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ताले में कैद भविष्य: अध्यापकों के बिना सूना पड़ा प्राथमिक विद्यालय

Sat, 12 Sep 2026 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:54 AM IST
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A Future Locked Away: Primary School Stands Deserted Without Teachers
बार( ललितपुर)। शासन के शिक्षा सुधार के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत अलग है। बार क्षेत्र के ग्राम बस्तगुवां के प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे तक विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और पूरा दिन अध्यापक विहीन रहा।
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विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता ने मानवता दिखाते हुए मुख्य गेट खोला। हालांकि, पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। पूरे दिन 103 मासूम बच्चे विद्यालय परिसर में खेलते-कूदते रहे। बिना पढ़ाई के ही वे सभी बच्चे अपने घर लौट गए। प्राथमिक विद्यालय बस्तगुवां में कुल 103 बच्चों का नामांकन है। इन पर 2 अध्यापिकाएं और एक शिक्षा मित्र तैनात हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक आकांक्षा चिकित्सा अवकाश पर हैं। दूसरी अध्यापिका शिखा शर्मा प्रसव अवकाश पर चल रही हैं। एकमात्र शिक्षा मित्र काशी लाल 9 से 14 सितंबर 2026 तक बीआरसी बार में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन प्रशिक्षण में गए हुए हैं।
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शिक्षकों की कमी और ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति आज की नहीं है। पिछले सात महीनों से विद्यालय एकमात्र शिक्षा मित्र के भरोसे चल रहा है। वही शिक्षा मित्र शिक्षण कार्य, अंकपत्र बनाना और टीसी बनाने जैसे सभी कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार एबीएसए बार से स्थायी अध्यापक तैनात करने की मांग की है। लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। यह मामला अब सामाजिक माध्यम पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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दो अध्यापिकाएं छुट्टी पर और शिक्षा मित्र प्रशिक्षण में थे। वंदना ताम्रकार को अस्थायी कार्य हेतु शाम को समूह से सूचना दी गई थी। अध्यापक द्वारा समूह न देखने के कारण वह गढ़िया में रुक गईं। अधिकारियों को जानकारी मिलने पर तुरंत विद्यालय खुलवाया गया।-शैलजा व्यास, खंड शिक्षा अधिकारी
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