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आसरा के 94 आवासों का खुलेगा ताला
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बुढवार रोड़ स्थित आसरा आवास कॉलोनी
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। बुढ़वार रोड पर बनी आसरा कॉलोनी में 158 लोगों को आवास आवंटित किए गए थे, लेकिन इनमें से सिर्फ 41 लोग ही निवास कर रहे हैं। बाकी लोगों का कोई अता-पता नहीं है। वर्ष 2018 में आवंटित आवासों में 94 आवास ऐसे मिले हैं, जिनका ताला आज तक नहीं खुला है। इनकी जांच कर सभी को अपना पक्ष रखने के लिए 25 जून तक मौका दिया गया है।
जिलाधिकारी को जानकारी मिली थी कि आसरा कॉलोनी में बहुत से ऐसे आवंटी हैं, जो अपने आवासों में नहीं रह रहे हैं। इस पर उन्होंने जांच कराने का निर्णय लिया और कमेटी गठित की। कमेटी में एसडीएम सदर गजल भारद्वाज, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और परियोजना अधिकारी डूडा राजीव शुक्ला को शामिल किया गया। जांच के दौरान पता चला कि जिन पात्रों और जरूरतमंद गरीबों के लिए आवास बनवाए गए हैं, उनमें से 94 तो 2018 से अब तक इन आवासों में रहने के लिए आए ही नहीं हैं। इन आवासों का ताला तक नहीं खुला है। केवल 41 लोग आवासों में निवासरत पाए गए है। छह लोग ऐसे भी मिले, जो अनाधिकृत रूप से किराएदार बनकर कॉलोनी में रह रहे हैं। 17 लोग ऐसे थे, जिन्होंने आवास लेने से इंकार कर दिया, क्योंकि उनका प्रधानमंत्री आवासा योजना (शहरी) के अंतर्गत आवास बन चुका है और वह उसी आवास में रह रहे हैं।
आवंटन के समय से 94 आवंटी अपने आवासों में निवास नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह अपात्र प्रतीत हो रहे हैं। ऐसे आवंटियों की सूची जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। संबंधित लाभार्थी पात्रता के संबंध में अपना दावा 25 जून तक कर सकते हैं, अन्यथा अपात्र मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में 94 आवास ऐसे मिले, जिनमें ताला पड़ा मिला। यह आवास अब तक खुले ही नहीं हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इनमें रह नहीं रहा है। अब 25 जून तक का इनके लिए मौका है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव शुक्ला, परियोजना अधिकारी (डूडा)
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जिलाधिकारी को जानकारी मिली थी कि आसरा कॉलोनी में बहुत से ऐसे आवंटी हैं, जो अपने आवासों में नहीं रह रहे हैं। इस पर उन्होंने जांच कराने का निर्णय लिया और कमेटी गठित की। कमेटी में एसडीएम सदर गजल भारद्वाज, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और परियोजना अधिकारी डूडा राजीव शुक्ला को शामिल किया गया। जांच के दौरान पता चला कि जिन पात्रों और जरूरतमंद गरीबों के लिए आवास बनवाए गए हैं, उनमें से 94 तो 2018 से अब तक इन आवासों में रहने के लिए आए ही नहीं हैं। इन आवासों का ताला तक नहीं खुला है। केवल 41 लोग आवासों में निवासरत पाए गए है। छह लोग ऐसे भी मिले, जो अनाधिकृत रूप से किराएदार बनकर कॉलोनी में रह रहे हैं। 17 लोग ऐसे थे, जिन्होंने आवास लेने से इंकार कर दिया, क्योंकि उनका प्रधानमंत्री आवासा योजना (शहरी) के अंतर्गत आवास बन चुका है और वह उसी आवास में रह रहे हैं।
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आवंटन के समय से 94 आवंटी अपने आवासों में निवास नहीं कर रहे हैं। ऐसे में वह अपात्र प्रतीत हो रहे हैं। ऐसे आवंटियों की सूची जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। संबंधित लाभार्थी पात्रता के संबंध में अपना दावा 25 जून तक कर सकते हैं, अन्यथा अपात्र मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में 94 आवास ऐसे मिले, जिनमें ताला पड़ा मिला। यह आवास अब तक खुले ही नहीं हैं। ऐसे में कोई भी व्यक्ति इनमें रह नहीं रहा है। अब 25 जून तक का इनके लिए मौका है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव शुक्ला, परियोजना अधिकारी (डूडा)