{"_id":"5f947de68ebc3e9bb350ba24","slug":"after-11-days-will-be-chinchai-lalitpur-news-jhs179476480","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस बार 11 दिन कम हो सकेगी नहरों से सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस बार 11 दिन कम हो सकेगी नहरों से सिंचाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। सिंचाई विभाग ने रबी सीजन में किसानों को नहर का पानी उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार कर ली है। इसके तहत इस बार गोविंद सागर बांध की दाईं व बाई नहर केवल 77 दिन चलाई जाएगी, जो पिछले साल के मुकाबले 11 दिन कम है। विभागीय अफसरों का कहना है कि मानसून सीजन में बांध पूरा नहीं भर सका है, जिससे सिंचाई के लिए दिनों में कटौती की गई है। नहरों का संचालन सात नवंबर से होगा।
गोविंद सागर बांध से करीब उन्नीस हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई होती है, जिसका एरिया बत्तीस किलोमीटर तक फैला है। इस पूरे क्षेत्र में नहरों का पानी पहुंचाने के लिए इन दिनों नहरों की सफाई का कार्य चल रहा है। कई माइनरों की सिल्ट साफ कर दी गई है तो कई जगहों पर यह कार्य होना बाकी है। उधर, विभागीय अफसरों ने गोविंद सागर बांध और शहजाद बांध से जुड़ी नहरों का रोस्टर बनाया है। शहजाद बांध की नहर 98 दिन और गोविंद सागर बांध की नहरें 77 दिन खोली जाएंगी। किसान भी रबी सीजन में फसल की बुवाई के लिए तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने खाद और बीज का इंतजाम करना आरंभ कर दिया है। खरीफ फसल में नुकसान झेल चुके किसान रबी फसल से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। तमाम किसान ट्रैक्टर की मदद से खेतों को फसल बुवाई के लायक बना रहे हैं।
इतना भरा है बांध
गोविंद सागर बांध 1194 के मुकाबले 1192 फीट ही भर पाया है। अवर अभियंता विकासदीप भारती का कहना है कि 77 दिन का रोस्टर नहर खोलने का बनाया गया है। 77 दिन के रोस्टर में बीच-बीच में नहर को रोककर चलाया जाएगा, ताकि पानी की बर्बादी न हो।
विज्ञापन
---
शहजाद बांध की नहर को पूर्व की भांति खोला जाएगा, जबकि गोविंद सागर बांध की नहरों के दिन में कटौती की गई है। इस बार गोविंद सागर बांध पूरी क्षमता के साथ नहीं भरा है, इस वजह से ऐसा किया गया है।
- मनमोहन सिंह
अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड
विज्ञापन
गोविंद सागर बांध से करीब उन्नीस हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई होती है, जिसका एरिया बत्तीस किलोमीटर तक फैला है। इस पूरे क्षेत्र में नहरों का पानी पहुंचाने के लिए इन दिनों नहरों की सफाई का कार्य चल रहा है। कई माइनरों की सिल्ट साफ कर दी गई है तो कई जगहों पर यह कार्य होना बाकी है। उधर, विभागीय अफसरों ने गोविंद सागर बांध और शहजाद बांध से जुड़ी नहरों का रोस्टर बनाया है। शहजाद बांध की नहर 98 दिन और गोविंद सागर बांध की नहरें 77 दिन खोली जाएंगी। किसान भी रबी सीजन में फसल की बुवाई के लिए तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने खाद और बीज का इंतजाम करना आरंभ कर दिया है। खरीफ फसल में नुकसान झेल चुके किसान रबी फसल से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। तमाम किसान ट्रैक्टर की मदद से खेतों को फसल बुवाई के लायक बना रहे हैं।
विज्ञापन
इतना भरा है बांध
गोविंद सागर बांध 1194 के मुकाबले 1192 फीट ही भर पाया है। अवर अभियंता विकासदीप भारती का कहना है कि 77 दिन का रोस्टर नहर खोलने का बनाया गया है। 77 दिन के रोस्टर में बीच-बीच में नहर को रोककर चलाया जाएगा, ताकि पानी की बर्बादी न हो।
विज्ञापन
---
शहजाद बांध की नहर को पूर्व की भांति खोला जाएगा, जबकि गोविंद सागर बांध की नहरों के दिन में कटौती की गई है। इस बार गोविंद सागर बांध पूरी क्षमता के साथ नहीं भरा है, इस वजह से ऐसा किया गया है।
- मनमोहन सिंह
अधिशासी अभियंता
राजघाट निर्माण खंड