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उपहार बांटने पर रहेगी प्रशासन की नजर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:49 AM IST
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- फोटो : demo
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यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशासन की नजर उपहार बांटने पर भी रहेगी। जिसे ध्यान में रखकर उप जिला मजिस्ट्रेट ने शादी, विवाह घर, होटल संचालकों और भोजन वितरण करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें आदर्श आचार संहिता का पाठ पढ़ाया गया।
सोमवार को उप जिला मजिस्ट्रेट/निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि ललितपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विवाह/सामुदायिक भवनों या बड़े हालों को उपहार सामग्री (धोती/साड़ी)/भोजन/मदिरा आदि के प्रयोग के लिए वर्जित किया गया है। संचालक बुकिंग के प्रयोजन से उसके साक्ष्य के रुप में जैसे (शादी का कार्ड) आदि आवश्यक रुप से प्राप्त कर आरक्षण संबंधी दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे, जिससे कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो सके। यह ध्यान देने योग्य है कि मतदाताओं को प्रलोभित करने के लिए कोई नकली पार्टी गठित न कर लें। किसी प्रकार के संदेहास्पद आरक्षण की रिपोर्ट आयकर विभाग को भेजी जाएगी। पूजा स्थानों के बाहर ‘अन्नदानम’ की आड़ में मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। यदि निर्वाचन के पूर्व दिन भोजन, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये बांटा गया है तो यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 एवं भारतीय दंड संहिता के अध्याय 9-क के प्रावधानों के संदर्भ में भ्रष्ट आचरण व निर्वाचन अपराध है। बड़े पैमाने पर भोजन खिलाने पर कोई संदेह होने की स्थिति में तदनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी निर्वाचकों को लुभाने के लिए धार्मिक संस्थानों में सामुदायिक भोजों (लंगर, भोज इत्यादि) तथा कर्मकांड धर्मानुष्ठानों जैसे शादी, मुत्यु भोज में भाग लेता है तो आयोग के निर्देशानुसार सामाजिक समारोह पर किए गए व्यय को अभ्यर्थी के चुनाव व्यय के रुप में माना जाएगा। निर्वाचन आयोग के क्रम में फ्लाइंग स्क्वायड/स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य अधिबकारी तैनात रहेगें, जो सतर्क दृष्टि रखते हुए कार्रवाई करेंगे। उन्होंने होटल संचालकों एवं संस्था प्रतिनिधियों से आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में सहयोग करने को कहा है।
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सोमवार को उप जिला मजिस्ट्रेट/निर्वाचन अधिकारी रमेश चंद्र ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि ललितपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत विवाह/सामुदायिक भवनों या बड़े हालों को उपहार सामग्री (धोती/साड़ी)/भोजन/मदिरा आदि के प्रयोग के लिए वर्जित किया गया है। संचालक बुकिंग के प्रयोजन से उसके साक्ष्य के रुप में जैसे (शादी का कार्ड) आदि आवश्यक रुप से प्राप्त कर आरक्षण संबंधी दैनिक रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे, जिससे कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो सके। यह ध्यान देने योग्य है कि मतदाताओं को प्रलोभित करने के लिए कोई नकली पार्टी गठित न कर लें। किसी प्रकार के संदेहास्पद आरक्षण की रिपोर्ट आयकर विभाग को भेजी जाएगी। पूजा स्थानों के बाहर ‘अन्नदानम’ की आड़ में मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। यदि निर्वाचन के पूर्व दिन भोजन, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये बांटा गया है तो यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 एवं भारतीय दंड संहिता के अध्याय 9-क के प्रावधानों के संदर्भ में भ्रष्ट आचरण व निर्वाचन अपराध है। बड़े पैमाने पर भोजन खिलाने पर कोई संदेह होने की स्थिति में तदनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि निर्वाचन लड़ने वाला अभ्यर्थी निर्वाचकों को लुभाने के लिए धार्मिक संस्थानों में सामुदायिक भोजों (लंगर, भोज इत्यादि) तथा कर्मकांड धर्मानुष्ठानों जैसे शादी, मुत्यु भोज में भाग लेता है तो आयोग के निर्देशानुसार सामाजिक समारोह पर किए गए व्यय को अभ्यर्थी के चुनाव व्यय के रुप में माना जाएगा। निर्वाचन आयोग के क्रम में फ्लाइंग स्क्वायड/स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य अधिबकारी तैनात रहेगें, जो सतर्क दृष्टि रखते हुए कार्रवाई करेंगे। उन्होंने होटल संचालकों एवं संस्था प्रतिनिधियों से आदर्श आचार संहिता के अनुपालन में सहयोग करने को कहा है।
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