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खुले में शौच से मुक्ति को बढ़ा एक कदम
Lalitpur
Updated Tue, 28 Jun 2016 01:14 AM IST
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खुले में शौच से मुक्ति को बढ़ा एक कदम
- फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। खुले में शौच से मुक्ति के लिए एक कदम और बड़ा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी क्षेत्र में बनने वाले घरेलू शौचालयों के तहत केंद्र सरकार ने नगर में 1,918 लाभार्थियों के लिए अनुदान राशि की पहली किश्त जारी कर दी है। नगर पालिका द्वारा जल्द ही लाभार्थियों के खाते में पैसे भेजे जाएंगे।
शौचालय विहीन परिवारों में शौचालय निर्माण कराने के लिए भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार चार-चार हजार रुपये की अनुदान राशि दे रही है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में शौचालय निर्माण के लिए भारत सरकार ने 1,918 लाभार्थियों को दो हजार रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। शहर के कुल 4,187 परिवारों ने शौचालय निर्माण के आवेदन किया है। इसमें से नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा अब तक 2,487 आवेदकों का सत्यापन कर लिया गया था, इस दौरान 562 आवेदकों को अपात्र व 1,925 आवेदकों को पात्र पाया गया था। पात्र आवेदकों में नगर पालिका ने 1,918 आवेदकों का ब्यौरा शासन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया था। इसी आधार पर भारत सरकार ने 1,918 लाभार्थियों को प्रथम किश्त जारी की है।
वार्ड नंबर 11 का खाता रहा शून्य
वार्ड नंबर 11 मुहल्ला रावतयाना द्वितीय के 221 परिवारों ने शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नगर पालिका द्वारा अब तक इस वार्ड के किसी भी आवेदन का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया है। इससे यहां के किसी भी परिवार को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसके पीछे नगर पालिका की लापरवाही उजागर हो रही है।
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17 परिवारों ने दिखाई जागरुकता
वित्तीय वर्ष 2015-16 में शहर के मात्र 21 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया था। उक्त लाभार्थियों को दो-दो हजार रुपए की पहली किश्त जारी की गई। इन लाभार्थियों में से 17 परिवारों ने इस अभियान के तहत अपनी जागरूकता दिखाते हुए, बिना अनुदान राशि का इंतजार किए ही अपने पैसों से शौचालयों का पूर्ण निर्माण कर लिया है।
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शौचालय विहीन परिवारों में शौचालय निर्माण कराने के लिए भारत सरकार व उत्तर प्रदेश सरकार चार-चार हजार रुपये की अनुदान राशि दे रही है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में शौचालय निर्माण के लिए भारत सरकार ने 1,918 लाभार्थियों को दो हजार रुपये की पहली किश्त जारी कर दी है। शहर के कुल 4,187 परिवारों ने शौचालय निर्माण के आवेदन किया है। इसमें से नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा अब तक 2,487 आवेदकों का सत्यापन कर लिया गया था, इस दौरान 562 आवेदकों को अपात्र व 1,925 आवेदकों को पात्र पाया गया था। पात्र आवेदकों में नगर पालिका ने 1,918 आवेदकों का ब्यौरा शासन की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया था। इसी आधार पर भारत सरकार ने 1,918 लाभार्थियों को प्रथम किश्त जारी की है।
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वार्ड नंबर 11 का खाता रहा शून्य
वार्ड नंबर 11 मुहल्ला रावतयाना द्वितीय के 221 परिवारों ने शौचालय निर्माण के लिए अनुदान राशि का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नगर पालिका द्वारा अब तक इस वार्ड के किसी भी आवेदन का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया है। इससे यहां के किसी भी परिवार को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसके पीछे नगर पालिका की लापरवाही उजागर हो रही है।
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17 परिवारों ने दिखाई जागरुकता
वित्तीय वर्ष 2015-16 में शहर के मात्र 21 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया था। उक्त लाभार्थियों को दो-दो हजार रुपए की पहली किश्त जारी की गई। इन लाभार्थियों में से 17 परिवारों ने इस अभियान के तहत अपनी जागरूकता दिखाते हुए, बिना अनुदान राशि का इंतजार किए ही अपने पैसों से शौचालयों का पूर्ण निर्माण कर लिया है।