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महिला ने तालाब में कूदकर जान देने का किया प्रयास
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A women jump in pond
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत एक मोहल्ला निवासी महिला ने दो वर्षीय मासूम बच्ची को सुम्मेरा तालाब किनारे स्थित मंदिर पर बैठाकर तालाब में कूूदकर जान देने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने तालाब में उतरकर महिला की जान बचाई। कोतवाली पुलिस मौके पर गई और महिला को उसकी ससुराल भेज दिया।
मोहल्ला गांधीनगर नईबस्ती निवासी कल्पना (35) शुक्रवार को अपनी दो वर्षीय बेटी को लेकर नामदेव मंदिर के पास पहुंची, जहां उसने सुम्मेरा तालाब के एक घाट पर हनुमानजी मंदिर के पास अपनी दो वर्षीय पुत्री को बैठा दिया और वहीं उसने मोबाइल फोन रख दिया। इसके बाद तालाब के घाट की सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए सीधे तालाब में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोग पहले तो महिला का स्नान करना जान रहे थे, लेकिन जब महिला कुछ देर बाहर नहीं आई तो उन्हें माजरा समझने में देर नहीं लगी और वहां मौजूद श्री दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय के कमलेश चौधरी, अधिवक्ता पवन तिवारी, राजेश दुबे आदि बिना देरी किए तालाब में कूद गए और महिला को तालाब से बाहर निकाला। महिला तब तक बेहोश हो गई थी। कुछ देर में उसे होश आया तो वह थोड़ी देर तक शांत रही, फिर रोने लगी। महिला ने बताया कि उसकी एक बच्ची है। उसके पुत्र नहीं होने के कारण परिवार में कलह होता है। एक वर्ष से अपने मायके में रह रही है।
बाद में बचाने वाले लोगों ने पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिला से मिले मोबाइल नंबर से पति को बुलाकर महिला को उसे सौंप दिया और हिदायत दी कि वह आगे से महिला को किसी प्रकार से परेशान न करें।
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--महिला घरेलू कलह की वजह से परेशान थी और वह एक वर्ष से अपने मायके में रह रही थी। फिलहाल उसके पति को बुलाकर महिला को उसे सौंप दिया है।
- संजय कुमार शुक्ल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली
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मोहल्ला गांधीनगर नईबस्ती निवासी कल्पना (35) शुक्रवार को अपनी दो वर्षीय बेटी को लेकर नामदेव मंदिर के पास पहुंची, जहां उसने सुम्मेरा तालाब के एक घाट पर हनुमानजी मंदिर के पास अपनी दो वर्षीय पुत्री को बैठा दिया और वहीं उसने मोबाइल फोन रख दिया। इसके बाद तालाब के घाट की सीढ़ियों से नीचे उतरते हुए सीधे तालाब में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोग पहले तो महिला का स्नान करना जान रहे थे, लेकिन जब महिला कुछ देर बाहर नहीं आई तो उन्हें माजरा समझने में देर नहीं लगी और वहां मौजूद श्री दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय के कमलेश चौधरी, अधिवक्ता पवन तिवारी, राजेश दुबे आदि बिना देरी किए तालाब में कूद गए और महिला को तालाब से बाहर निकाला। महिला तब तक बेहोश हो गई थी। कुछ देर में उसे होश आया तो वह थोड़ी देर तक शांत रही, फिर रोने लगी। महिला ने बताया कि उसकी एक बच्ची है। उसके पुत्र नहीं होने के कारण परिवार में कलह होता है। एक वर्ष से अपने मायके में रह रही है।
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बाद में बचाने वाले लोगों ने पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी, जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिला से मिले मोबाइल नंबर से पति को बुलाकर महिला को उसे सौंप दिया और हिदायत दी कि वह आगे से महिला को किसी प्रकार से परेशान न करें।
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--महिला घरेलू कलह की वजह से परेशान थी और वह एक वर्ष से अपने मायके में रह रही थी। फिलहाल उसके पति को बुलाकर महिला को उसे सौंप दिया है।
- संजय कुमार शुक्ल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली