 2024 - 2025
जून - 93.00 - 16.00 - 128.80 - 171.81 - 123.40 - 210.40
जुलाई - 346.00 - 144.76 - 197.80 - 15229 - 380.01 - 655.40
अगस्त - 341.70 - 272.40 - 323.84 - 227.30 - 280.60 - 206.40
सितंबर - 168.50 - 120.80 - 165.94 - 209.20 - 259.40 - 116.40
योग - 949.20 - 553.96 - 816.38 - 760.60 - 1043.41 - 1188.60
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ललितपुर। जून के बाद जुलाई में भी मानसून जिले पर मेहरबान नहीं हुआ। पूरे महीने में औसतन 253 मिलीमीटर बारिश हुई, जो जुलाई के 346 मिलीमीटर के सामान्य औसत से 93 मिलीमीटर कम है। लगातार दूसरे महीने कम बारिश होने से जिले के प्रमुख बांध, तालाब और पोखर अब तक नहीं भर सके हैं। इससे खरीफ फसलों के साथ आने वाले महीनों में पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब किसानों और आम लोगों की उम्मीदें अगस्त में होने वाली बारिश पर टिकी हैं।
जिले में इस वर्ष मानसून की शुरुआत से ही बारिश सामान्य से कम रही है। जून में कमजोर बारिश के बाद जुलाई में अच्छी वर्षा की उम्मीद थी, लेकिन कुछ इलाकों को छोड़ अधिकांश क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश नहीं हुई। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में जिले में औसतन 253 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 93 मिलीमीटर कम है।
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जून और जुलाई, दोनों महीनों में सामान्य से कम बारिश का असर जिले के सभी 14 बांधों के साथ तालाबों और पोखरों पर साफ दिखाई दे रहा है। अधिकांश जलाशयों में जलभराव अपेक्षा से काफी कम है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब और पोखर भी पूरी तरह नहीं भर सके हैं। इससे आने वाले समय में पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका है। कम बारिश से खरीफ फसलों की स्थिति को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि अगस्त में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो उड़द, सोयाबीन, मक्का और मूंगफली जैसी फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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उधर, सिंचाई विभाग बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता (सिंचाई) भूपेश सुहेरा ने बताया कि अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं होने से बांधों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया है। हालांकि पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए फिलहाल पर्याप्त पानी उपलब्ध है और अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद है।
पिछले साल जुलाई में ही लबालब हो गए थे बांध
वर्ष 2025 में जिले में मानसून (जून से सितंबर) के दौरान कुल 1188.60 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इनमें जून में 210.40 और जुलाई में 655.40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी। सामान्य से अधिक बारिश के कारण जुलाई में ही जिले के अधिकांश बांध भर गए थे और अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए उनके गेट खोलने पड़े थे। तालाब और पोखर भी लबालब भर गए थे। इसके विपरीत इस वर्ष जून और जुलाई में कम बारिश के कारण अधिकांश जलाशय अब भी अपेक्षित स्तर तक नहीं भर सके हैं।
जनपद में पांच वर्ष में हुई बारिश की स्थिति (मिमी. में)
माह - मानक औसत बारिश - 2021 - 2022 -2023 - 2024 - 2025
जून - 93.00 - 16.00 - 128.80 - 171.81 - 123.40 - 210.40
जुलाई - 346.00 - 144.76 - 197.80 - 15229 - 380.01 - 655.40
अगस्त - 341.70 - 272.40 - 323.84 - 227.30 - 280.60 - 206.40
सितंबर - 168.50 - 120.80 - 165.94 - 209.20 - 259.40 - 116.40
योग - 949.20 - 553.96 - 816.38 - 760.60 - 1043.41 - 1188.60