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Lalitpur News: 10 माह बाद निकाला हत्या के मामले में दफनाए गए बच्चे का शव, पोस्टमार्टम को पहुंचाया
Thu, 13 Oct 2022 01:42 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 01:42 AM IST
सार
अब विवेचना के दौरान जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाए गए बालक का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
ललितपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रोंड़ा में दस माह पूर्व कुएं में फेंककर पांच वर्षीय बालक की हत्या करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर की थी। अब विवेचना के दौरान जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाए गए बालक का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
ग्राम रोंड़ा निवासी डोली पत्नी रामकुमार ने चार माह पहले न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसके रिश्ते के ससुर नत्थू पीडब्ल्यूूडी में तैनात थे। जिनके सेवानिवृत्त होने पर उसका पैसा मिला था।
नवदुर्गा में ससुर की तबियत खराब होने पर पति राम कुमार उन्हें उपचार के लिए भोपाल ले गए। तभी परिवार की ही तुलसा पत्नी रंजीत ने दादी से उनके जेवर इलाज के नाम पर लेकर अपनी मां हल्कीबाई निवासी ग्राम दावनी की मदद से बेच दिए। जबकि ससुर का इलाज चल रहा था।
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पति ससुर का इलाज कराते रहे। तभी से तुलसा, उनका पति रंजीत, ससुर खुशीलाल, सास मीरा उनसे रंजिश मानने लगे और बात बात पर झगड़ते थे। उक्त लोगों ने सोचा कि उनके पति दादा के रिटायरमेंट का रुपया एवं जमीन अपने नाम करा लेंगे, इसी वजह से वे उनसे रंजिश मानते हुए झगड़ा करने लगे।
तीन दिसंबर 2021 को शाम चार बजे उनका पांच वर्षीय बेटा भानू दरवाजे के सामने तुलसा के बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी तुलसा को उसके बच्चे अपने साथ ले जाते हुए देखा। लेकिन तुलसा ने उनके बच्चों को ले जाकर कुएं में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। जब बेटा काफी देर तक नहीं लौटा तो उन्होंने तुलसा से पूछा तो उसने पहले तो साफ इंकार कर दिया।
दोबारा पूछने पर बताया कि उसका बेटा कुएं में हो सकता है। जिस पर परिजनों ने गांव वालों के साथ जाकर कुएं में उतरकर देखा तो बेटा कुएं में डूबा मिला। बेटे को तत्काल निकालकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसने डायल 112 को इसकी सूचना दी, कोतवाली व पुलिस कार्यालय में भी उसने कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से दफनाए गए बालक के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्राचार किया था। अब जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर बुधवार को दोपहर में कोतवाली पुलिस ने फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम अमरपुर में पहुंचकर दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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ग्राम रोंड़ा निवासी डोली पत्नी रामकुमार ने चार माह पहले न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसके रिश्ते के ससुर नत्थू पीडब्ल्यूूडी में तैनात थे। जिनके सेवानिवृत्त होने पर उसका पैसा मिला था।
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नवदुर्गा में ससुर की तबियत खराब होने पर पति राम कुमार उन्हें उपचार के लिए भोपाल ले गए। तभी परिवार की ही तुलसा पत्नी रंजीत ने दादी से उनके जेवर इलाज के नाम पर लेकर अपनी मां हल्कीबाई निवासी ग्राम दावनी की मदद से बेच दिए। जबकि ससुर का इलाज चल रहा था।
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पति ससुर का इलाज कराते रहे। तभी से तुलसा, उनका पति रंजीत, ससुर खुशीलाल, सास मीरा उनसे रंजिश मानने लगे और बात बात पर झगड़ते थे। उक्त लोगों ने सोचा कि उनके पति दादा के रिटायरमेंट का रुपया एवं जमीन अपने नाम करा लेंगे, इसी वजह से वे उनसे रंजिश मानते हुए झगड़ा करने लगे।
तीन दिसंबर 2021 को शाम चार बजे उनका पांच वर्षीय बेटा भानू दरवाजे के सामने तुलसा के बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी तुलसा को उसके बच्चे अपने साथ ले जाते हुए देखा। लेकिन तुलसा ने उनके बच्चों को ले जाकर कुएं में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। जब बेटा काफी देर तक नहीं लौटा तो उन्होंने तुलसा से पूछा तो उसने पहले तो साफ इंकार कर दिया।
दोबारा पूछने पर बताया कि उसका बेटा कुएं में हो सकता है। जिस पर परिजनों ने गांव वालों के साथ जाकर कुएं में उतरकर देखा तो बेटा कुएं में डूबा मिला। बेटे को तत्काल निकालकर जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसने डायल 112 को इसकी सूचना दी, कोतवाली व पुलिस कार्यालय में भी उसने कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इस मामले में परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से दफनाए गए बालक के शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्राचार किया था। अब जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर बुधवार को दोपहर में कोतवाली पुलिस ने फील्ड यूनिट, फोरेंसिक टीम एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्राम अमरपुर में पहुंचकर दफनाए गए शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।